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Rampur Bushahar News: तकलेच में वर्षों बाद भी सिरे नहीं चढ़ी सीवरेज योजना
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वर्षों बाद भी सीवरेज प्रणाली से नहीं जुड़ पाया तकलेच कस्बा। संवाद
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उप तहसील में बढ़ रही आबादी, खड्ड में ठिकाने लग रही सीवरेज की गंदगी
धीमी गति से चल रहे निर्माण को लेकर ग्रामीणों में रोष
दो साल पहले शुरू हुआ कार्य अभी तक नहीं हो पाया पूरा, 14 करोड़ से बन रही योजना
तकलेच कस्बे के 300 घरों को जोड़ने की है योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार कई योजनाएं चला रही हैं। ग्रामीण इलाकों की कई योजनाएं सरकार और विभागीय अनदेखी के कारण समय रहते धरातल पर नहीं उतर पा रहीं। रामपुर की उप तहसील तकलेच को सीवरेज प्रणाली से जोड़ने की योजना दो दशक से सिरे नहीं चढ़ पाई है। दो साल पहले जल शक्ति विभाग ने योजना का निर्माण कार्य तो शुरू किया, लेकिन धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्य के चलते इस योजना का ग्रामीणों को समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा। आलम यह है कि तकलेच कस्बे की आबादी लगातार बढ़ रही है। इसके चलते गंदगी की समस्या भी बढ़ती जा रही है। क्षेत्र के नदी-नालों में सीवरेज की गंदगी ठिकाने लग रही है। जल शक्ति विभाग ने दो वर्ष पूर्व तकलेच में सीवरेज प्रणाली का निर्माण शुरू किया था। नाबार्ड के तहत बन रही इस सीवरेज प्रणाली पर करीब 14 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है। योजना से उप तहसील के करीब 300 कनेक्शन जोड़े जाने हैं, जिससे हजारों की आबादी को लाभ मिलेगा। बढ़ती आबादी के साथ साथ तकलेच में सीवरेज और कचरा प्रबंधन अहम चुनौती बना हुआ है। छह पंचायतों के मुख्यालय में उप तहसील कार्यालय, अस्पताल, जल शक्ति विभाग, पुलिस चौकी, वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला समेत अन्य विभागों के कार्यालयों सहित हजारों की आबादी है, लेकिन सीवरेज प्रणाली से न जुड़ने के कारण गंदगी नदी-नालों में ठिकाने लग रही है। सीवरेज प्रणाली के अभाव में गंदगी यहां से बहने वाली खड्ड में समा रही थी और इससे जल प्रदूषित हो रहा है। पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है। ग्रामीणों की दो दशक से चली आ रही मांग पूरी तो हुई, लेकिन सीवरेज प्रणाली के निर्माण में जुटे ठेकेदार की लेटलतीफी के कारण दो साल से योजना का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। हजारों ग्रामीण अभी भी योजना का निर्माण पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। धीमी गति से चल रहा निर्माण कार्य अब ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ा रहा है। ग्रामीणों में इसे लेकर खासा रोष है। योजना को लेकर करीब 3 किलोमीटर सीवरेज लाइन बिछाई जा चुकी है। योजना के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण बहुत ही धीमी गति से चल रहा है। प्लांट के निर्माण में हो रही लेट लतीफी को लेकर जल शक्ति विभाग ने दिल्ली की कंपनी को नोटिस जारी किया है।
जल्द योजना का निर्माण पूरा किया जाए
क्षेत्र के सुनील, दयाल सिंह, बालक राम, विनोद, सुरेश, अनिल, शेर सिंह, पवन सहित अन्य ने प्रदेश सरकार और जल शक्ति विभाग से जल्द योजना का निर्माण पूरा करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि सीवरेज प्रणाली न होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सीवेज प्लांट के निर्माण में जुटी कंपनी को देरी के लिए नोटिस जारी किया गया है। विभाग योजना का निर्माण जल्द पूरा करने को लेकर प्रयासरत है। बीते वर्ष हुई भारी बारिश के कारण भी कार्य प्रभावित हुआ है। - अरुण जैन, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग तकलेच
