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Solan News: किसानों ने सीखी कृषि की नई तकनीक
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नालागढ़ के धनुर व अमरू गांव के किसान कृषक भ्रमण कार्यक्म के दौरान- स्रोत- विभाग।
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ऊना में लिया दो दिन का प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। रामशहर के धनुर और अमरू गांव के किसानों का दल राज्य स्तरीय कृषक भ्रमण कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण लेकर लौटा। किसानों ने कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) ऊना में आधुनिक खेती की तकनीकों और उन्नत कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
दो दिवसीय प्रशिक्षण में किसानों को मिश्रित खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि मक्की के साथ उड़द, तिल और मूंगफली जैसी फसलें उगाने से भूमि का बेहतर उपयोग होता है, खरपतवार की समस्या कम होती है। किसान एक ही खेत से दो फसलों का उत्पादन कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। इसके अलावा किसानों को मोटे अनाज और दलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने संबंधी तकनीकी जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को विभिन्न फसलों के प्रदर्शन प्लॉट का भ्रमण भी कराया गया। विषय विशेषज्ञ डॉ. संदीप गौतम, डॉ. भोपाल ठाकुर और डॉ. अश्वनी कुमार ने किसानों को उन्नत खेती, फसल विविधीकरण और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। किसान मोहनलाल, रामजी दास, बलवंत सिंह, हंसराज, प्यारेलाल और रामलाल ने बताया कि प्रशिक्षण से उन्हें आधुनिक खेती की नई तकनीकों की उपयोगी जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि वे इन तकनीकों को अपने खेतों में अपनाने के साथ-साथ मोटे अनाज और दलहनी फसलों को भी अपनी खेती का हिस्सा बनाएंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। रामशहर के धनुर और अमरू गांव के किसानों का दल राज्य स्तरीय कृषक भ्रमण कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण लेकर लौटा। किसानों ने कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) ऊना में आधुनिक खेती की तकनीकों और उन्नत कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
दो दिवसीय प्रशिक्षण में किसानों को मिश्रित खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि मक्की के साथ उड़द, तिल और मूंगफली जैसी फसलें उगाने से भूमि का बेहतर उपयोग होता है, खरपतवार की समस्या कम होती है। किसान एक ही खेत से दो फसलों का उत्पादन कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। इसके अलावा किसानों को मोटे अनाज और दलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने संबंधी तकनीकी जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को विभिन्न फसलों के प्रदर्शन प्लॉट का भ्रमण भी कराया गया। विषय विशेषज्ञ डॉ. संदीप गौतम, डॉ. भोपाल ठाकुर और डॉ. अश्वनी कुमार ने किसानों को उन्नत खेती, फसल विविधीकरण और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। किसान मोहनलाल, रामजी दास, बलवंत सिंह, हंसराज, प्यारेलाल और रामलाल ने बताया कि प्रशिक्षण से उन्हें आधुनिक खेती की नई तकनीकों की उपयोगी जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि वे इन तकनीकों को अपने खेतों में अपनाने के साथ-साथ मोटे अनाज और दलहनी फसलों को भी अपनी खेती का हिस्सा बनाएंगे।
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