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Solan News: स्कूलों में अपार आईडी बनाने की प्रक्रिया तेज, यूडाइस पोर्टल पर अपडेट होगा छात्रों का डेटा
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शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधकों को कार्य को जल्द 100 प्रतिशत पूरा करने के दिए निर्देश
स्कूलों में विद्यार्थियों की बन रही अपार आईडी, आधार भी हो रहा अपडेट
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला सोलन के सभी स्कूल प्रबंधकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यार्थियों के डेटा को जल्द यूडाइस पोर्टल पर अपडेट करें। इसके साथ ही जो छात्र आधार कवरेज से छूट गए हैं, उन्हें कवर करने और उनके लिए अपार आईडी बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश जारी किए गए हैं। शुरुआती चरण में ऐसे कम से कम सौ छात्रों को तुरंत कवर करने का लक्ष्य तय किया गया है।
अपार यानी ऑटोमैटिक परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री के बनने से अब स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों से जुड़ी हर शैक्षणिक जानकारी महज एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। यह 12 अंकों वाली विशिष्ट पहचान संख्या विद्यार्थियों की पूरी शैक्षणिक प्रगति को ट्रैक करने में मदद करेगी। इस आईडी को डिजी लॉकर के साथ लिंक किया जाएगा।
छात्रों के रिपोर्ट कार्ड और मार्कशीट अपने आप इस यूनिक आईडी पर अपडेट होते रहेंगे। इसके माध्यम से छात्र देश में कहीं भी और कभी भी अपने सुरक्षित दस्तावेज देख सकेंगे। शिक्षा उपनिदेशक गुणवत्ता शिक्षा डॉ. राजेंद्र वर्मा ने बताया कि अपार आईडी बनाने की इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में छात्रों के ड्रॉप आउट (पढ़ाई बीच में छोड़ने) की समस्या को समाप्त करना है। आईडी बन जाने के बाद यदि कोई विद्यार्थी बीच में स्कूल छोड़ता है, तो उसकी तुरंत पहचान की जा सकेगी। इसके अलावा यदि कोई छात्र देश के किसी भी राज्य या स्कूल में दाखिला लेता है, तो उसकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और पहचान को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। इससे स्थानांतरण या नए प्रवेश के दौरान आने वाली कागजी दिक्कतों से राहत मिलेगी। सोलन जिले में इस योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया गया है। इसके तहत स्कूलों में विशेष सत्र आयोजित कर विद्यार्थियों और अभिभावकों को अपार आईडी के महत्व और उपयोगिता के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इस आईडी में छात्र का नाम, पता, माता-पिता का नाम, मोबाइल नंबर और प्राथमिक पहचान विवरण शामिल रहेंगे, जो भविष्य में उनकी स्थायी शैक्षणिक पहचान के रूप में काम करेगा।
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स्कूलों में विद्यार्थियों की बन रही अपार आईडी, आधार भी हो रहा अपडेट
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला सोलन के सभी स्कूल प्रबंधकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यार्थियों के डेटा को जल्द यूडाइस पोर्टल पर अपडेट करें। इसके साथ ही जो छात्र आधार कवरेज से छूट गए हैं, उन्हें कवर करने और उनके लिए अपार आईडी बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश जारी किए गए हैं। शुरुआती चरण में ऐसे कम से कम सौ छात्रों को तुरंत कवर करने का लक्ष्य तय किया गया है।
अपार यानी ऑटोमैटिक परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री के बनने से अब स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों से जुड़ी हर शैक्षणिक जानकारी महज एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। यह 12 अंकों वाली विशिष्ट पहचान संख्या विद्यार्थियों की पूरी शैक्षणिक प्रगति को ट्रैक करने में मदद करेगी। इस आईडी को डिजी लॉकर के साथ लिंक किया जाएगा।
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छात्रों के रिपोर्ट कार्ड और मार्कशीट अपने आप इस यूनिक आईडी पर अपडेट होते रहेंगे। इसके माध्यम से छात्र देश में कहीं भी और कभी भी अपने सुरक्षित दस्तावेज देख सकेंगे। शिक्षा उपनिदेशक गुणवत्ता शिक्षा डॉ. राजेंद्र वर्मा ने बताया कि अपार आईडी बनाने की इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में छात्रों के ड्रॉप आउट (पढ़ाई बीच में छोड़ने) की समस्या को समाप्त करना है। आईडी बन जाने के बाद यदि कोई विद्यार्थी बीच में स्कूल छोड़ता है, तो उसकी तुरंत पहचान की जा सकेगी। इसके अलावा यदि कोई छात्र देश के किसी भी राज्य या स्कूल में दाखिला लेता है, तो उसकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और पहचान को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। इससे स्थानांतरण या नए प्रवेश के दौरान आने वाली कागजी दिक्कतों से राहत मिलेगी। सोलन जिले में इस योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया गया है। इसके तहत स्कूलों में विशेष सत्र आयोजित कर विद्यार्थियों और अभिभावकों को अपार आईडी के महत्व और उपयोगिता के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इस आईडी में छात्र का नाम, पता, माता-पिता का नाम, मोबाइल नंबर और प्राथमिक पहचान विवरण शामिल रहेंगे, जो भविष्य में उनकी स्थायी शैक्षणिक पहचान के रूप में काम करेगा।
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