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Sirmour News: वायरल संक्रमण, बुखार और सांस की बीमारियों की चपेट में लोग
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मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन ओपीडी में उपचार के लिए कतार में खड़े मरीज व तीमारदार। संवाद
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-मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन, बाल ओपीडी में उपचार के लिए लगीं लंबी कतारें
-मेडिसिन ओपीडी 200 और बाल ओपीडी 90 के पार, वार्ड में बिस्तर भी फुल
-बच्चों में चेस्ट संक्रमण और बुखार, बुजुर्गों को हो रही सांस लेने में दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर) जिले में बदलते मौसम के बीच वायरल संक्रमण, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। इसका असर नाहन स्थित मेडिकल कॉलेज में साफ देखने को मिल रहा है, जहां मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। हालात यह हैं कि मेडिसिन और बाल रोग ओपीडी में उपचार के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
मंगलवार को मेडिसिन ओपीडी में मरीजों की संख्या 200 के पार पहुंच गई, जबकि बाल रोग ओपीडी में भी 100 से अधिक बच्चे उपचार के लिए पहुंचे। खासकर बुजुर्ग और छोटे बच्चे इन बीमारियों की चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। बच्चों में चेस्ट संक्रमण और बुखार की शिकायतें सामने आ रही हैं, जबकि बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
अस्पताल में उपचार के लिए आए मरीजों को लंबी लाइनों में करीब दो-दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। वहीं मेडिसिन और बाल वार्ड में लगभग सभी बिस्तर भरे हुए हैं, जिससे भर्ती मरीजों के लिए भी दिक्कतें बढ़ गईं हैं। धारटीधार की शिवानी ने बताया कि चेस्ट संक्रमण और बुखार के चलते उनका बच्चा बाल वार्ड में उपचाराधीन है। जमटा से आए राजेश ने बताया कि उन्हें बुखार है। सुबह 10 बजे से लाइन में खड़े हैं। करीब दो घंटे बाद उपचार के लिए नंबर आया है।
गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज में रोजाना औसतन करीब 1000 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। इनमें मेडिसिन, बाल रोग, नेत्र और गायनी विभाग में सबसे अधिक भीड़ रहती है। सिरमौर जिले के अलावा सोलन और हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां उपचार के लिए आते हैं।
मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. विनय कौशिक ने लोगों से अपील की है कि बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतें और लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें। मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है, ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और साफ-सफाई के साथ-साथ खानपान का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।
वहीं, बाल रोग विभाग के एचओडी डॉ. विनय गुप्ता ने कहा कि इस मौसम में छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, क्योंकि उनमें छाती में संक्रमण और बुखार के मामले बढ़ रहे हैं।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रेणु चौहान ने बताया कि अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने माना कि मौसमी बीमारियों के चलते मरीजों की संख्या बढ़ी है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। संवाद
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-मेडिसिन ओपीडी 200 और बाल ओपीडी 90 के पार, वार्ड में बिस्तर भी फुल
-बच्चों में चेस्ट संक्रमण और बुखार, बुजुर्गों को हो रही सांस लेने में दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर) जिले में बदलते मौसम के बीच वायरल संक्रमण, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। इसका असर नाहन स्थित मेडिकल कॉलेज में साफ देखने को मिल रहा है, जहां मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। हालात यह हैं कि मेडिसिन और बाल रोग ओपीडी में उपचार के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
मंगलवार को मेडिसिन ओपीडी में मरीजों की संख्या 200 के पार पहुंच गई, जबकि बाल रोग ओपीडी में भी 100 से अधिक बच्चे उपचार के लिए पहुंचे। खासकर बुजुर्ग और छोटे बच्चे इन बीमारियों की चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। बच्चों में चेस्ट संक्रमण और बुखार की शिकायतें सामने आ रही हैं, जबकि बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
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अस्पताल में उपचार के लिए आए मरीजों को लंबी लाइनों में करीब दो-दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। वहीं मेडिसिन और बाल वार्ड में लगभग सभी बिस्तर भरे हुए हैं, जिससे भर्ती मरीजों के लिए भी दिक्कतें बढ़ गईं हैं। धारटीधार की शिवानी ने बताया कि चेस्ट संक्रमण और बुखार के चलते उनका बच्चा बाल वार्ड में उपचाराधीन है। जमटा से आए राजेश ने बताया कि उन्हें बुखार है। सुबह 10 बजे से लाइन में खड़े हैं। करीब दो घंटे बाद उपचार के लिए नंबर आया है।
गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज में रोजाना औसतन करीब 1000 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। इनमें मेडिसिन, बाल रोग, नेत्र और गायनी विभाग में सबसे अधिक भीड़ रहती है। सिरमौर जिले के अलावा सोलन और हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां उपचार के लिए आते हैं।
मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. विनय कौशिक ने लोगों से अपील की है कि बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतें और लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें। मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है, ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और साफ-सफाई के साथ-साथ खानपान का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।
वहीं, बाल रोग विभाग के एचओडी डॉ. विनय गुप्ता ने कहा कि इस मौसम में छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, क्योंकि उनमें छाती में संक्रमण और बुखार के मामले बढ़ रहे हैं।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रेणु चौहान ने बताया कि अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने माना कि मौसमी बीमारियों के चलते मरीजों की संख्या बढ़ी है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। संवाद

मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन ओपीडी में उपचार के लिए कतार में खड़े मरीज व तीमारदार। संवाद