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Solan News: स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने चिट्टे के खिलाफ छेड़ा जनआंदोलन
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महिलाएं बोलीं- चिट्टा एक सामाजिक अभिशाप, समाज को मिलकर करना होगा खत्म
कुनिहार में स्वयं सहायता समूह ने की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार (सोलन)। क्षेत्र में बढ़ते चिट्टा नशे के मामलों को लेकर अब महिलाओं ने कमान संभाल ली है। कुनिहार के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने चिट्टे के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू करने का एलान किया है। महिलाओं ने कहा कि यदि समय रहते इस बुराई पर अंकुश नहीं लगाया गया तो आने वाली पीढ़ी पर इसके गंभीर दुष्परिणाम देखने को मिल सकते हैं। इसी को देखते हुए यह मुहिम अब आंदोलन का रूप लेगी।
बैठक के दौरान सीएलएफ की प्रधान संतोष शर्मा ने कहा कि चिट्टा एक सामाजिक अभिशाप बन चुका है, जो युवाओं के भविष्य को धीरे-धीरे अंधकार की ओर धकेल रहा है। इसे खत्म करने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने ठाना है कि वे इस बुराई के खिलाफ संगठित होकर लगातार अभियान चलाएंगी। कौशल्या कंवर ने बताया कि वे पूरे कुनिहार क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेंगी। विशेष रूप से युवाओं और अभिभावकों से संवाद स्थापित कर उन्हें नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी जाएगी। उनका मानना है कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति और सामाजिक सम्मान को भी प्रभावित करता है। महिलाओं ने यह भी संकल्प लिया कि यदि किसी मोहल्ले या गांव में कोई बच्चा व युवा चिट्टा नशे की चपेट में पाया जाता है तो वे सामाजिक सहयोग, परामर्श और सकारात्मक मार्गदर्शन के माध्यम से उसे सुधारने का प्रयास करेंगी। उनका कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य किसी को बदनाम करना नहीं, बल्कि सही दिशा दिखाकर मुख्यधारा से जोड़ना है। महिला प्रतिनिधियों ने प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों और अभिभावकों से भी इस मुहिम में सहयोग की अपील की है। उनका कहना है कि सामूहिक प्रयासों से ही नशे जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। महिलाओं की इस पहल को क्षेत्र में सराहनीय कदम माना जा रहा है और स्थानीय लोगों ने भी इसे समाज हित में एक सकारात्मक शुरुआत बताया है। बैठक में गायत्री झांझी, कांता जोशी, शांता शर्मा, निशा जोशी, मीरा शर्मा, पूनम, मीनाक्षी, मीना, पूनम, अनु जोशी आदि मौजूद रहीं।
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कुनिहार में स्वयं सहायता समूह ने की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार (सोलन)। क्षेत्र में बढ़ते चिट्टा नशे के मामलों को लेकर अब महिलाओं ने कमान संभाल ली है। कुनिहार के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने चिट्टे के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू करने का एलान किया है। महिलाओं ने कहा कि यदि समय रहते इस बुराई पर अंकुश नहीं लगाया गया तो आने वाली पीढ़ी पर इसके गंभीर दुष्परिणाम देखने को मिल सकते हैं। इसी को देखते हुए यह मुहिम अब आंदोलन का रूप लेगी।
बैठक के दौरान सीएलएफ की प्रधान संतोष शर्मा ने कहा कि चिट्टा एक सामाजिक अभिशाप बन चुका है, जो युवाओं के भविष्य को धीरे-धीरे अंधकार की ओर धकेल रहा है। इसे खत्म करने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने ठाना है कि वे इस बुराई के खिलाफ संगठित होकर लगातार अभियान चलाएंगी। कौशल्या कंवर ने बताया कि वे पूरे कुनिहार क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेंगी। विशेष रूप से युवाओं और अभिभावकों से संवाद स्थापित कर उन्हें नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी जाएगी। उनका मानना है कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति और सामाजिक सम्मान को भी प्रभावित करता है। महिलाओं ने यह भी संकल्प लिया कि यदि किसी मोहल्ले या गांव में कोई बच्चा व युवा चिट्टा नशे की चपेट में पाया जाता है तो वे सामाजिक सहयोग, परामर्श और सकारात्मक मार्गदर्शन के माध्यम से उसे सुधारने का प्रयास करेंगी। उनका कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य किसी को बदनाम करना नहीं, बल्कि सही दिशा दिखाकर मुख्यधारा से जोड़ना है। महिला प्रतिनिधियों ने प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों और अभिभावकों से भी इस मुहिम में सहयोग की अपील की है। उनका कहना है कि सामूहिक प्रयासों से ही नशे जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। महिलाओं की इस पहल को क्षेत्र में सराहनीय कदम माना जा रहा है और स्थानीय लोगों ने भी इसे समाज हित में एक सकारात्मक शुरुआत बताया है। बैठक में गायत्री झांझी, कांता जोशी, शांता शर्मा, निशा जोशी, मीरा शर्मा, पूनम, मीनाक्षी, मीना, पूनम, अनु जोशी आदि मौजूद रहीं।
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