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बघाट बैंक मामला: मंडलायुक्त की कोर्ट में फंसीं छह करोड़ की फाइलें, अनुमति मिलने के बाद ही बेच पाएंगे भूमि

सोमदत्त शर्मा, सोलन। Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 12 Feb 2026 10:47 AM IST
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सार

बघाट बैंक लोन मामले में बैंक प्रबंधकों ने जमीन की फाइलें मंडलायुक्त की अदालत में भेजी थी लेकिन ये फाइलें मंडलायुक्त शिमला की अदालत में अटक गई हैं। पढ़ें पूरी खबर...

Baghat Bank case Files worth Rs 6 crore stuck in the Divisional Commissioner court
बघाट बैंक - फोटो : संवाद
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विस्तार

बघाट बैंक लोन मामले में करीब 6 करोड़ रुपये की फाइलें मंडलायुक्त शिमला की अदालत में अटक गई हैं। इसमें कृषि भूमि के मामले शामिल हैं, जिन्हें एक बार भी नीलामी के लिए नहीं लगाया जा सका। इनमें कुल 85 बीघा जमीन शामिल हैं, जिसमें एक प्लाॅट 72 बीघा का भी बताया जा रहा है। इन फाइलों को मंडलायुक्त की अनुमति मिलने के बाद ही भूमि बेचने का प्रोसेस शुरू हो पाएगा।

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बैंक प्रबंधकों ने जमीन की फाइलें मंडलायुक्त की अदालत में इसलिए भेजी क्योंकि नियमों के तहत इसे सहायक पंजीयक की अदालत से मंजूरी नहीं मिल सकती थीं।  मंडलायुक्त की अनुमति के बाद ही  जमीन को बेच सकते हैं। बैंक प्रबंधकों को उम्मीद है कि अगर इस भूमि को नीलामी में लगाते हैं तो इसके लिए खरीदार आगे आएंगे क्योंकि यह भूमि उपजाऊ है और इसे किसान भी ले सकते हैं। इससे पहले बघाट बैंक को सहायक पंजीयक की अदालत से डिफाल्टरों की अन्य भूमि व मकानों को बेचने की अनुमति मिल गई थी। 
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तीन बार बघाट बैंक इसमें करीब 50 से ज्यादा संपत्तियों को बेचने के लिए ऑनलाइन नीलामी कर चुका है, मगर इसमें मात्र चार से पांच प्लांट व भवन ही बिक पाए। अन्य जमीन के लिए खरीदार नहीं आ रहे हैं। ऐसे में अब बैंक प्रबंधकों को उम्मीद है कि कृषि भूमि की नीलामी की अगर मंजूरी मिल जाती है तो वह आसानी से बिक जाएगी और उन्हें बैंक में लगी कैपिंग हटाने में मदद मिलेगी।

कैपिंग को लेकर निर्णय मार्च में 
बघाट बैंक में आरबीआई ने 08 अक्तूबर को छह माह के लिए कैपिंग लगा दी थी। जिसके तहत ग्राहकों को केवल 10 हजार रुपये ही दिए गए। अब आरबीआई मार्च में कैपिंग हटाने के लिए बैंक का विजिट करेगा और इसमें बैंक के एनपीए को देखेगा। अगर एनपीए कम होता है तो यहां पर कैपिंग हट सकती है। वहीं एनपीए कम तभी होगा जब बैंक से लिए गए लोन की रिकवरी होगी। वहीं लोन रिकवरी के लिए बैंक को डिफाल्टरों की संपत्तियां बेचना जरूरी है।

77 हजार ग्राहक परेशान
बघाट बैंक के करीब 77 हजार ग्राहक परेशान हैं। पांच माह से उनका पैसा बैंक में फंसा हुआ है। इसमें कई घरों में शादी, बीमारी, शोक व अन्य दिक्कतें भी आ रही हैं, बावजूद इसके उन्हें पैसा नहीं मिल पाया है। हालांकि बैंक में कुछ ग्राहकों ने बीमा के फार्म भरे थे, जिसमें करीब 4 हजार लोगों को पैसा मिला है। मगर इसमें भी पांच लाख रुपये तक ही मिल पाए। लोगों के लाखों रुपये बैंक में फंसे हुए हैं।
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