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Solan News: तीन माह बाद भी गेहूं बीज का नहीं मिला पैसा
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समय पर भुगतान न होने से 89 किसानों ने विभाग को नहीं बेची फसल
3.60 करोड़ रुपये की है लेनदारी, 295 किसानों ने बेचा था बीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। बीज गेहूं तैयार करने वाले नालागढ़ क्षेत्र के 206 किसानों को तीन माह से फसल का भुगतान नहीं मिला है। किसानों ने अप्रैल में कृषि विभाग को बीज गेहूं बेचा था, लेकिन अब तक करीब 3.60 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। भुगतान में देरी से किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, कृषि विभाग का कहना है कि सरकार ने राशि जारी करने की मंजूरी दे दी है और एक-दो दिन में किसानों के खातों में भुगतान पहुंचना शुरू हो जाएगा।
इस वर्ष 295 किसानों ने बीज गेहूं तैयार किया था। इनमें से 60 किसानों ने पिछले वर्ष भुगतान में हुई देरी के कारण विभाग को नमूने ही नहीं दिए। वहीं, 29 किसानों ने नमूना पास होने के बावजूद अपना गेहूं विभाग को न देकर खुले बाजार में सामान्य दाम पर बेच दिया। अब विभाग के पास गेहूं बेचने वाले 206 किसानों का भुगतान लंबित है।
खेड़ा के किसान अवतार सिंह ने बताया कि किसान बीज, खाद और अन्य कृषि कार्यों के लिए उधार लेते हैं। फसल का भुगतान मिलने पर वे पुराना कर्ज चुकाते हैं। उन्होंने कहा कि अभी गेहूं का भुगतान नहीं मिला है और दूसरी ओर खरीफ फसल के लिए बीज व खाद का खर्च भी उठाना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
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नंदपुर के किसान अमर चंद ठाकुर ने कहा कि भुगतान में देरी के कारण किसान बीज गेहूं उत्पादन से पीछे हट रहे हैं। गेहूं की खरीद के दौरान ग्रेडिंग की जाती है। इसके कारण बारीक दाने कम कीमत पर बेचने पड़ते हैं। ऐसे में बीज गेहूं का घोषित मूल्य अधिक होने के बावजूद किसानों की औसत आय में विशेष बढ़ोतरी नहीं होती। ऊपर से भुगतान में देरी होने पर पूरी आर्थिक योजना प्रभावित हो जाती है। किसानों को पुराने उधार चुकाने के बजाय खरीफ फसल के लिए नया कर्ज लेना पड़ रहा है, जिससे उन पर दोहरी आर्थिक मार पड़ रही है।
206 किसानों के लगभग 3.60 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया था और सरकार ने राशि स्वीकृत कर दी है। एक-दो दिन के भीतर किसानों को भुगतान मिलना शुरू हो जाएगा।
-डॉ. संदीप गौतम, विषय विशेषज्ञ, कृषि विभाग
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3.60 करोड़ रुपये की है लेनदारी, 295 किसानों ने बेचा था बीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। बीज गेहूं तैयार करने वाले नालागढ़ क्षेत्र के 206 किसानों को तीन माह से फसल का भुगतान नहीं मिला है। किसानों ने अप्रैल में कृषि विभाग को बीज गेहूं बेचा था, लेकिन अब तक करीब 3.60 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। भुगतान में देरी से किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, कृषि विभाग का कहना है कि सरकार ने राशि जारी करने की मंजूरी दे दी है और एक-दो दिन में किसानों के खातों में भुगतान पहुंचना शुरू हो जाएगा।
इस वर्ष 295 किसानों ने बीज गेहूं तैयार किया था। इनमें से 60 किसानों ने पिछले वर्ष भुगतान में हुई देरी के कारण विभाग को नमूने ही नहीं दिए। वहीं, 29 किसानों ने नमूना पास होने के बावजूद अपना गेहूं विभाग को न देकर खुले बाजार में सामान्य दाम पर बेच दिया। अब विभाग के पास गेहूं बेचने वाले 206 किसानों का भुगतान लंबित है।
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खेड़ा के किसान अवतार सिंह ने बताया कि किसान बीज, खाद और अन्य कृषि कार्यों के लिए उधार लेते हैं। फसल का भुगतान मिलने पर वे पुराना कर्ज चुकाते हैं। उन्होंने कहा कि अभी गेहूं का भुगतान नहीं मिला है और दूसरी ओर खरीफ फसल के लिए बीज व खाद का खर्च भी उठाना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
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नंदपुर के किसान अमर चंद ठाकुर ने कहा कि भुगतान में देरी के कारण किसान बीज गेहूं उत्पादन से पीछे हट रहे हैं। गेहूं की खरीद के दौरान ग्रेडिंग की जाती है। इसके कारण बारीक दाने कम कीमत पर बेचने पड़ते हैं। ऐसे में बीज गेहूं का घोषित मूल्य अधिक होने के बावजूद किसानों की औसत आय में विशेष बढ़ोतरी नहीं होती। ऊपर से भुगतान में देरी होने पर पूरी आर्थिक योजना प्रभावित हो जाती है। किसानों को पुराने उधार चुकाने के बजाय खरीफ फसल के लिए नया कर्ज लेना पड़ रहा है, जिससे उन पर दोहरी आर्थिक मार पड़ रही है।
206 किसानों के लगभग 3.60 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया था और सरकार ने राशि स्वीकृत कर दी है। एक-दो दिन के भीतर किसानों को भुगतान मिलना शुरू हो जाएगा।
-डॉ. संदीप गौतम, विषय विशेषज्ञ, कृषि विभाग