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Sirmour News: अदरक को नई पहचान मिलने से उत्पादक खुश
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सिरमौर के अदरक की अब मंडियों में नहीं होगी बेकद्री
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। जिले की मुख्य नकदी फसल अदरक को नई पहचान मिलने से क्षेत्र के अदरक उत्पादकों के चेहरे पर खुशी लौट आई है। प्रदेश में पहली मर्तबा अदरक खरीद का समर्थन मूल्य 30 रुपये प्रति किलो तय किया गया है। प्रदेश सरकार के इस फैसले से जहां अदरक को नई पहचान मिलेगी, वहीं अब देश की मंडियों में भी सिरमौर के अदरक की बेकद्री नहीं होगी और किसानों को भी अच्छे दामों के लिए मंडियों में भटकना नहीं पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि अदरक की खेती सिरमौर जिले की मुख्य व पारंपरिक फसलों में से एक है। लंबे समय से अदरक के दामों में भारी अस्थिरता के चलते उत्पादकों को आर्थिक तौर पर नुकसान उठाना पड़ रहा था। अब अदरक का समर्थन मूल्य तय होने से किसानों को उम्मीद है कि उनको अदरक के बेहतर दाम मिल पाएंगे।
सैनधार क्षेत्र के प्रगतिशील किसान राम सिंह, उदर राम, मान सिंह, रूप सिंह, खजाना सिंह, रमेश चंद, कपिल दत्त शर्मा, उजागर सिंह, केवल राम, चंदर मोहन शर्मा व सोम प्रकाश ने बताया कि अदरक का समर्थन मूल्य तय होने से इसकी पैदावार बढ़ने की उम्मीद है। किसानों को भी मुनाफा मिलेगा।
सरकार ने बजट में अदरक के साथ कच्ची हल्दी का समर्थन मूल्य भी 90 रुपये प्रति किलो से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया है। इससे इस फसल के प्रति किसानों का रुझान बढ़ने और अच्छे दाम मिलने की आस है। बता दें कि किसान इन दोनों फसलों को एक साथ ही उगाते हैं। हालांकि सैनधार क्षेत्र में लहसुन के साथ-साथ टमाटर व बेमौसमी सब्जियां भी अदरक का विकल्प बन कर उभर रही हैं। वहीं गिरिपार क्षेत्र में अदरक आज भी किसानों की मुख्य व नकदी फसल के साथ आजीविका का एकमात्र साधन है।
-- -संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। जिले की मुख्य नकदी फसल अदरक को नई पहचान मिलने से क्षेत्र के अदरक उत्पादकों के चेहरे पर खुशी लौट आई है। प्रदेश में पहली मर्तबा अदरक खरीद का समर्थन मूल्य 30 रुपये प्रति किलो तय किया गया है। प्रदेश सरकार के इस फैसले से जहां अदरक को नई पहचान मिलेगी, वहीं अब देश की मंडियों में भी सिरमौर के अदरक की बेकद्री नहीं होगी और किसानों को भी अच्छे दामों के लिए मंडियों में भटकना नहीं पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि अदरक की खेती सिरमौर जिले की मुख्य व पारंपरिक फसलों में से एक है। लंबे समय से अदरक के दामों में भारी अस्थिरता के चलते उत्पादकों को आर्थिक तौर पर नुकसान उठाना पड़ रहा था। अब अदरक का समर्थन मूल्य तय होने से किसानों को उम्मीद है कि उनको अदरक के बेहतर दाम मिल पाएंगे।
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सैनधार क्षेत्र के प्रगतिशील किसान राम सिंह, उदर राम, मान सिंह, रूप सिंह, खजाना सिंह, रमेश चंद, कपिल दत्त शर्मा, उजागर सिंह, केवल राम, चंदर मोहन शर्मा व सोम प्रकाश ने बताया कि अदरक का समर्थन मूल्य तय होने से इसकी पैदावार बढ़ने की उम्मीद है। किसानों को भी मुनाफा मिलेगा।
सरकार ने बजट में अदरक के साथ कच्ची हल्दी का समर्थन मूल्य भी 90 रुपये प्रति किलो से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया है। इससे इस फसल के प्रति किसानों का रुझान बढ़ने और अच्छे दाम मिलने की आस है। बता दें कि किसान इन दोनों फसलों को एक साथ ही उगाते हैं। हालांकि सैनधार क्षेत्र में लहसुन के साथ-साथ टमाटर व बेमौसमी सब्जियां भी अदरक का विकल्प बन कर उभर रही हैं। वहीं गिरिपार क्षेत्र में अदरक आज भी किसानों की मुख्य व नकदी फसल के साथ आजीविका का एकमात्र साधन है।