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Rampur Bushahar News: किन्नौर के रल्ली में पहाड़ से गिरी चट्टानें, एनएच-5 बंद
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पहाड़ से लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण एनएच बहाली का कार्य नहीं हो पाया शुरू, जिला मुख्यालय रिकांगपिओ सहित पूह, काजा, स्पीति का कटा संपर्क
60 मीटर एनएच पर लगा मलबे का ढेर, आवाजाही थमने से यात्रियों की परेशानियां बढ़ीं
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले के रल्ली में रविवार शाम को लाल ढांक में पहाड़ी से भारी-भरकम चट्टानें गिरीं। भूस्खलन के कारण नेशनल हाईवे-5 यातायात के लिए अवरुद्ध हो गया। पहाड़ी से लगातार पत्थरों और चट्टानों के दरकने से एनएच को बहाल करना भी चुनौतियों भरा बना हुआ है। भारी भूस्खलन के कारण करीब 60 मीटर सड़क पर मलबे का ढेर लग गया है। एनएच बाधित होने से जिला मुख्यालय रिकांगपिओ सहित पूह, काजा और स्पीति वैली का संपर्क कट गया है।
किन्नौर जिले के नेशनल हाईवे-5 रल्ली के समीप लाल ढांक में रविवार शाम करीब 5:15 बजे पहाड़ी से अचानक भूस्खलन का सिलसिला शुरू हो गया। पहाड़ी से चट्टानें और मलबा गिरने का क्रम देर शाम तक जारी रहा, जिस कारण प्रभावित स्थल पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लग गई। सड़क पर करीब 60 मीटर इलाका भूस्खलन से ढक गया है। पहाड़ी से बढ़े खतरे को देखते हुए अभी यातायात बहाली के कार्य भी शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि एनएचएआई ने मौके पर मशीनें और मजदूर तैनात किए हैं, लेकिन पहाड़ी से शूटिंग स्टोनों के गिरने से यातायात बहाली जोखिमों भरी बनी हुई है। अब एनएचएआई स्थिति सही होने का इंतजार कर रही है और इसके बाद ही सड़क से मलबा हटाने का कार्य शुरू होगा। एनएच बंद होने के कारण जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से रामपुर और शिमला का संपर्क कट गया है। वहीं उपमंडल पूह, काजा और स्पीति वैली के लोगों की भी आवाजाही थम गई है। उम्मीद लगाई जा रही है कि अब सोमवार को ही यातायात बहाली संभव हो पाएगी।
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एनएचएआई के कनिष्ठ अभियंता सतीश जोशी ने बताया कि भारी-भरकम चट्टानें और मलबा आने के कारण एनएच 5 बंद हो गया है। पहाड़ी से भूस्खलन का सिलसिला लगातार जारी है, जिस कारण सड़क बहाली जोखिमों भरी बनी हुई है। स्थिति सामान्य होते ही एनएच को बहाल करने का कार्य शुरू किया जाएगा।
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60 मीटर एनएच पर लगा मलबे का ढेर, आवाजाही थमने से यात्रियों की परेशानियां बढ़ीं
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले के रल्ली में रविवार शाम को लाल ढांक में पहाड़ी से भारी-भरकम चट्टानें गिरीं। भूस्खलन के कारण नेशनल हाईवे-5 यातायात के लिए अवरुद्ध हो गया। पहाड़ी से लगातार पत्थरों और चट्टानों के दरकने से एनएच को बहाल करना भी चुनौतियों भरा बना हुआ है। भारी भूस्खलन के कारण करीब 60 मीटर सड़क पर मलबे का ढेर लग गया है। एनएच बाधित होने से जिला मुख्यालय रिकांगपिओ सहित पूह, काजा और स्पीति वैली का संपर्क कट गया है।
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किन्नौर जिले के नेशनल हाईवे-5 रल्ली के समीप लाल ढांक में रविवार शाम करीब 5:15 बजे पहाड़ी से अचानक भूस्खलन का सिलसिला शुरू हो गया। पहाड़ी से चट्टानें और मलबा गिरने का क्रम देर शाम तक जारी रहा, जिस कारण प्रभावित स्थल पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लग गई। सड़क पर करीब 60 मीटर इलाका भूस्खलन से ढक गया है। पहाड़ी से बढ़े खतरे को देखते हुए अभी यातायात बहाली के कार्य भी शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि एनएचएआई ने मौके पर मशीनें और मजदूर तैनात किए हैं, लेकिन पहाड़ी से शूटिंग स्टोनों के गिरने से यातायात बहाली जोखिमों भरी बनी हुई है। अब एनएचएआई स्थिति सही होने का इंतजार कर रही है और इसके बाद ही सड़क से मलबा हटाने का कार्य शुरू होगा। एनएच बंद होने के कारण जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से रामपुर और शिमला का संपर्क कट गया है। वहीं उपमंडल पूह, काजा और स्पीति वैली के लोगों की भी आवाजाही थम गई है। उम्मीद लगाई जा रही है कि अब सोमवार को ही यातायात बहाली संभव हो पाएगी।
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एनएचएआई के कनिष्ठ अभियंता सतीश जोशी ने बताया कि भारी-भरकम चट्टानें और मलबा आने के कारण एनएच 5 बंद हो गया है। पहाड़ी से भूस्खलन का सिलसिला लगातार जारी है, जिस कारण सड़क बहाली जोखिमों भरी बनी हुई है। स्थिति सामान्य होते ही एनएच को बहाल करने का कार्य शुरू किया जाएगा।