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Solan News: स्थायी खेती से सशक्त हो रहे किसान, दो पंचायतों में चल रही योजना
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माउंट वैली डेवलपमेंट एसोसिएशन दे रही किसानों को आधुनिक खेती का प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
चायल(सोलन)। उपमंडल कंडाघाट की दो पंचायतों बांजनी व सकोड़ी में हिमालयी राज्यों में स्थायी खेती और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से माउंट वैली डेवलपमेंट एसोसिएशन की ओर से किसानों के लिए कई कार्य किए जा रहे हैं। संस्था की ओर से किसानों को विभिन्न आधुनिक कृषि औजार, कीटनाशक और उन्नत खेती तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी के साथ उत्पादन क्षमता भी मजबूत हो रही है।
किसान रमेश ने बताया कि पहले पारंपरिक खेती में अधिक मेहनत और कम आमदनी होती थी, लेकिन अब आधुनिक औजार और सही कीटनाशक मिलने से फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई है और बाजार में अच्छे दाम मिल रहे हैं। किसान सुरेश वर्मा का कहना है कि एसोसिएशन की ओर से दिए जा रहे प्रशिक्षण से उन्हें नई तकनीकों की जानकारी मिली है। महिला किसान मीना देवी ने कहा कि संस्था की मदद से उन्हें खेती में आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। संस्था के विषयवाद विशेषज्ञ अजय ममगई का कहना है कि आने वाले समय में और अधिक किसानों को जोड़कर स्थायी खेती और मूल्य संवर्धन के माध्यम से उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाएगा। इस दौरान देविंद्र, रजत नेगी, आयुषी जुगरान, ललित व एग्रीकल्चर एसोसिएट अमित भी गांवों में जाकर किसानों को सलाह दे रहे हैं।
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चायल(सोलन)। उपमंडल कंडाघाट की दो पंचायतों बांजनी व सकोड़ी में हिमालयी राज्यों में स्थायी खेती और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से माउंट वैली डेवलपमेंट एसोसिएशन की ओर से किसानों के लिए कई कार्य किए जा रहे हैं। संस्था की ओर से किसानों को विभिन्न आधुनिक कृषि औजार, कीटनाशक और उन्नत खेती तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी के साथ उत्पादन क्षमता भी मजबूत हो रही है।
किसान रमेश ने बताया कि पहले पारंपरिक खेती में अधिक मेहनत और कम आमदनी होती थी, लेकिन अब आधुनिक औजार और सही कीटनाशक मिलने से फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई है और बाजार में अच्छे दाम मिल रहे हैं। किसान सुरेश वर्मा का कहना है कि एसोसिएशन की ओर से दिए जा रहे प्रशिक्षण से उन्हें नई तकनीकों की जानकारी मिली है। महिला किसान मीना देवी ने कहा कि संस्था की मदद से उन्हें खेती में आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। संस्था के विषयवाद विशेषज्ञ अजय ममगई का कहना है कि आने वाले समय में और अधिक किसानों को जोड़कर स्थायी खेती और मूल्य संवर्धन के माध्यम से उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाएगा। इस दौरान देविंद्र, रजत नेगी, आयुषी जुगरान, ललित व एग्रीकल्चर एसोसिएट अमित भी गांवों में जाकर किसानों को सलाह दे रहे हैं।
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