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Una News: जिले में स्कूलों के आसपास नशे के खिलाफ कार्रवाई पड़ी ढीली
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 11 Mar 2026 01:04 AM IST
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ऊना। जिले में शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए शुरू की गई मुहिम अब धीमी पड़ती नजर आ रही है। हालात ये हैं कि कई शिक्षण संस्थानों के आसपास एक बार फिर तंबाकू, गुटखा और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री शुरू हो गई है, जिससे विद्यार्थियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार प्रशासन और पुलिस द्वारा कुछ समय पहले शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान कई दुकानदारों को चेतावनी दी गई और कुछ के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी। अब यह अभियान धीरे-धीरे ठंडा पड़ता दिखाई दे रहा है।
स्थानीय लोगों में अभिषेक कुमार, रोशन लाल, सतीश कुमार, सुनीता देवी, कांता रानी, रेखा शर्मा का कहना है कि प्रशासनिक सख्ती कम होते ही कई दुकानदारों ने फिर से स्कूलों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री शुरू कर दी है।
कई स्थानों पर दुकानों के आसपास गुटखा और तंबाकू के खाली पाउच भी पड़े दिखाई दे रहे हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि नियमों का पालन सही ढंग से नहीं हो रहा।
इस मामले में कई शिक्षण संस्थान भी अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं। स्कूलों और कॉलेजों के आसपास यदि किसी दुकान पर नशीले पदार्थ बिक रहे हैं तो संस्थानों को इसकी सूचना प्रशासन को देनी चाहिए लेकिन कई जगह इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
नियमों के अनुसार शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध है। इसके अलावा स्कूलों और कॉलेजों के आसपास तंबाकू या गुटखा के पैकेट फेंकना भी नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
उपनिदेशक जिला उच्च शिक्षा विभाग अनिल कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने के लिए स्कूलों के आसपास ऐसे उत्पादों की बिक्री पर सख्त निगरानी जरूरी है। यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो इसका सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ सकता है।
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जानकारी के अनुसार प्रशासन और पुलिस द्वारा कुछ समय पहले शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान कई दुकानदारों को चेतावनी दी गई और कुछ के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी। अब यह अभियान धीरे-धीरे ठंडा पड़ता दिखाई दे रहा है।
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स्थानीय लोगों में अभिषेक कुमार, रोशन लाल, सतीश कुमार, सुनीता देवी, कांता रानी, रेखा शर्मा का कहना है कि प्रशासनिक सख्ती कम होते ही कई दुकानदारों ने फिर से स्कूलों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री शुरू कर दी है।
कई स्थानों पर दुकानों के आसपास गुटखा और तंबाकू के खाली पाउच भी पड़े दिखाई दे रहे हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि नियमों का पालन सही ढंग से नहीं हो रहा।
इस मामले में कई शिक्षण संस्थान भी अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं। स्कूलों और कॉलेजों के आसपास यदि किसी दुकान पर नशीले पदार्थ बिक रहे हैं तो संस्थानों को इसकी सूचना प्रशासन को देनी चाहिए लेकिन कई जगह इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
नियमों के अनुसार शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध है। इसके अलावा स्कूलों और कॉलेजों के आसपास तंबाकू या गुटखा के पैकेट फेंकना भी नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
उपनिदेशक जिला उच्च शिक्षा विभाग अनिल कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने के लिए स्कूलों के आसपास ऐसे उत्पादों की बिक्री पर सख्त निगरानी जरूरी है। यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो इसका सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ सकता है।