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Sirmour News: रक्षा करें शिरगुला के जयघोष से गूंजा मंदिर परिसर
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धनला मंदिर परिसर में कार्यक्रम के दौरान महिलाएं। संवाद
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तीन वाहनों में श्रद्धालुओं का जत्था सराहन रवाना
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरूवाला (सिरमौर)। खत आंजभोज के धनला स्थित प्राचीन शिरगुल-बिजट महाराज मंदिर में होने वाले विशाल महायज्ञ एवं प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। सोमवार को खत की धिंटियों ने मंदिर में चांदी का छत्र, दर्जनों बर्तन, डिब्बे और लाखों रुपये की नकद राशि भेंट स्वरूप अर्पित की।
इस अवसर पर महिलाओं ने रासा भजन प्रस्तुत किए। रक्षा करें शिरगुला के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। मंगलवार 16 जून को सराहन (चूड़धार) से बिजट महाराज की पवित्र छड़ी धनला लाई जाएगी। इसके लिए सोमवार को धनला मंदिर से तीन वाहनों में श्रद्धालुओं का जत्था सराहन रवाना हुआ।
मंदिर कमेटी अध्यक्ष हिरदा राम चौहान ने बताया कि पवित्र छड़ी के धनला पहुंचने पर शाम साढ़े पांच बजे विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद रात को भंडारे का आयोजन होगा। बुधवार को सुबह 10:30 बजे कुरूड स्थापना, 11:30 बजे देव स्थापना और दोपहर 12:00 बजे महासाय पूर्णाहुति होगी। इसके बाद दोपहर 1:00 बजे से भंडारा शुरू होगा। उन्होंने बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए कमेटी और क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सड़क, बिजली, पेयजल, बर्तन भंडार, टेंट और पार्किंग की व्यवस्था की गई है। वहीं प्रशासन से पुलिस सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने का आग्रह किया गया है।
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शिरगुल महाराज का करीब साढ़े पांच सौ वर्ष पुराना इतिहास धनला से जुड़ा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार राक्षसों का वध कर गंगा स्नान के बाद महाराज ने अपना पहला पड़ाव धनला में डाला था। उनका शीश चूड़धार में विराजमान है। पुजारी, माली और भंडारी कहते हैं कि चूड़धार जैसी ही शक्ति धनला में भी विद्यमान हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरूवाला (सिरमौर)। खत आंजभोज के धनला स्थित प्राचीन शिरगुल-बिजट महाराज मंदिर में होने वाले विशाल महायज्ञ एवं प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। सोमवार को खत की धिंटियों ने मंदिर में चांदी का छत्र, दर्जनों बर्तन, डिब्बे और लाखों रुपये की नकद राशि भेंट स्वरूप अर्पित की।
इस अवसर पर महिलाओं ने रासा भजन प्रस्तुत किए। रक्षा करें शिरगुला के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। मंगलवार 16 जून को सराहन (चूड़धार) से बिजट महाराज की पवित्र छड़ी धनला लाई जाएगी। इसके लिए सोमवार को धनला मंदिर से तीन वाहनों में श्रद्धालुओं का जत्था सराहन रवाना हुआ।
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मंदिर कमेटी अध्यक्ष हिरदा राम चौहान ने बताया कि पवित्र छड़ी के धनला पहुंचने पर शाम साढ़े पांच बजे विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद रात को भंडारे का आयोजन होगा। बुधवार को सुबह 10:30 बजे कुरूड स्थापना, 11:30 बजे देव स्थापना और दोपहर 12:00 बजे महासाय पूर्णाहुति होगी। इसके बाद दोपहर 1:00 बजे से भंडारा शुरू होगा। उन्होंने बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए कमेटी और क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सड़क, बिजली, पेयजल, बर्तन भंडार, टेंट और पार्किंग की व्यवस्था की गई है। वहीं प्रशासन से पुलिस सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने का आग्रह किया गया है।
शिरगुल महाराज का करीब साढ़े पांच सौ वर्ष पुराना इतिहास धनला से जुड़ा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार राक्षसों का वध कर गंगा स्नान के बाद महाराज ने अपना पहला पड़ाव धनला में डाला था। उनका शीश चूड़धार में विराजमान है। पुजारी, माली और भंडारी कहते हैं कि चूड़धार जैसी ही शक्ति धनला में भी विद्यमान हैं।