{"_id":"6a539516b16a576379088498","slug":"prices-of-tomatoes-and-capsicum-drop-at-the-solan-vegetable-market-solan-news-c-176-1-ssml1040-173737-2026-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: सब्जी मंडी सोलन में गिरे शिमला मिर्च समेत टमाटर के दाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: सब्जी मंडी सोलन में गिरे शिमला मिर्च समेत टमाटर के दाम
Sun, 12 Jul 2026 11:51 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sun, 12 Jul 2026 11:51 PM IST
विज्ञापन
सोलन सब्जी मंडी में शिमला मिर्च की ऑकशन करते हुए। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिमला मिर्च 66 रुपये से अब 15 से 30 रुपये प्रति किलो पहुंची
300 से 500 रुपये की बिक रही है टमाटर की 25 किलो की क्रेट
किसान मायूस, फसलों की लागत को भी नहीं कर पा रहे पूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सब्जी मंडी सोलन में इन दिनों नकदी फसलों के दामों में आई भारी गिरावट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मंडी में शिमला मिर्च के साथ-साथ टमाटर के दामों में भी भारी कमी दर्ज की गई है। ऊंचे दामों पर बिक रही शिमला मिर्च अब 15 से 30 रुपये प्रति किलो के स्तर पर आ गई है, जबकि शनिवार को इसके दाम 66 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए थे। वहीं दूसरी ओर, टमाटर की 25 किलो की क्रेट महज 300 से 500 रुपये में बिक रही है। दाम इतने कम हो चुके हैं कि किसानों के लिए अपनी फसलों की लागत पूरा करना भी मुश्किल हो रहा है, जिससे उत्पादकों में भारी मायूसी है।
जानकारी के अनुसार दामों में इस गिरावट की मुख्य वजह मौसम में आया अप्रत्याशित बदलाव है। इस बार सोलन का टमाटर अपने तय समय से करीब 20 दिन देरी से तैयार हुआ है। देरी से फसल आने के कारण किसानों को शुरुआत का अच्छा बाजार नहीं मिल सका। इसके अलावा, इस समय बेंगलुरु और हरियाणा के कुछ प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में टमाटर की बंपर फसल हुई है। वहां का टमाटर देश की बड़ी मंडियों में भारी मात्रा में पहुंच रहा है, जिसके चलते सोलन के टमाटर की मांग और कीमतों पर सीधा असर पड़ा है। शनिवार को मंडी में टमाटर थोक में 12 से 20 रुपये प्रति किलो तक बिका है, जबकि शिमला मिर्च के दाम क्वालिटी के आधार पर 30 से 66 रुपये प्रति किलो तक रहे हैं।
इनसेट
मौसम साफ होने के बाद पहुंची ज्यादा सप्लाई
जिले में पिछले तीन-चार दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण किसान मिर्च का तुड़ान नहीं कर पाए थे। वहीं शनिवार को मौसम साफ होने पर किसानों ने तोड़ाई शुरू कर दी। जब मंडी पहुंचे तो शिमला मिर्च की बोरियां ही नजर आ रही थीं। ऐसे में शिमला मिर्च के दाम में कम मांग होने के कारण गिरावट आई है।
विज्ञापन
इनसेट
आगामी दिनों में सुधार की उम्मीद
कृषि उपज मंडी समिति के सचिव राघव सूद ने बताया कि बेंगलुरु से टमाटर की भारी खेप बड़ी मंडियों में पहुंचने के कारण स्थानीय टमाटर को अपेक्षित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में बाजार में टमाटर की आवक संतुलित होने पर इसके दामों में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। वहीं, शिमला मिर्च के दाम आगामी दिनों में वर्तमान स्तर पर ही स्थिर रहने की संभावना है।
विज्ञापन
300 से 500 रुपये की बिक रही है टमाटर की 25 किलो की क्रेट
किसान मायूस, फसलों की लागत को भी नहीं कर पा रहे पूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सब्जी मंडी सोलन में इन दिनों नकदी फसलों के दामों में आई भारी गिरावट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मंडी में शिमला मिर्च के साथ-साथ टमाटर के दामों में भी भारी कमी दर्ज की गई है। ऊंचे दामों पर बिक रही शिमला मिर्च अब 15 से 30 रुपये प्रति किलो के स्तर पर आ गई है, जबकि शनिवार को इसके दाम 66 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए थे। वहीं दूसरी ओर, टमाटर की 25 किलो की क्रेट महज 300 से 500 रुपये में बिक रही है। दाम इतने कम हो चुके हैं कि किसानों के लिए अपनी फसलों की लागत पूरा करना भी मुश्किल हो रहा है, जिससे उत्पादकों में भारी मायूसी है।
जानकारी के अनुसार दामों में इस गिरावट की मुख्य वजह मौसम में आया अप्रत्याशित बदलाव है। इस बार सोलन का टमाटर अपने तय समय से करीब 20 दिन देरी से तैयार हुआ है। देरी से फसल आने के कारण किसानों को शुरुआत का अच्छा बाजार नहीं मिल सका। इसके अलावा, इस समय बेंगलुरु और हरियाणा के कुछ प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में टमाटर की बंपर फसल हुई है। वहां का टमाटर देश की बड़ी मंडियों में भारी मात्रा में पहुंच रहा है, जिसके चलते सोलन के टमाटर की मांग और कीमतों पर सीधा असर पड़ा है। शनिवार को मंडी में टमाटर थोक में 12 से 20 रुपये प्रति किलो तक बिका है, जबकि शिमला मिर्च के दाम क्वालिटी के आधार पर 30 से 66 रुपये प्रति किलो तक रहे हैं।
विज्ञापन
इनसेट
मौसम साफ होने के बाद पहुंची ज्यादा सप्लाई
जिले में पिछले तीन-चार दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण किसान मिर्च का तुड़ान नहीं कर पाए थे। वहीं शनिवार को मौसम साफ होने पर किसानों ने तोड़ाई शुरू कर दी। जब मंडी पहुंचे तो शिमला मिर्च की बोरियां ही नजर आ रही थीं। ऐसे में शिमला मिर्च के दाम में कम मांग होने के कारण गिरावट आई है।
विज्ञापन
इनसेट
आगामी दिनों में सुधार की उम्मीद
कृषि उपज मंडी समिति के सचिव राघव सूद ने बताया कि बेंगलुरु से टमाटर की भारी खेप बड़ी मंडियों में पहुंचने के कारण स्थानीय टमाटर को अपेक्षित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में बाजार में टमाटर की आवक संतुलित होने पर इसके दामों में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। वहीं, शिमला मिर्च के दाम आगामी दिनों में वर्तमान स्तर पर ही स्थिर रहने की संभावना है।