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Solan News: क्षेत्रीय अस्पताल में आई वार्ड तैयार, अब हो सकेंगे ऑपरेशन
Mon, 10 Aug 2026 12:23 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 10 Aug 2026 12:23 AM IST
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क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में मरीजों के लिए तैयार किए गए नेत्र वार्ड में लगाए गए बेड। संवाद
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अस्पताल में आई ओटी और वार्ड तैयार होने से मरीजों को मिलेगी ऑपरेशन की डेट
एक साल से नहीं हो रहे थे अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन, मरीज हो रहे थे परेशान
ऑपरेशन के लिए मरीजों को आईजीएमसी या चंडीगढ़ के काटने पड़ रहे थे चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में एक साल से बंद पड़े नेत्र रोग के ऑपरेशन अब जल्द ही शुरू होंगे। अस्पताल में बंद पड़े नेत्र वार्ड और नेत्र ऑपरेशन थिएटर को प्रशासन की ओर से खोल दिया गया है। वहीं प्रशासन ने विशेषज्ञों को भी मरीजों को ऑपरेशन के लिए डेट देने के लिए कह दिया है। प्रशासन की ओर से नेत्र वार्ड में पड़े नए अस्पताल के सामान को भी बाहर निकाल दिया है और वहां पर मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था कर दी है। ऐसे में अब नेत्र रोग से जूझ रहे मरीजों को जल्द राहत मिलेगी।
अस्पताल में एक साल पहले नेत्र रोग विशेषज्ञ के तबादले के बाद से नेत्र रोग के ऑपरेशनों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। ऐसे में प्रशासन ने नेत्र ऑपरेशन थिएटर को बंद किया और नेत्र वार्ड को स्टोर रूम बना दिया था। अस्पताल में पिछले माह नए नेत्र रोग विशेषज्ञ के आने बाद प्रशासन की ओर से ऑपरेशन थिएटर को दोबारा से खोला गया, जहां खराब पड़े उपकरणों की जगह नए उपकरणों की मांग सरकार को भेजी गई है। वहीं ऑपरेशन के बाद मरीजों को रखने के लिए अस्पताल के पास वार्ड तक नहीं बचा था। ऐसे में विशेषज्ञों के लिए मरीजों को ऑपरेशन की डेट देना मुश्किल हो रहा है। वहीं मरीजों को छोटे-छोटे ऑपरेशन के लिए भी शिमला आईजीएमसी, चंडीगढ़ पीजीआई या अन्य अस्पतालों के लिए रेफर किया जा रहा था। इस कारण मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। ऐसे में मरीजों की परेशानियों को देखते हुए अमर उजाला ने 26 जुलाई को इस समस्या को प्राथमिकता के साथ उठाया। इसके बाद अब प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वार्ड का सामान खाली कर दिया है और विशेषज्ञों को भी मरीजों के ऑपरेशन शुरू करने की मंजूरी मिल चुकी है।
इनसेट
अभी फेको मशीन का भी इंतजार
अस्पताल में अभी के समय में नेत्र रोग के छोटे ऑपरेशन की संभव है। प्रशासन की ओर से भेजी गई फेको मशीन का अभी भी अस्पताल को इंतजार करना पड़ रहा है। फेको मशीन लगने के बाद नेत्र रोग के बड़े ऑपरेशन भी अस्पताल में हो सकेंगे, जिससे मरीजों को दूसरे अस्पतालों के चक्कर काटने से भी राहत मिलेगी।
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कोट
अस्पताल में पिछले एक साल से नेत्र रोग के ऑपरेशन बंद पड़े थे। ऐसे में प्रशासन की ओर से तुरंत कार्रवाई करते हुए, ऑपरेशनों को शुरू करने के लिए ऑपरेशन थिएटर के साथ वार्ड को भी पूरी तरह से तैयार कर दिया है। ऐसे में अब मरीजों को जल्द राहत मिलेगी। मशीनों की मांगे भेजी गई है, उनके भी जल्द आने की उम्मीद है। - डॉ. राकेश पंवार
चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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एक साल से नहीं हो रहे थे अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन, मरीज हो रहे थे परेशान
ऑपरेशन के लिए मरीजों को आईजीएमसी या चंडीगढ़ के काटने पड़ रहे थे चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में एक साल से बंद पड़े नेत्र रोग के ऑपरेशन अब जल्द ही शुरू होंगे। अस्पताल में बंद पड़े नेत्र वार्ड और नेत्र ऑपरेशन थिएटर को प्रशासन की ओर से खोल दिया गया है। वहीं प्रशासन ने विशेषज्ञों को भी मरीजों को ऑपरेशन के लिए डेट देने के लिए कह दिया है। प्रशासन की ओर से नेत्र वार्ड में पड़े नए अस्पताल के सामान को भी बाहर निकाल दिया है और वहां पर मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था कर दी है। ऐसे में अब नेत्र रोग से जूझ रहे मरीजों को जल्द राहत मिलेगी।
अस्पताल में एक साल पहले नेत्र रोग विशेषज्ञ के तबादले के बाद से नेत्र रोग के ऑपरेशनों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। ऐसे में प्रशासन ने नेत्र ऑपरेशन थिएटर को बंद किया और नेत्र वार्ड को स्टोर रूम बना दिया था। अस्पताल में पिछले माह नए नेत्र रोग विशेषज्ञ के आने बाद प्रशासन की ओर से ऑपरेशन थिएटर को दोबारा से खोला गया, जहां खराब पड़े उपकरणों की जगह नए उपकरणों की मांग सरकार को भेजी गई है। वहीं ऑपरेशन के बाद मरीजों को रखने के लिए अस्पताल के पास वार्ड तक नहीं बचा था। ऐसे में विशेषज्ञों के लिए मरीजों को ऑपरेशन की डेट देना मुश्किल हो रहा है। वहीं मरीजों को छोटे-छोटे ऑपरेशन के लिए भी शिमला आईजीएमसी, चंडीगढ़ पीजीआई या अन्य अस्पतालों के लिए रेफर किया जा रहा था। इस कारण मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। ऐसे में मरीजों की परेशानियों को देखते हुए अमर उजाला ने 26 जुलाई को इस समस्या को प्राथमिकता के साथ उठाया। इसके बाद अब प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वार्ड का सामान खाली कर दिया है और विशेषज्ञों को भी मरीजों के ऑपरेशन शुरू करने की मंजूरी मिल चुकी है।
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अभी फेको मशीन का भी इंतजार
अस्पताल में अभी के समय में नेत्र रोग के छोटे ऑपरेशन की संभव है। प्रशासन की ओर से भेजी गई फेको मशीन का अभी भी अस्पताल को इंतजार करना पड़ रहा है। फेको मशीन लगने के बाद नेत्र रोग के बड़े ऑपरेशन भी अस्पताल में हो सकेंगे, जिससे मरीजों को दूसरे अस्पतालों के चक्कर काटने से भी राहत मिलेगी।
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कोट
अस्पताल में पिछले एक साल से नेत्र रोग के ऑपरेशन बंद पड़े थे। ऐसे में प्रशासन की ओर से तुरंत कार्रवाई करते हुए, ऑपरेशनों को शुरू करने के लिए ऑपरेशन थिएटर के साथ वार्ड को भी पूरी तरह से तैयार कर दिया है। ऐसे में अब मरीजों को जल्द राहत मिलेगी। मशीनों की मांगे भेजी गई है, उनके भी जल्द आने की उम्मीद है। - डॉ. राकेश पंवार
चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन