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Solan News: हिम परिवेश संस्था ने कंपनी की ओर से लगातार फैलाए जा रहे प्रदूषण पर जताई चिंता
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लोगों को सांस लेने में आ रही दिक्कत, संस्था ने 14 को नंगल गोशाला में रखी आमसभा
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करने वाली हिम परिवेश संस्था की बैठक में पलासड़ा स्थित एक उद्योग की ओर से फैलाए जा रहे प्रदूषण पर चिंता जताई गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए संस्था के प्रधान लक्ष्मी चंद ठाकुर ने कहा कि रात 12 बजे के बाद कंपनी की ओर से छोड़ी जा रही जहरीली गैस से आसपास के गांव के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पेश आ रही हैं। उद्योग की ओर से वायू, जल व ध्वनि प्रदूषण के चलते गांव पलासड़ा, सैरी, झांडियां, नंगल, गोल जमाला, घनसोत, सौडी भूमिया, दतोवाल, चुहूवाल गांव के लोग प्रदूषण का सामना कर रहे हैं। लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। सरकार, प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व पुलिस को कई बार शिकायत दी है लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
उक्त उद्योग की ओर से अप्रैल 2025 में संस्था को चार माह का समय देकर इस समस्या को जड़ से समाप्त करने का आश्वासन मिला था, लेकिन उसके बाद समस्या उसी तरह है। संस्था ने बैठक में प्रस्ताव पारित कर फैसला लिया कि गांव-गांव जाकर लोगों को जागृत किया जाएगा तथा एक विशाल जन आंदोलन की तैयारी होगी। इसको लेकर 14 फरवरी को नंगल गोशाला में आमसभा रखी गई है जिसमें लोगों को जागरूक आगामी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की जाएगी। बैठक में अवैध खनन व रात्रि के समय जिला प्रशासन के खनन संबंधी आदेशों के उल्लंघन पर गहरी चिता जताई गई।
अधिवक्ता नरेश घई ने कहा की रात्रि के समय लगभग सभी स्थानों पर खनन की गतिविधियां सरेआम हो रही हैं। ट्रैक्कर, टिपर बिना नंबर व एम फार्म के खनन सामग्री पड़ोसी राज्यों में ले जा रहे हैं। खनन विभाग अवैध खनन को रोकने के लिए लाचार साबित हो रहा है। एक ओर राज्य आर्थिक संकट है और दूसरी राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। इस संबंध में बुधवार संस्था का प्रतिनिधिमंडल एसडीएम से मिला और अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
संस्था के महासचिव बाल किशन शर्मा ने कहा कि बीबीएन में प्लास्टिक का उपयोग धड़ल्ले से हो रहा है। बीबीएनडीए 50-50 रुपये वसूल रहा है। इसके बावजूद क्षेत्र के हर गांवों व सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगे हुए हैं जिससे पर्यावरण दूषित हो रहा है। राज्य में प्लास्टिक बैन होने के बावजूद भी प्रशासन उचित कार्रवाई करने में विफल है।
बैठक में यशपाल सिंह रनौट, वंदना बंसल, हुसन चंद, विचित्र सिंह, दलजीत सिंह, समरजीत सिंह, आदित कंसल, हरबंस सैणी, धर्मेंद्र कुमार, मान सिंह, गुरदयाल सिंह, रणविजय सिंह, हरदीप सिंह, कुलदीप सिंह ने भाग लिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करने वाली हिम परिवेश संस्था की बैठक में पलासड़ा स्थित एक उद्योग की ओर से फैलाए जा रहे प्रदूषण पर चिंता जताई गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए संस्था के प्रधान लक्ष्मी चंद ठाकुर ने कहा कि रात 12 बजे के बाद कंपनी की ओर से छोड़ी जा रही जहरीली गैस से आसपास के गांव के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पेश आ रही हैं। उद्योग की ओर से वायू, जल व ध्वनि प्रदूषण के चलते गांव पलासड़ा, सैरी, झांडियां, नंगल, गोल जमाला, घनसोत, सौडी भूमिया, दतोवाल, चुहूवाल गांव के लोग प्रदूषण का सामना कर रहे हैं। लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। सरकार, प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व पुलिस को कई बार शिकायत दी है लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
उक्त उद्योग की ओर से अप्रैल 2025 में संस्था को चार माह का समय देकर इस समस्या को जड़ से समाप्त करने का आश्वासन मिला था, लेकिन उसके बाद समस्या उसी तरह है। संस्था ने बैठक में प्रस्ताव पारित कर फैसला लिया कि गांव-गांव जाकर लोगों को जागृत किया जाएगा तथा एक विशाल जन आंदोलन की तैयारी होगी। इसको लेकर 14 फरवरी को नंगल गोशाला में आमसभा रखी गई है जिसमें लोगों को जागरूक आगामी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की जाएगी। बैठक में अवैध खनन व रात्रि के समय जिला प्रशासन के खनन संबंधी आदेशों के उल्लंघन पर गहरी चिता जताई गई।
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अधिवक्ता नरेश घई ने कहा की रात्रि के समय लगभग सभी स्थानों पर खनन की गतिविधियां सरेआम हो रही हैं। ट्रैक्कर, टिपर बिना नंबर व एम फार्म के खनन सामग्री पड़ोसी राज्यों में ले जा रहे हैं। खनन विभाग अवैध खनन को रोकने के लिए लाचार साबित हो रहा है। एक ओर राज्य आर्थिक संकट है और दूसरी राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। इस संबंध में बुधवार संस्था का प्रतिनिधिमंडल एसडीएम से मिला और अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
संस्था के महासचिव बाल किशन शर्मा ने कहा कि बीबीएन में प्लास्टिक का उपयोग धड़ल्ले से हो रहा है। बीबीएनडीए 50-50 रुपये वसूल रहा है। इसके बावजूद क्षेत्र के हर गांवों व सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगे हुए हैं जिससे पर्यावरण दूषित हो रहा है। राज्य में प्लास्टिक बैन होने के बावजूद भी प्रशासन उचित कार्रवाई करने में विफल है।
बैठक में यशपाल सिंह रनौट, वंदना बंसल, हुसन चंद, विचित्र सिंह, दलजीत सिंह, समरजीत सिंह, आदित कंसल, हरबंस सैणी, धर्मेंद्र कुमार, मान सिंह, गुरदयाल सिंह, रणविजय सिंह, हरदीप सिंह, कुलदीप सिंह ने भाग लिया।