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Rampur Bushahar News: नेरवा में बाहरी टैक्सियां से लग रहा जाम
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नो पार्किंग वाले स्थान पर खड़ी शिलाई से शिमला जाने वाली टैक्सियां। संवाद
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स्कूल टाइम में बढ़ती समस्या, परिवहन निगम को भी हो रहा नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। सिरमौर जिले से वाया नेरवा-शिमला जाने वाली टैक्सियां नेरवा बाजार में लगने वाले जाम का कारण बन रही हैं। एक दर्जन से अधिक टैक्सियां प्रति दिन शिमला और नेरवा से सिरमौर जाती हैं।
अधिकतर टैक्सियां सिरमौर के शिलाई से चलती हैं। इनका नेरवा पहुंचने का समय सुबह 9 से 11 बजे के बीच है। इस समय नेरवा बाजार में स्कूली बच्चों और काम से नेरवा आने वाले लोगों की भी भीड़ होती है। इसी समय टैक्सियां भी सवारियां उतारने-चढ़ाने के लिए पुराने बस अड्डे के समीप वाले बाजार में खड़ी हो जाती हैं। कई बार तो आठ से दस टैक्सियां इकट्ठी खड़ी हो जाती हैं। इसके चलते अक्सर जाम लगा रहता है। पुलिस वालों के चालान करने के बावजूद टैक्सी चालक यहां पर एक घंटा भर डटे रहते हैं।
बीते वर्ष स्थानीय टैक्सी यूनियन ने नेरवा थाने में आयोजित हुई सड़क सुरक्षा सप्ताह की बैठक में यह मुद्दा उठाया था। बाहर से आने वाली टैक्सियों से न केवल नेरवा बाजार में जाम ही लगता है अपितु यह हिमाचल पथ परिवहन निगम को भी लाखों का चूना लगा रही हैं। इस विषय में हिमाचल पथ परिवहन निगम के नेरवा डिपो के ट्रैफिक मैनेजर अनिल शर्मा ने बताया कि नियमानुसार नेरवा से सवारियां उतार चढ़ा नहीं सकती हैं, लेकिन परिवहन निगम के पास इन्हें चेक करने की शक्तियां नहीं है। यह पावर आरटीओ के पास होती है।
उन्होंने बताया कि इनसे परिवहन निगम को हो रही राजस्व की हानि के चलते इनकी शिकायत आरटीओ को करने का निर्णय लिया गया है। शीघ्र ही लिखित शिकायत कर इन पर अंकुश लगाने की मांग की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। सिरमौर जिले से वाया नेरवा-शिमला जाने वाली टैक्सियां नेरवा बाजार में लगने वाले जाम का कारण बन रही हैं। एक दर्जन से अधिक टैक्सियां प्रति दिन शिमला और नेरवा से सिरमौर जाती हैं।
अधिकतर टैक्सियां सिरमौर के शिलाई से चलती हैं। इनका नेरवा पहुंचने का समय सुबह 9 से 11 बजे के बीच है। इस समय नेरवा बाजार में स्कूली बच्चों और काम से नेरवा आने वाले लोगों की भी भीड़ होती है। इसी समय टैक्सियां भी सवारियां उतारने-चढ़ाने के लिए पुराने बस अड्डे के समीप वाले बाजार में खड़ी हो जाती हैं। कई बार तो आठ से दस टैक्सियां इकट्ठी खड़ी हो जाती हैं। इसके चलते अक्सर जाम लगा रहता है। पुलिस वालों के चालान करने के बावजूद टैक्सी चालक यहां पर एक घंटा भर डटे रहते हैं।
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बीते वर्ष स्थानीय टैक्सी यूनियन ने नेरवा थाने में आयोजित हुई सड़क सुरक्षा सप्ताह की बैठक में यह मुद्दा उठाया था। बाहर से आने वाली टैक्सियों से न केवल नेरवा बाजार में जाम ही लगता है अपितु यह हिमाचल पथ परिवहन निगम को भी लाखों का चूना लगा रही हैं। इस विषय में हिमाचल पथ परिवहन निगम के नेरवा डिपो के ट्रैफिक मैनेजर अनिल शर्मा ने बताया कि नियमानुसार नेरवा से सवारियां उतार चढ़ा नहीं सकती हैं, लेकिन परिवहन निगम के पास इन्हें चेक करने की शक्तियां नहीं है। यह पावर आरटीओ के पास होती है।
उन्होंने बताया कि इनसे परिवहन निगम को हो रही राजस्व की हानि के चलते इनकी शिकायत आरटीओ को करने का निर्णय लिया गया है। शीघ्र ही लिखित शिकायत कर इन पर अंकुश लगाने की मांग की जाएगी।