फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   health news solan

Solan News: क्षेत्रीय अस्पताल की क्रस्ना लैब में न टेस्ट हुए और न ही मिल पाई रिपोर्ट

Wed, 29 Jul 2026 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2026 11:55 PM IST
विज्ञापन
डिजिटल पर न चलाएं.........
विज्ञापन

ब्लड टेस्ट करने वाली मशीन पड़ी खराब, निजी क्लीनिक में भटके मरीज
इंटरनेट सर्वर ठप होने के कारण नहीं मिली मरीजों को ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में जहां मरीजों को लंबी कतारों में खड़े रहकर टेस्ट करवाने के लिए फीस कटानी पड़ रही है। वहीं बुधवार को क्रस्ना लैब में टेस्ट सैंपल भरने वाली मेगलमी मशीन ही खराब हो गई। इसके अलावा लैब का इंटरनेट सर्वर भी ठप हो गया। ऐसे में अस्पताल की क्रस्ना लैब में दिनभर एक भी मरीज को न तो टेस्ट की सुविधा मिली और न ही टेस्ट रिपोर्ट मिल पाई।
अस्पताल में पहले मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए फीस काउंटर पर खड़े रहना पड़ा। आधे घंटे से अधिक समय तक फीस काउंटर पर खड़े रहने के बाद जब सरकारी लैब के बाहर पहुंचे, तो वहां भी मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। अस्पताल की सरकारी लैब में मरीजों को केवल कुछ ही टेस्ट की सुविधा मिलती है। ऐसे में अन्य टेस्ट के लिए क्रस्ना लैब पहुंचे, तो वहां मशीन खराब होने के कारण सैंपल ही नहीं लिए गए और अगले दिन आने के लिए कहा गया। काफी दूर से अस्पताल उपचार करवाने के लिए पहुंचे मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए मजबूरन निजी क्लीनिकों के चक्कर काटने पड़े, जहां उनके हजारों रुपये खर्च हो गए। इसके अलावा टैस्ट रिपोर्ट भी नहीं मिली। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में एक दिन में डॉक्टरों की ओर से लगभग 150 से 200 मरीजों को ब्लड टेस्ट लिखे जाते हैं। अस्पताल की क्रस्ना लैब में अधिकतर टेस्ट निशुल्क हो जाते हैं।
विज्ञापन


कोट
मशीन को करवाया जा रहा ठीक
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में टेस्ट के लिए लगाई गई मशीन ने बुधवार सुबह अचानक से सैंपल लेना ही बंद कर दिया। इसे देखते हुए टेस्ट को रोकना पड़ा है। तकनीशियन को बुलवाकर मशीन को ठीक करवाया जा रहा है। उम्मीद है कि वीरवार तक मशीन ठीक हो जाए। इंटरनेट की परेशानी को ठीक करने की भी कोशिश हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- राजेश वर्मा
प्रभारी, क्रस्ना लैब, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन


कोट

मशीन खराब होने की सूचना मिलने के बाद इसे जल्द ठीक करने के निर्देश दिए गए। लैब में रखी सभी मशीनों की नियमित रूप से देखरेख करने के निर्देश दिए गए हैं। मशीन जैसे ही ठीक होगी, मरीजों के टेस्ट शुरू कर दिए जाएंगे।




- डॉ. राकेश पंवार

चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन



----------------------------------
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में अल्ट्रासाउंड बंद
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में बुधवार को मरीजों को अल्ट्रासाउंड टेस्ट की सुविधा नहीं मिल पाई। ऐसे में अस्पताल पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल में केवल एक रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक तैनात हैं। उनके अवकाश पर होने के कारण डॉ. विवेक को अल्ट्रासाउंड जांच की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। बुधवार को उनकी आपातकालीन कक्ष में रात्रि ड्यूटी होने के कारण वह अस्पताल नहीं आ सके। ऐसे में अस्पताल पहुंचे मरीजों को जांच करवाने के लिए निजी अस्पतालों और क्लीनिकों का रुख करना पड़ा। क्षेत्रीय अस्पताल में जहां अल्ट्रासाउंड जांच 130 रुपये में की जाती है और गर्भवती महिलाओं को यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध है, वहीं निजी क्लीनिकों में मरीजों को 500 रुपये तक खर्च करने पड़े। इससे गरीब मरीजों को अधिक दिक्कत झेलनी पड़ी। क्षेत्रीय अस्पतल सोलन के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश पंवार ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट की कमी को पूरा करने के लिए विभाग को डिमांड भेजी गई है। रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती होने के बाद मरीजों को सुविधा मिलेगी। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed