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Sirmour News: बजट निराशाजनक, आरडीजी पर सीएम कर रहे राजनीति
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-पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी ने जड़े आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के बजट भाषण के बाद सियासत तेज हो गई है। पांवटा साहिब से विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री सुखराम चौधरी ने बजट को निराशाजनक करार देते हुए आरडीजी मुद्दे पर मुख्यमंत्री पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।
रविवार को पांवटा साहिब पहुंचे सुखराम चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में कई बार आरडीजी का जिक्र किया, लेकिन यह केवल राजनीतिक बयानबाजी है। उन्होंने कहा कि आरडीजी अब स्टोर नहीं होना है और यह निर्णय केवल हिमाचल प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य राज्यों में भी लागू हुआ है, जिनमें कांग्रेस शासित राज्य भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार इस मुद्दे पर भाजपा को घेरने की कोशिश कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि यह एक राष्ट्रीय स्तर का निर्णय है।
पूर्व मंत्री ने प्रदेश सरकार के चौथे बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट पूरी तरह निराशाजनक है और इसमें कोई ठोस दिशा नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि राज्य का खजाना खाली है और बजट केंद्र सरकार की योजनाओं पर निर्भर दिखाई देता है। विधायक ने छह महीने तक अधिकारियों, मंत्रियों और विधायकों के वेतन में कटौती के फैसले पर कहा कि यदि इससे प्रदेश के हित में कोई सकारात्मक परिणाम निकलता है तो यह कदम उचित माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को इस बजट से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन सरकार उन पर खरी नहीं उतर पाई है। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के बजट भाषण के बाद सियासत तेज हो गई है। पांवटा साहिब से विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री सुखराम चौधरी ने बजट को निराशाजनक करार देते हुए आरडीजी मुद्दे पर मुख्यमंत्री पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।
रविवार को पांवटा साहिब पहुंचे सुखराम चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में कई बार आरडीजी का जिक्र किया, लेकिन यह केवल राजनीतिक बयानबाजी है। उन्होंने कहा कि आरडीजी अब स्टोर नहीं होना है और यह निर्णय केवल हिमाचल प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य राज्यों में भी लागू हुआ है, जिनमें कांग्रेस शासित राज्य भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार इस मुद्दे पर भाजपा को घेरने की कोशिश कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि यह एक राष्ट्रीय स्तर का निर्णय है।
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पूर्व मंत्री ने प्रदेश सरकार के चौथे बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट पूरी तरह निराशाजनक है और इसमें कोई ठोस दिशा नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि राज्य का खजाना खाली है और बजट केंद्र सरकार की योजनाओं पर निर्भर दिखाई देता है। विधायक ने छह महीने तक अधिकारियों, मंत्रियों और विधायकों के वेतन में कटौती के फैसले पर कहा कि यदि इससे प्रदेश के हित में कोई सकारात्मक परिणाम निकलता है तो यह कदम उचित माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को इस बजट से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन सरकार उन पर खरी नहीं उतर पाई है। संवाद