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Solan News: गिरि परियोजना के डोईयो वाला बांध के कायाकल्प की तैयारी, 265 करोड़ का प्रस्ताव भेजा
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विकास की बात
क्षेत्र के सैंकड़ों किसानों को सालभर मिलेगी पर्याप्त सिंचाई सुविधा, खेतों में लौटेगी हरियाली
भजन चौधरी
धौलाकुआं (सिरमौर)। जल शक्ति विभाग ने पांवटा क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी मानी जाने वाली गिरि जल विद्युत परियोजना के डोईयो वाला बांध की सफाई के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने बांध से गाद (सिल्ट) निकालने और तीन प्रमुख सिंचाई योजनाओं को पुनर्जीवित करने के लिए 265 करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार कर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा है।
वर्ष 1978 में गिरि नगर विद्युत परियोजना के निर्माण के साथ ही पानी के भंडारण के लिए डोईयो वाला में बांध बनाया गया था। इस बांध से निकली 24 किलोमीटर लंबी एलबीसी और 14 किलोमीटर लंबी आरबीसी सिंचाई योजनाओं के माध्यम से खैरी, कोटडी बयास, गुलाबगढ़, टोका, खारा, धर्मकोट, भूगरणी, ठोकिया, सैनवाला और जगतपुर जैसे गांवों की हजारों बीघा बंजर भूमि सिंचित होती रही। कुछ दशकों में बरसात के दौरान आने वाली सिल्ट के कारण बांध में 10 से 15 फीट तक मिट्टी जमा हो गई है। बांध के मिट्टी से लबालब भर जाने के कारण जल भंडारण क्षमता बेहद कम हो गई है। इसका सीधा असर विद्युत उत्पादन और सिंचाई व्यवस्था पर पड़ा है। वर्तमान में बिजली उत्पादन के लिए पानी कम होने से सिंचाई योजनाओं तक पर्याप्त जल नहीं पहुंच पा रहा है। साथ ही, डोईयो वाला से पडदूणी तक की तीसरी उठाऊ सिंचाई योजना भी पानी की किल्लत के कारण दम तोड़ रही है।
बाक्स-1
परियोजना से मिलेगी सैंकड़ों किसानों को राहत
विभाग के सहायक अभियंता परविंद्र ने बताया कि 265 करोड़ रुपये का प्रस्ताव राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत मंजूरी के लिए भेजा गया है। केंद्र से मंजूरी मिलते ही बांध की सफाई और तीनों प्रमुख सिंचाई योजनाओं की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा। इस बांध के खाली होने और सिंचाई नहरों की मरम्मत होने से क्षेत्र के सैंकड़ों किसानों को साल भर पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे फिर से खेतों में हरियाली लौटेगी। किसानों के लिए यह परियोजना एक बड़ी सौगात साबित होगी।
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संवाद
क्षेत्र के सैंकड़ों किसानों को सालभर मिलेगी पर्याप्त सिंचाई सुविधा, खेतों में लौटेगी हरियाली
भजन चौधरी
धौलाकुआं (सिरमौर)। जल शक्ति विभाग ने पांवटा क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी मानी जाने वाली गिरि जल विद्युत परियोजना के डोईयो वाला बांध की सफाई के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने बांध से गाद (सिल्ट) निकालने और तीन प्रमुख सिंचाई योजनाओं को पुनर्जीवित करने के लिए 265 करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार कर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा है।
वर्ष 1978 में गिरि नगर विद्युत परियोजना के निर्माण के साथ ही पानी के भंडारण के लिए डोईयो वाला में बांध बनाया गया था। इस बांध से निकली 24 किलोमीटर लंबी एलबीसी और 14 किलोमीटर लंबी आरबीसी सिंचाई योजनाओं के माध्यम से खैरी, कोटडी बयास, गुलाबगढ़, टोका, खारा, धर्मकोट, भूगरणी, ठोकिया, सैनवाला और जगतपुर जैसे गांवों की हजारों बीघा बंजर भूमि सिंचित होती रही। कुछ दशकों में बरसात के दौरान आने वाली सिल्ट के कारण बांध में 10 से 15 फीट तक मिट्टी जमा हो गई है। बांध के मिट्टी से लबालब भर जाने के कारण जल भंडारण क्षमता बेहद कम हो गई है। इसका सीधा असर विद्युत उत्पादन और सिंचाई व्यवस्था पर पड़ा है। वर्तमान में बिजली उत्पादन के लिए पानी कम होने से सिंचाई योजनाओं तक पर्याप्त जल नहीं पहुंच पा रहा है। साथ ही, डोईयो वाला से पडदूणी तक की तीसरी उठाऊ सिंचाई योजना भी पानी की किल्लत के कारण दम तोड़ रही है।
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परियोजना से मिलेगी सैंकड़ों किसानों को राहत
विभाग के सहायक अभियंता परविंद्र ने बताया कि 265 करोड़ रुपये का प्रस्ताव राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत मंजूरी के लिए भेजा गया है। केंद्र से मंजूरी मिलते ही बांध की सफाई और तीनों प्रमुख सिंचाई योजनाओं की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा। इस बांध के खाली होने और सिंचाई नहरों की मरम्मत होने से क्षेत्र के सैंकड़ों किसानों को साल भर पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे फिर से खेतों में हरियाली लौटेगी। किसानों के लिए यह परियोजना एक बड़ी सौगात साबित होगी।
संवाद