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Sirmour News: किसानों को उन्नत कृषि विधियों से खेती करने की दी जानकारी

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 17 Mar 2026 11:58 PM IST
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krishi jagrukta program in dhaulakunwa
कृषि विज्ञान केंद्र सिरमौर में आयोजित शिविर में मौजूद किसान। स्रोत: केवीके
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-कृषि विज्ञान केंद्र सिरमौर में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन
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- 400 किसानों को बांटे रोजमर्रा उपयोग के उन्नत कृषि उपकरण

संवाद न्यूज एजेंसी

धौलाकुआं (सिरमौर)। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) नई दिल्ली के तत्वावधान में अनुसूचित जाति उप-योजना (एससीएसपी) के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) सिरमौर में कृषक प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित लगभग 400 किसान महिलाओं और पुरुषों ने भाग लिया। इस दौरान किसानों को रोजमर्रा के कृषि कार्यों में उपयोगी उन्नत कृषि उपकरण भी उपलब्ध करवाए गए।

कार्यक्रम में जिला सिरमौर के कृषि उपनिदेशक एवं परियोजना निदेशक (आत्मा) डॉ. साहब सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों के साथ कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं को लेकर परिचर्चा की और किसानों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीता राम बिश्नोई और डॉ. गिरिजेश ने बताया कि यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के हर पल, हर डगर किसानों का हमसफर अभियान के उद्देश्य के साथ आयोजित किया गया है।
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कार्यक्रम में कृषि विभाग की मृदा संरक्षण अधिकारी डॉ. नेहा शर्मा ने किसानों को मिट्टी की सेहत और उसके सुधार के बारे में जानकारी दी। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. शिवाली धीमान ने फसलों को रोगों से बचाने के लिए अपनाई जाने वाली उन्नत कृषि विधियों पर विस्तार से चर्चा की। कृषि विज्ञान केंद्र सिरमौर के प्रभारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पंकज मित्तल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र के सामने खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है।

उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिक नई तकनीकों और नवाचारों के प्रचार-प्रसार के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन किसानों की सहभागिता और पारंपरिक कृषि ज्ञान में नवीनता लाए बिना यह संभव नहीं है। डॉ. मित्तल ने किसानों को धौलाकुआं स्थित कृषि विश्वविद्यालय परिसर में विकसित की जा रही उन्नत कृषि तकनीकों और नवाचारों की जानकारी दी और उनका अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। संवाद
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