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Solan News: शिमला समेत अन्य जिलों के बड़े डिफाल्टरों नहीं हो पाई गिरफ्तारी
Mon, 10 Aug 2026 12:28 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 10 Aug 2026 12:28 AM IST
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बघाट बैंक प्रबंधन ने लिखा था डीआईजी को पत्र, 50 से ज्यादा हैं नाम
सिर्फ सोलन के 20 डिफाल्टरों की हो पाई है अभी तक गिरफ्तारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बघाट बैंक के 50 से अधिक बड़े डिफाल्टरों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो पाई है। बैंक ने इस संबंध में डीआईजी शिमला को पत्र लिखा था लेकिन अभी तक न तो कोई जवाब आया और न ही कोई गिरफ्तारी हो पाई। इन डिफाल्टरों में सोलन सहित अन्य जिलों के लोग शामिल हैं, जिनकी गिरफ्तारी जिला पुलिस को करनी है। यह गिरफ्तारी डीआईजी के आदेशों के बाद संबंधित जिला के पुलिस अधीक्षकों की ओर से करवाई जानी है।
बघाट बैंक ने 50 से अधिक बकायादारों के नाम पुलिस को भेजे थे। इन डिफाल्टरों के पास बैंक के करीब 15 से 20 करोड़ रुपये की राशि फंसी है। बार-बार नोटिस देने के बाद भी यह डिफाल्टर न तो लोन की राशि जमा करवा रहे हैं और न ही सहायक पंजीयक की अदालत में पेश हो रहे हैं। ऐसे में इन्हें गैर जमानती वारंट जारी हुए हैं, बावजूद इसके अभी तक इनकी गिरफ्तारियां नहीं हो पाई हैं।
बैंक ने इन बकायादारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस से सहयोग मांगा था। डीआईजी को भेजे गए पत्र में स्थिति की गंभीरता बताई गई थी। हालांकि, बैंक को पुलिस विभाग से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इस कारण बकायादारों के खिलाफ कार्रवाई में देरी हो रही है। बघाट बैंक ने सहायक पंजीयक की अदालत से करीब एक माह पहले 115 डिफाल्टरों को गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। मगर इसमें अब तक केवल सोलन के दो दर्जन डिफाल्टरों की ही गिरफ्तारी हो पाई है। यह संख्या कुल बकायादारों की तुलना में काफी कम है। अन्य जिलों में बकायादारों की गिरफ्तारी के मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है। पुलिस की धीमी कार्रवाई से बैंक प्रबंधन में निराशा है। बैंक ने अन्य जिलों में भी तेजी से कार्रवाई की मांग की है।
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बैंक के अधिकारियों के अनुसार उन्होंने डीआईजी शिमला को इसके लिए पत्र लिखकर शिमला, सिरमौर, ऊना आदि जिला के 50 से ज्यादा डिफाल्टरों के नाम भेजे हैं। मगर अभी तक इसमें गिरफ्तारियां नहीं हो पाई हैं। इन डिफाल्टरों की गिरफ्तारियां होने के बाद लोन की रिकवरी में राहत मिलेगी।
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सिर्फ सोलन के 20 डिफाल्टरों की हो पाई है अभी तक गिरफ्तारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बघाट बैंक के 50 से अधिक बड़े डिफाल्टरों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो पाई है। बैंक ने इस संबंध में डीआईजी शिमला को पत्र लिखा था लेकिन अभी तक न तो कोई जवाब आया और न ही कोई गिरफ्तारी हो पाई। इन डिफाल्टरों में सोलन सहित अन्य जिलों के लोग शामिल हैं, जिनकी गिरफ्तारी जिला पुलिस को करनी है। यह गिरफ्तारी डीआईजी के आदेशों के बाद संबंधित जिला के पुलिस अधीक्षकों की ओर से करवाई जानी है।
बघाट बैंक ने 50 से अधिक बकायादारों के नाम पुलिस को भेजे थे। इन डिफाल्टरों के पास बैंक के करीब 15 से 20 करोड़ रुपये की राशि फंसी है। बार-बार नोटिस देने के बाद भी यह डिफाल्टर न तो लोन की राशि जमा करवा रहे हैं और न ही सहायक पंजीयक की अदालत में पेश हो रहे हैं। ऐसे में इन्हें गैर जमानती वारंट जारी हुए हैं, बावजूद इसके अभी तक इनकी गिरफ्तारियां नहीं हो पाई हैं।
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बैंक ने इन बकायादारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस से सहयोग मांगा था। डीआईजी को भेजे गए पत्र में स्थिति की गंभीरता बताई गई थी। हालांकि, बैंक को पुलिस विभाग से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इस कारण बकायादारों के खिलाफ कार्रवाई में देरी हो रही है। बघाट बैंक ने सहायक पंजीयक की अदालत से करीब एक माह पहले 115 डिफाल्टरों को गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। मगर इसमें अब तक केवल सोलन के दो दर्जन डिफाल्टरों की ही गिरफ्तारी हो पाई है। यह संख्या कुल बकायादारों की तुलना में काफी कम है। अन्य जिलों में बकायादारों की गिरफ्तारी के मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है। पुलिस की धीमी कार्रवाई से बैंक प्रबंधन में निराशा है। बैंक ने अन्य जिलों में भी तेजी से कार्रवाई की मांग की है।
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बैंक के अधिकारियों के अनुसार उन्होंने डीआईजी शिमला को इसके लिए पत्र लिखकर शिमला, सिरमौर, ऊना आदि जिला के 50 से ज्यादा डिफाल्टरों के नाम भेजे हैं। मगर अभी तक इसमें गिरफ्तारियां नहीं हो पाई हैं। इन डिफाल्टरों की गिरफ्तारियां होने के बाद लोन की रिकवरी में राहत मिलेगी।