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लिप्पा में एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी शुरू नहीं हुआ राहत कार्य : सूरत सिंह
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विकास निगम के पूर्व उपाध्यक्ष ने राहत कार्य शुरू न होने पर प्रशासन को घेरा
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर जिले के पूह ब्लॉक के लिप्पा गांव में भारी बारिश के कारण बाढ़ से गंभीर नुकसान हुआ है। एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी राहत कार्य शुरू नहीं हो सका है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। यह बात वन विकास निगम के पूर्व उपाध्यक्ष सूरत नेगी ने कही। उन्होंने गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने बताया कि बाढ़ से गांव का मुख्य पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। बाढ़ के मलबे से गांव के पास एक कृत्रिम झील बन गई है। जिला प्रशासन को पहले ही झील बनने की सूचना दी गई थी। उन्होंने तुरंत जेसीबी लगाकर मलबा हटाने की मांग की थी। नेगी ने चेतावनी दी कि अगर मलबा नहीं हटाया गया, तो दो-तीन घरों को सीधा खतरा है। दोबारा बारिश होने पर पूरा गांव मलबे की चपेट में आ सकता है। उन्होंने दुख व्यक्त किया कि प्रशासन ने अभी तक कोई राहत कार्य शुरू नहीं किया है।
नेगी ने कासंग हाइड्रो प्रोजेक्ट की लापरवाही को भी तबाही का कारण बताया। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट के टनल निर्माण से निकलने वाले मलबे के निस्तारण के लिए एचपीसीएल ने कोई स्थान तय नहीं किया। इसी लापरवाही के कारण मलबा नदी-नालों में समा गया, जिससे पानी रुक गया और यह गंभीर स्थिति पैदा हुई। उन्होंने एचपीसीएल प्रबंधन से तुरंत समस्या का समाधान करने को कहा, अन्यथा कड़ा रुख अपनाने की चेतावनी दी। नेगी के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष यशवंत, जिला परिषद के उपाध्यक्ष, जिला परिषद सदस्य धनमाला, मंडल अध्यक्ष जीत राम, स्थानीय प्रधान युक्ति नेगी और उपप्रधान लकी भी मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। किन्नौर जिले के पूह ब्लॉक के लिप्पा गांव में भारी बारिश के कारण बाढ़ से गंभीर नुकसान हुआ है। एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी राहत कार्य शुरू नहीं हो सका है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। यह बात वन विकास निगम के पूर्व उपाध्यक्ष सूरत नेगी ने कही। उन्होंने गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने बताया कि बाढ़ से गांव का मुख्य पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। बाढ़ के मलबे से गांव के पास एक कृत्रिम झील बन गई है। जिला प्रशासन को पहले ही झील बनने की सूचना दी गई थी। उन्होंने तुरंत जेसीबी लगाकर मलबा हटाने की मांग की थी। नेगी ने चेतावनी दी कि अगर मलबा नहीं हटाया गया, तो दो-तीन घरों को सीधा खतरा है। दोबारा बारिश होने पर पूरा गांव मलबे की चपेट में आ सकता है। उन्होंने दुख व्यक्त किया कि प्रशासन ने अभी तक कोई राहत कार्य शुरू नहीं किया है।
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नेगी ने कासंग हाइड्रो प्रोजेक्ट की लापरवाही को भी तबाही का कारण बताया। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट के टनल निर्माण से निकलने वाले मलबे के निस्तारण के लिए एचपीसीएल ने कोई स्थान तय नहीं किया। इसी लापरवाही के कारण मलबा नदी-नालों में समा गया, जिससे पानी रुक गया और यह गंभीर स्थिति पैदा हुई। उन्होंने एचपीसीएल प्रबंधन से तुरंत समस्या का समाधान करने को कहा, अन्यथा कड़ा रुख अपनाने की चेतावनी दी। नेगी के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष यशवंत, जिला परिषद के उपाध्यक्ष, जिला परिषद सदस्य धनमाला, मंडल अध्यक्ष जीत राम, स्थानीय प्रधान युक्ति नेगी और उपप्रधान लकी भी मौजूद रहे।
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