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Sirmour News: अदालत 3
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पुश्तैनी रास्ते को लेकर 12 साल पुराना विवाद
खत्म, निचली अदालत का फैसला बरकरार
-अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने अपील खारिज करते हुए रास्ता बहाल करने के दिए आदेश
- पांवटा साहिब में 2014 से चल रहा था विवाद, पुश्तैनी रास्ता बंद करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। करीब 12 साल से चले आ रहे पुश्तैनी रास्ते के विवाद में अदालत ने फैसला सुनाते हुए अपील को खारिज कर दिया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि वादी को उसके घर तक जाने के लिए पुराने रास्ते का अधिकार है। अदालत के आदेश के बाद अब प्रतिवादी रघुबीर सिंह को रास्ता बहाल करना होगा, जिससे जय सिंह अपने घर तक बिना बाधा पहुंच सकें।
तहसील पांवटा साहिब निवासी जय सिंह ने वर्ष 2014 में अदालत में याचिका दायर की थी। उनका आरोप था कि उनके घर तक पहुंचने वाले पुश्तैनी रास्ते को रघुबीर सिंह ने बंद कर दिया। यह रास्ता उनके पूर्वजों के समय से उपयोग में था और यही उनके घर तक पहुंचने का एकमात्र मार्ग है। रास्ता बंद होने के बाद उन्हें अन्य लोगों के आंगन और खेतों से होकर गुजरना पड़ रहा था। इस मामले में 9 अगस्त 2024 को वरिष्ठ सिविल जज ने फैसला सुनाते हुए रास्ता बहाल करने का आदेश दिया था।
इसके बाद रघुबीर सिंह ने इस फैसले को चुनौती देते हुए जिला अदालत में अपील दायर की। उनका कहना था कि विवादित रास्ता अस्तित्व में नहीं है। पंचायत की ओर से बनाया गया दूसरा रास्ता उपलब्ध है। यह भी कहा कि निचली अदालत ने सबूतों का सही आकलन नहीं किया। अब अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि विवादित जमीन पर पहले से रास्ता मौजूद था। पंचायत का रास्ता सीधे वादी के घर तक नहीं पहुंचता। इन्हीं आधारों पर अदालत ने अपील को खारिज कर दिया और निचली अदालत के आदेश को सही ठहराया।
संवाद
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खत्म, निचली अदालत का फैसला बरकरार
-अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने अपील खारिज करते हुए रास्ता बहाल करने के दिए आदेश
- पांवटा साहिब में 2014 से चल रहा था विवाद, पुश्तैनी रास्ता बंद करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। करीब 12 साल से चले आ रहे पुश्तैनी रास्ते के विवाद में अदालत ने फैसला सुनाते हुए अपील को खारिज कर दिया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि वादी को उसके घर तक जाने के लिए पुराने रास्ते का अधिकार है। अदालत के आदेश के बाद अब प्रतिवादी रघुबीर सिंह को रास्ता बहाल करना होगा, जिससे जय सिंह अपने घर तक बिना बाधा पहुंच सकें।
तहसील पांवटा साहिब निवासी जय सिंह ने वर्ष 2014 में अदालत में याचिका दायर की थी। उनका आरोप था कि उनके घर तक पहुंचने वाले पुश्तैनी रास्ते को रघुबीर सिंह ने बंद कर दिया। यह रास्ता उनके पूर्वजों के समय से उपयोग में था और यही उनके घर तक पहुंचने का एकमात्र मार्ग है। रास्ता बंद होने के बाद उन्हें अन्य लोगों के आंगन और खेतों से होकर गुजरना पड़ रहा था। इस मामले में 9 अगस्त 2024 को वरिष्ठ सिविल जज ने फैसला सुनाते हुए रास्ता बहाल करने का आदेश दिया था।
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इसके बाद रघुबीर सिंह ने इस फैसले को चुनौती देते हुए जिला अदालत में अपील दायर की। उनका कहना था कि विवादित रास्ता अस्तित्व में नहीं है। पंचायत की ओर से बनाया गया दूसरा रास्ता उपलब्ध है। यह भी कहा कि निचली अदालत ने सबूतों का सही आकलन नहीं किया। अब अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि विवादित जमीन पर पहले से रास्ता मौजूद था। पंचायत का रास्ता सीधे वादी के घर तक नहीं पहुंचता। इन्हीं आधारों पर अदालत ने अपील को खारिज कर दिया और निचली अदालत के आदेश को सही ठहराया।
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