बद्दी (सोलन)। राजपुरा स्थित नशा निवारण केंद्र में आईआरजी के प्रमुख पवन वर्मा ने भर्ती युवाओं और मरीजों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने नशे के शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी।
पवन ने कहा कि नशे से मुक्ति की शुरुआत व्यक्ति की अपनी इच्छाशक्ति से होती है। उन्होंने कहा कि असली ताला इंसान के मन पर लगा होता है और यह तभी खुलता है, जब व्यक्ति स्वयं नशा छोड़ने का दृढ़ संकल्प लेता है। जिस दिन यह संकल्प लिया जाता है, उसी दिन वास्तविक आजादी की शुरुआत हो जाती है। उन्होंने प्रतिभागियों से सकारात्मक सोच अपनाने, परिवार का विश्वास दोबारा जीतने और आत्मविश्वास के साथ नशामुक्त जीवन की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के बल पर हर व्यक्ति नशे की लत से बाहर निकल सकता है और समाज का जिम्मेदार तथा सफल नागरिक बन सकता है। सत्र के समापन पर प्रतिभागियों ने नशा छोड़ने की शपथ ली और स्वस्थ, सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प दोहराया। संवाद