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धीमी गति से चल रहे निर्माण को लेकर ग्रामीणों में रोष
दो साल पहले शुरू हुआ कार्य अभी तक नहीं हो पाया पूरा, 14 करोड़ से बन रही योजना
तकलेच कस्बे के 300 घरों को जोड़ने की है योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार कई योजनाएं चला रही हैं। ग्रामीण इलाकों की कई योजनाएं सरकार और विभागीय अनदेखी के कारण समय रहते धरातल पर नहीं उतर पा रहीं। रामपुर की उप तहसील तकलेच को सीवरेज प्रणाली से जोड़ने की योजना दो दशक से सिरे नहीं चढ़ पाई है। दो साल पहले जल शक्ति विभाग ने योजना का निर्माण कार्य तो शुरू किया, लेकिन धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्य के चलते इस योजना का ग्रामीणों को समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा। आलम यह है कि तकलेच कस्बे की आबादी लगातार बढ़ रही है। इसके चलते गंदगी की समस्या भी बढ़ती जा रही है। क्षेत्र के नदी-नालों में सीवरेज की गंदगी ठिकाने लग रही है। जल शक्ति विभाग ने दो वर्ष पूर्व तकलेच में सीवरेज प्रणाली का निर्माण शुरू किया था। नाबार्ड के तहत बन रही इस सीवरेज प्रणाली पर करीब 14 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है। योजना से उप तहसील के करीब 300 कनेक्शन जोड़े जाने हैं, जिससे हजारों की आबादी को लाभ मिलेगा। बढ़ती आबादी के साथ साथ तकलेच में सीवरेज और कचरा प्रबंधन अहम चुनौती बना हुआ है। छह पंचायतों के मुख्यालय में उप तहसील कार्यालय, अस्पताल, जल शक्ति विभाग, पुलिस चौकी, वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला समेत अन्य विभागों के कार्यालयों सहित हजारों की आबादी है, लेकिन सीवरेज प्रणाली से न जुड़ने के कारण गंदगी नदी-नालों में ठिकाने लग रही है। सीवरेज प्रणाली के अभाव में गंदगी यहां से बहने वाली खड्ड में समा रही थी और इससे जल प्रदूषित हो रहा है। पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है। ग्रामीणों की दो दशक से चली आ रही मांग पूरी तो हुई, लेकिन सीवरेज प्रणाली के निर्माण में जुटे ठेकेदार की लेटलतीफी के कारण दो साल से योजना का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। हजारों ग्रामीण अभी भी योजना का निर्माण पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। धीमी गति से चल रहा निर्माण कार्य अब ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ा रहा है। ग्रामीणों में इसे लेकर खासा रोष है। योजना को लेकर करीब 3 किलोमीटर सीवरेज लाइन बिछाई जा चुकी है। योजना के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण बहुत ही धीमी गति से चल रहा है। प्लांट के निर्माण में हो रही लेट लतीफी को लेकर जल शक्ति विभाग ने दिल्ली की कंपनी को नोटिस जारी किया है।
जल्द योजना का निर्माण पूरा किया जाए
क्षेत्र के सुनील, दयाल सिंह, बालक राम, विनोद, सुरेश, अनिल, शेर सिंह, पवन सहित अन्य ने प्रदेश सरकार और जल शक्ति विभाग से जल्द योजना का निर्माण पूरा करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि सीवरेज प्रणाली न होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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सीवेज प्लांट के निर्माण में जुटी कंपनी को देरी के लिए नोटिस जारी किया गया है। विभाग योजना का निर्माण जल्द पूरा करने को लेकर प्रयासरत है। बीते वर्ष हुई भारी बारिश के कारण भी कार्य प्रभावित हुआ है। - अरुण जैन, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग तकलेच