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Solan News: सोलन को क्षय रोग मुक्त बनाने के लिए आयुष व स्वास्थ्य विभाग मिलकर करेंगे काम
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जिले के आयुष अस्पतालों में मरीजों की होगी जांच, लक्षण आने पर किए जाएंगे रेफर
मरीजों के पॉजिटिव होने पर करेंगे देखभाल, इलाज के दौरान देंगे सहयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के आयुष अस्पतालों में आने वाले खांसी के मरीजों की भी क्षय रोग की जांच होगी। इसके लिए आयुष अस्पतालों से मरीजों को जांच के लिए संबंधित अस्पतालों में रेफर किया जाएगा। आयुष अस्पतालों में ओपीडी से अन्य मरीजों को टेस्ट के लिए चिकित्सक रेफर करेंगे। जिला स्वास्थ्य विभाग और आयुष विभाग मिलकर अब क्षय रोग पर कार्य भी करेंगे। इसके लिए जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने आयुष विभाग के साथ बैठक भी कर दी है। बैठक में आग्रह भी किया है कि आयुष अस्पतालों की ओपीडी से आने वाले मरीजों को बलगम जांच के बारे में भी जागरूक करें ताकि क्षय रोगियों की जांच हो सके। यही नहीं अगर कोई मरीज जांच में पॉजिटिव भी आता है तो उसकी देखभाल और फॉलोअप करने के लिए भी कहा है। इलाज के दौरान सहयोग देने के लिए भी कहा है। साथ ही पॉजिटिव टीबी रोगियों को योग, प्राणायाम आदि के बारे में बताने के लिए कहा है ताकि पॉजिटिव मरीज की प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर किया जा सके। वहीं, रोगी जल्द ठीक भी हो सके। अभी तक आयुष अस्पतालों से केवल दो फीसदी ही मरीजों को ही टेस्ट के लिए रेफर किया जाता है। इसे देखते हुए संख्या को बढ़ाने के लिए भी कहा है। गौर रहे कि सोलन को क्षय रोग मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से तेजी से कार्य किया जा रहा है। अब अभियान में आयुष विभाग की भागीदारी को ओर अधिक बढ़ा दिया है ताकि वे भी मरीजों की पहचान कर जल्द उपचार शुरू करवा सके। इसके अलावा आशा वर्कर और हेल्थ केयर वर्कर को भी ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाने के लिए कहा है। साथ ही अगर कोई मरीज क्षय रोग संदिग्ध लगता है उसके सैंपल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में जांचने के भी निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान अगर मरीज पॉजिटिव आता है तो प्राथमिक कांटेक्ट की रिपोर्ट तैयार कर सैंपलिंग करवाने के लिए कहा है।
इनसेट
आयुष विभाग के साथ मिलकर जिला स्वास्थ्य विभाग क्षय रोग पर प्रहार करेगा। आयुष अस्पतालों में आने वाले संदिग्ध रोगियों को रेफर करने के लिए कहा है। अस्पताल में आने वाले खांसी के रोगियों के सैंपल की जांच की जाएगी।
-डॉ. योगेश गुप्ता,जिला कार्यक्रम अधिकारी,क्षय रोग।
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मरीजों के पॉजिटिव होने पर करेंगे देखभाल, इलाज के दौरान देंगे सहयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के आयुष अस्पतालों में आने वाले खांसी के मरीजों की भी क्षय रोग की जांच होगी। इसके लिए आयुष अस्पतालों से मरीजों को जांच के लिए संबंधित अस्पतालों में रेफर किया जाएगा। आयुष अस्पतालों में ओपीडी से अन्य मरीजों को टेस्ट के लिए चिकित्सक रेफर करेंगे। जिला स्वास्थ्य विभाग और आयुष विभाग मिलकर अब क्षय रोग पर कार्य भी करेंगे। इसके लिए जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने आयुष विभाग के साथ बैठक भी कर दी है। बैठक में आग्रह भी किया है कि आयुष अस्पतालों की ओपीडी से आने वाले मरीजों को बलगम जांच के बारे में भी जागरूक करें ताकि क्षय रोगियों की जांच हो सके। यही नहीं अगर कोई मरीज जांच में पॉजिटिव भी आता है तो उसकी देखभाल और फॉलोअप करने के लिए भी कहा है। इलाज के दौरान सहयोग देने के लिए भी कहा है। साथ ही पॉजिटिव टीबी रोगियों को योग, प्राणायाम आदि के बारे में बताने के लिए कहा है ताकि पॉजिटिव मरीज की प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर किया जा सके। वहीं, रोगी जल्द ठीक भी हो सके। अभी तक आयुष अस्पतालों से केवल दो फीसदी ही मरीजों को ही टेस्ट के लिए रेफर किया जाता है। इसे देखते हुए संख्या को बढ़ाने के लिए भी कहा है। गौर रहे कि सोलन को क्षय रोग मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से तेजी से कार्य किया जा रहा है। अब अभियान में आयुष विभाग की भागीदारी को ओर अधिक बढ़ा दिया है ताकि वे भी मरीजों की पहचान कर जल्द उपचार शुरू करवा सके। इसके अलावा आशा वर्कर और हेल्थ केयर वर्कर को भी ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाने के लिए कहा है। साथ ही अगर कोई मरीज क्षय रोग संदिग्ध लगता है उसके सैंपल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में जांचने के भी निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान अगर मरीज पॉजिटिव आता है तो प्राथमिक कांटेक्ट की रिपोर्ट तैयार कर सैंपलिंग करवाने के लिए कहा है।
इनसेट
आयुष विभाग के साथ मिलकर जिला स्वास्थ्य विभाग क्षय रोग पर प्रहार करेगा। आयुष अस्पतालों में आने वाले संदिग्ध रोगियों को रेफर करने के लिए कहा है। अस्पताल में आने वाले खांसी के रोगियों के सैंपल की जांच की जाएगी।
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-डॉ. योगेश गुप्ता,जिला कार्यक्रम अधिकारी,क्षय रोग।