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Rampur Bushahar News: श्रीखंड यात्रा मार्ग की सुरक्षा जांच शुरू, प्रशासन ने बनाई विशेषज्ञ समिति
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संयुक्त समिति की रिपोर्ट के बाद होगा यात्रा पर फैसला
भीमद्वारी से पार्वती बाग के सबसे संवेदनशील हिस्सों का करेगी निरीक्षण
एक सप्ताह में जिला दंडाधिकारी को सौंपी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। श्रीखंड महादेव यात्रा-2026 के मार्ग की सुरक्षा का आकलन करने के लिए जिला प्रशासन ने संयुक्त निरीक्षण समिति का गठन किया है। श्रद्धालुओं की आस्था और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जिला दंडाधिकारी अनुराग चंद्र शर्मा ने इस उच्च स्तरीय समिति के गठन के आदेश जारी किए हैं।
समिति भीमद्वारी से पार्वती बाग तक के सबसे संवेदनशील मार्ग का विस्तृत भौतिक निरीक्षण करेगी और एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट जिला दंडाधिकारी को सौंपेगी। रिपोर्ट में यह भी आकलन किया जाएगा कि यात्रा के लिए कोई सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग विकसित किया जा सकता है या नहीं।
यदि मार्ग यात्रा के लिए सुरक्षित पाया जाता है तो समिति प्रतिदिन अनुमति प्राप्त तीर्थयात्रियों की अधिकतम संख्या, यात्रा की सुरक्षित अवधि, आवश्यक लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं तथा आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल संबंधी सिफारिशें भी देगी।
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उल्लेखनीय है कि इससे पहले अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान, मनाली और वन विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट में भीमद्वारी से पार्वती बाग के बीच का मार्ग अत्यधिक जोखिमपूर्ण बताया गया था। इसके बाद यात्रा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया था। हालांकि, बाद में धार्मिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने यात्रा दोबारा शुरू करने की मांग उठाई, जिसके बाद प्रशासन ने संयुक्त निरीक्षण कराने का निर्णय लिया।
समिति की अध्यक्षता एसडीएम निरमंड करेंगे। इसमें अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान, मनाली के विशेषज्ञों के अलावा राजस्व और वन विभाग के प्रतिनिधि शामिल होंगे। श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट तथा श्रीखंड क्षेत्रीय संगठन, चायल (जुआगी) के प्रतिनिधियों को भी समिति में शामिल किया गया है।
जिला दंडाधिकारी अनुराग चंद्र शर्मा ने कहा कि तीर्थयात्रियों, स्वयंसेवकों और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति की तकनीकी रिपोर्ट, मौसम की स्थिति और भूस्खलन के जोखिम की समीक्षा के बाद ही यात्रा के संचालन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने एसडीएम निरमंड को निर्देश दिए हैं कि केवल उन्हीं टेंट संचालकों को पास जारी किए जाएं, जिन्होंने यात्रा मार्ग पर अपने अस्थायी शिविर स्थापित कर टेंटों की पुनर्व्यवस्था पूरी कर ली है।
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भीमद्वारी से पार्वती बाग के सबसे संवेदनशील हिस्सों का करेगी निरीक्षण
एक सप्ताह में जिला दंडाधिकारी को सौंपी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। श्रीखंड महादेव यात्रा-2026 के मार्ग की सुरक्षा का आकलन करने के लिए जिला प्रशासन ने संयुक्त निरीक्षण समिति का गठन किया है। श्रद्धालुओं की आस्था और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जिला दंडाधिकारी अनुराग चंद्र शर्मा ने इस उच्च स्तरीय समिति के गठन के आदेश जारी किए हैं।
समिति भीमद्वारी से पार्वती बाग तक के सबसे संवेदनशील मार्ग का विस्तृत भौतिक निरीक्षण करेगी और एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट जिला दंडाधिकारी को सौंपेगी। रिपोर्ट में यह भी आकलन किया जाएगा कि यात्रा के लिए कोई सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग विकसित किया जा सकता है या नहीं।
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यदि मार्ग यात्रा के लिए सुरक्षित पाया जाता है तो समिति प्रतिदिन अनुमति प्राप्त तीर्थयात्रियों की अधिकतम संख्या, यात्रा की सुरक्षित अवधि, आवश्यक लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं तथा आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल संबंधी सिफारिशें भी देगी।
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उल्लेखनीय है कि इससे पहले अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान, मनाली और वन विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट में भीमद्वारी से पार्वती बाग के बीच का मार्ग अत्यधिक जोखिमपूर्ण बताया गया था। इसके बाद यात्रा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया था। हालांकि, बाद में धार्मिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने यात्रा दोबारा शुरू करने की मांग उठाई, जिसके बाद प्रशासन ने संयुक्त निरीक्षण कराने का निर्णय लिया।
समिति की अध्यक्षता एसडीएम निरमंड करेंगे। इसमें अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान, मनाली के विशेषज्ञों के अलावा राजस्व और वन विभाग के प्रतिनिधि शामिल होंगे। श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट तथा श्रीखंड क्षेत्रीय संगठन, चायल (जुआगी) के प्रतिनिधियों को भी समिति में शामिल किया गया है।
जिला दंडाधिकारी अनुराग चंद्र शर्मा ने कहा कि तीर्थयात्रियों, स्वयंसेवकों और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति की तकनीकी रिपोर्ट, मौसम की स्थिति और भूस्खलन के जोखिम की समीक्षा के बाद ही यात्रा के संचालन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने एसडीएम निरमंड को निर्देश दिए हैं कि केवल उन्हीं टेंट संचालकों को पास जारी किए जाएं, जिन्होंने यात्रा मार्ग पर अपने अस्थायी शिविर स्थापित कर टेंटों की पुनर्व्यवस्था पूरी कर ली है।