{"_id":"6a69f2396e06a66b5f027f8d","slug":"rain-effected-families-solan-news-c-176-1-ssml1044-175194-2026-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: भारी बारिश ने छीना घर, तीन साल बाद भी नहीं मिला ठिकाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: भारी बारिश ने छीना घर, तीन साल बाद भी नहीं मिला ठिकाना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक दर्जन परिवारों को घर बनाने के लिए अब तक नहीं मिली जमीन
2023 में भारी बारिश के चलते माजरी व टिक्कर गांव में मकान हो गए थे क्षतिग्रस्त
किराये के मकान में रह रहे लोग, मुआवजे के लिए दी राशि किराये में हो गई खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। बारिश से प्रभावित सौड़ी पंचायत के माजरी व टिक्कर गांवों के 12 परिवारों को तीन वर्ष के बाद भी मकान बनाने के लिए जमीन नहीं मिल पाई है। अगस्त 2023 में भारी बारिश के चलते मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। अब मजबूरन ग्रामीणों को किराये के मकानों में रहना पड़ रहा है। सरकार की ओर से प्रभावितों को 3-3 लाख रुपये का मुआवजा राशि दी गई है। लेकिन यह राशि दो वर्षों में मकान के किराये में खर्च हो गई है। अब तीसरी बरसात शुरू हो गई है। अभी लोग जमीन का इंतजार कर रहे हैं।
सौड़ी पंचायत के गोरखनाथ वार्ड के माजरी व टिक्कर गांव वर्ष 2023 में भारी बारिश के चलते धंस गए थे। रास्ते भी अब नहीं बचे हैं। जमीन के नाम पर खाई बन गई है।
माजरी गांव के चेपू राम, सुखराम, मान सिंह, रमेश चंद, यशोदा देवी, चमन लाल, संजय कुमार व टिक्कर के दलीप कुमार, रामनाथ समेत आधा दर्जन लोग बेघर हो गए थे। ये सभी लोग 3 साल से किराये के मकानों में रह रहे हैं। त्रासदी व भूस्खलन के कारण सरकार ने उनके घर व जमीन खाली करवा दी थी। कुछ दिन वे भटोली गुरुद्वारा व लोगों के घर में शरण लेकर रहे। उसके पश्चात सरकारी अधिकारियों व नेताओं ने आश्वासन दिया कि जब तक उनके घर नहीं बन जाते वे किराये के कमरे लेकर रह सकते हैं उन्हें किराया सरकार की ओर से दिया जाएगा। लेकिन उन्हें कोई किराया नहीं मिल पाया है। सरकार ने जो 3 लाख रुपये मुआवजा के रूप में दिया था वह भी किराये के रूप में खर्च हो गया है।
विज्ञापन
सौड़ी पंचायत के प्रधान रीता रानी ने बताया कि गोरखनाथ वार्ड के माजरी व टिक्कर गांव के लोग तीन साल पहले आपदा से बेघर हुए थे उन्हें अभी तक मकान बनाने के लिए जमीन नहीं मिल पाई है। यह लोग अभी भी किराये के मकान में रह रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है।
बद्दी के तहसीलदार सतेंद्र सिंह ने बताया कि बेघर हुए सात परिवारों को झाड़माजरी में जमीन देखी है। लेकिन यह लोग भटोली कलां में जमीन की मांग कर रहे हैं। लेकिन वहां की पंचायत के लोग इन्हें यहां बसाना नहीं चाहते हैं। अब झाड़माजरी में तीन-तीन बिस्वा के ततीमे काटकर सरकार को स्वीकृति के लिए भेज दिए गए हैं। जैसे ही मंजूरी मिलती है तो इन लोगों को आवास बनाने के लिए जमीन मुहैया करा दी जाएगी।
विज्ञापन
2023 में भारी बारिश के चलते माजरी व टिक्कर गांव में मकान हो गए थे क्षतिग्रस्त
किराये के मकान में रह रहे लोग, मुआवजे के लिए दी राशि किराये में हो गई खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। बारिश से प्रभावित सौड़ी पंचायत के माजरी व टिक्कर गांवों के 12 परिवारों को तीन वर्ष के बाद भी मकान बनाने के लिए जमीन नहीं मिल पाई है। अगस्त 2023 में भारी बारिश के चलते मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। अब मजबूरन ग्रामीणों को किराये के मकानों में रहना पड़ रहा है। सरकार की ओर से प्रभावितों को 3-3 लाख रुपये का मुआवजा राशि दी गई है। लेकिन यह राशि दो वर्षों में मकान के किराये में खर्च हो गई है। अब तीसरी बरसात शुरू हो गई है। अभी लोग जमीन का इंतजार कर रहे हैं।
सौड़ी पंचायत के गोरखनाथ वार्ड के माजरी व टिक्कर गांव वर्ष 2023 में भारी बारिश के चलते धंस गए थे। रास्ते भी अब नहीं बचे हैं। जमीन के नाम पर खाई बन गई है।
विज्ञापन
माजरी गांव के चेपू राम, सुखराम, मान सिंह, रमेश चंद, यशोदा देवी, चमन लाल, संजय कुमार व टिक्कर के दलीप कुमार, रामनाथ समेत आधा दर्जन लोग बेघर हो गए थे। ये सभी लोग 3 साल से किराये के मकानों में रह रहे हैं। त्रासदी व भूस्खलन के कारण सरकार ने उनके घर व जमीन खाली करवा दी थी। कुछ दिन वे भटोली गुरुद्वारा व लोगों के घर में शरण लेकर रहे। उसके पश्चात सरकारी अधिकारियों व नेताओं ने आश्वासन दिया कि जब तक उनके घर नहीं बन जाते वे किराये के कमरे लेकर रह सकते हैं उन्हें किराया सरकार की ओर से दिया जाएगा। लेकिन उन्हें कोई किराया नहीं मिल पाया है। सरकार ने जो 3 लाख रुपये मुआवजा के रूप में दिया था वह भी किराये के रूप में खर्च हो गया है।
विज्ञापन
सौड़ी पंचायत के प्रधान रीता रानी ने बताया कि गोरखनाथ वार्ड के माजरी व टिक्कर गांव के लोग तीन साल पहले आपदा से बेघर हुए थे उन्हें अभी तक मकान बनाने के लिए जमीन नहीं मिल पाई है। यह लोग अभी भी किराये के मकान में रह रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है।
बद्दी के तहसीलदार सतेंद्र सिंह ने बताया कि बेघर हुए सात परिवारों को झाड़माजरी में जमीन देखी है। लेकिन यह लोग भटोली कलां में जमीन की मांग कर रहे हैं। लेकिन वहां की पंचायत के लोग इन्हें यहां बसाना नहीं चाहते हैं। अब झाड़माजरी में तीन-तीन बिस्वा के ततीमे काटकर सरकार को स्वीकृति के लिए भेज दिए गए हैं। जैसे ही मंजूरी मिलती है तो इन लोगों को आवास बनाने के लिए जमीन मुहैया करा दी जाएगी।