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Solan News: हिमईरा के भवन से होने वाली आय का पंचायत को भी दें हिस्सा
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मार्ट के साथ खाली जमीन पर बनेगा पंचायत व्यवसायिक परिसर
हिमईरा मार्ट बनाने से पहले जाबली पंचायत ने रखी अपनी शर्तें
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (सोलन)। जाबली में लगभग 47 लाख रुपये की लागत से बनने वाले हिमईरा मार्ट भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। अब जाबली पंचायत ने इस भवन के निर्माण के लिए कुछ शर्तें रख दी हैं। इससे पंचायती राज विभाग की टेंडर प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है। जाबली पंचायत की प्रधान नीलम ठाकुर ने बताया कि हिमईरा के तीन मंजिला भवन से होने वाली आय का हिस्सा स्थानीय पंचायत को मिलना चाहिए। इससे पंचायत के लिए आय का साधन बनेगा। पंचायत ने यह भी शर्त रखी है कि हिमईरा मार्ट भवन के लिए उपयोग की गई भूमि के अलावा शेष भूमि पर पंचायत व्यावसायिक परिसर बनाएगी। इसका उद्देश्य पंचायत को साधन संपन्न बनाना है। हिमईरा मार्ट योजना का लक्ष्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाए गए स्वदेशी उत्पादों को बाहरी राज्यों और प्रदेश के लोगों तक पहुंचाना है। यह मार्ट परवाणू-शिमला हाईवे पर जाबली में राजडी गांव को जाने वाले संपर्क मार्ग पर बनेगा।
पंचायत प्रधान ने आय में हिस्सेदारी और व्यावसायिक परिसर बनाने की मांग की है। उधर, विकास खंड अधिकारी धर्मपुर धनीराम पंवर ने बताया कि पंचायत से प्राप्त पत्र को निदेशक को भेजा जाएगा। नीलम ठाकुर ने इस पत्र की प्रति निदेशक पंचायती राज विभाग शिमला, अधीक्षण अभियंता राजेश चंदेल, बीडीओ धर्मपुर और जिला परियोजना अधिकारी सोलन को भी भेजी है। यह पत्र आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
इनसेट
हिमईरा मार्ट का उद्देश्य और लाभ
विकास खंड धर्मपुर ने हिमईरा मार्ट के तीन मंजिला भवन का डिजाइन निजी आर्किटेक्ट से तैयार करवाया है। विकास खंड अधिकारी धनीराम पंवर ने हिमईरा को शीहट की तर्ज पर एक अच्छी योजना बताया। उन्होंने कहा कि इससे गांव की स्वयंसेवी महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा। हिमाचल में अभी कुमारहट्टी, नाहन रोड पर एक शीहट संचालित है। शीहट पर्यटकों को अच्छा खाना और पहाड़ी व्यंजन उपलब्ध कराता है। साथ ही स्वयंसेवी महिलाएं यहां घरेलू और बिना मिलावट का सामान बेच पाती हैं। प्रदेश सरकार का पंचायती राज विभाग इस परियोजना में विशेष रुचि ले रहा है।
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हिमईरा मार्ट बनाने से पहले जाबली पंचायत ने रखी अपनी शर्तें
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (सोलन)। जाबली में लगभग 47 लाख रुपये की लागत से बनने वाले हिमईरा मार्ट भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। अब जाबली पंचायत ने इस भवन के निर्माण के लिए कुछ शर्तें रख दी हैं। इससे पंचायती राज विभाग की टेंडर प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है। जाबली पंचायत की प्रधान नीलम ठाकुर ने बताया कि हिमईरा के तीन मंजिला भवन से होने वाली आय का हिस्सा स्थानीय पंचायत को मिलना चाहिए। इससे पंचायत के लिए आय का साधन बनेगा। पंचायत ने यह भी शर्त रखी है कि हिमईरा मार्ट भवन के लिए उपयोग की गई भूमि के अलावा शेष भूमि पर पंचायत व्यावसायिक परिसर बनाएगी। इसका उद्देश्य पंचायत को साधन संपन्न बनाना है। हिमईरा मार्ट योजना का लक्ष्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाए गए स्वदेशी उत्पादों को बाहरी राज्यों और प्रदेश के लोगों तक पहुंचाना है। यह मार्ट परवाणू-शिमला हाईवे पर जाबली में राजडी गांव को जाने वाले संपर्क मार्ग पर बनेगा।
पंचायत प्रधान ने आय में हिस्सेदारी और व्यावसायिक परिसर बनाने की मांग की है। उधर, विकास खंड अधिकारी धर्मपुर धनीराम पंवर ने बताया कि पंचायत से प्राप्त पत्र को निदेशक को भेजा जाएगा। नीलम ठाकुर ने इस पत्र की प्रति निदेशक पंचायती राज विभाग शिमला, अधीक्षण अभियंता राजेश चंदेल, बीडीओ धर्मपुर और जिला परियोजना अधिकारी सोलन को भी भेजी है। यह पत्र आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
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हिमईरा मार्ट का उद्देश्य और लाभ
विकास खंड धर्मपुर ने हिमईरा मार्ट के तीन मंजिला भवन का डिजाइन निजी आर्किटेक्ट से तैयार करवाया है। विकास खंड अधिकारी धनीराम पंवर ने हिमईरा को शीहट की तर्ज पर एक अच्छी योजना बताया। उन्होंने कहा कि इससे गांव की स्वयंसेवी महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा। हिमाचल में अभी कुमारहट्टी, नाहन रोड पर एक शीहट संचालित है। शीहट पर्यटकों को अच्छा खाना और पहाड़ी व्यंजन उपलब्ध कराता है। साथ ही स्वयंसेवी महिलाएं यहां घरेलू और बिना मिलावट का सामान बेच पाती हैं। प्रदेश सरकार का पंचायती राज विभाग इस परियोजना में विशेष रुचि ले रहा है।
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