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Una News: ऊना में कुत्तों का आतंक बरकरार, जून माह में 674 लोगों को काटा
Thu, 16 Jul 2026 07:29 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 16 Jul 2026 07:29 AM IST
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ऊना। जिला ऊना में कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। जून माह के दौरान जिले में कुल 674 लोग कुत्तों के हमले का शिकार हुए। इनमें 274 मामलों में लावारिस कुत्तों ने लोगों को काटा जबकि 400 लोगों को पालतू कुत्तों ने घायल किया। आंकड़े बताते हैं कि औसतन हर दिन 22 से अधिक लोग डॉग बाइट का शिकार हो रहे हैं।
जिले में बढ़ती घटनाओं के बावजूद लावारिस कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सड़कों, बाजारों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों के झुंड लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। सुबह-शाम सैर करने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर कुत्तों के झुंड राहगीरों का पीछा करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट भी बीते दिनों इस विषय को लेकर सख्त दिशा निर्देश दे चुका है। इन निर्देशों का असर जमीन पर पर्याप्त रूप से दिखाई नहीं दे रहा। जिला मुख्यालय पर बीते दिनों शहर के वार्ड पांच में लावारिस कुत्तों के झुंड ने एक बच्ची पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। जिला मुख्यालय सहित जिले भर में लगातार डॉग बाइट के मामले सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है। इससे यह गंभीर मसला लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। लोगों ने प्रशासन और नगर निकायों से मांग की है कि लावारिस कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए।
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लावारिस कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण और अन्य उचित कदम उठाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सरकार की तरफ से आगामी समय में जो भी निर्देश दिए जाएंगे, उसका पालन किया जाएगा।
-जतिन लाल, उपायुक्त ऊना
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जिले में बढ़ती घटनाओं के बावजूद लावारिस कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सड़कों, बाजारों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों के झुंड लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। सुबह-शाम सैर करने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर कुत्तों के झुंड राहगीरों का पीछा करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
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हालांकि सुप्रीम कोर्ट भी बीते दिनों इस विषय को लेकर सख्त दिशा निर्देश दे चुका है। इन निर्देशों का असर जमीन पर पर्याप्त रूप से दिखाई नहीं दे रहा। जिला मुख्यालय पर बीते दिनों शहर के वार्ड पांच में लावारिस कुत्तों के झुंड ने एक बच्ची पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। जिला मुख्यालय सहित जिले भर में लगातार डॉग बाइट के मामले सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है। इससे यह गंभीर मसला लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। लोगों ने प्रशासन और नगर निकायों से मांग की है कि लावारिस कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए।
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लावारिस कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण और अन्य उचित कदम उठाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सरकार की तरफ से आगामी समय में जो भी निर्देश दिए जाएंगे, उसका पालन किया जाएगा।
-जतिन लाल, उपायुक्त ऊना