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Una News: नौकरी का पैकेज छोड़ा, सेना में अफसर बनने का सपना चुना
Wed, 12 Aug 2026 11:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 12 Aug 2026 11:55 AM IST
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नितिन जसवाल
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ऊना। आकर्षक नौकरी का मौका छोड़कर सेना में अफसर बनने का सपना पूरा करने की चाह ने सलोह के 23 वर्षीय नितिन जसवाल को देशभर में पहचान दिलाई है।
नितिन ने भारतीय सेना के एसएससी टेक्निकल-67 कोर्स की मेरिट में कंप्यूटर साइंस ट्रेड में देशभर में 44वां स्थान हासिल किया है। अब ओटीए गया में एक वर्ष का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वह अगले वर्ष लेफ्टिनेंट के पद पर सेना में सेवाएं देंगे।
नितिन ने सिलेक्शन सेंटर नॉर्थ जालंधर में एसएसबी इंटरव्यू भी सफलतापूर्वक पास किया। उन्होंने चितकारा विश्वविद्यालय राजपुरा से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है। वर्ष 2025 में डिग्री पूरी करने के बाद उन्हें एलजी ग्रुप में बंगलूरू में आकर्षक पैकेज पर नौकरी मिली लेकिन सेना में अधिकारी बनने का बचपन का सपना उन्हें नौकरी से अलग रास्ते पर ले गया।
नितिन ने प्रारंभिक शिक्षा डीएवी सेंटेनरी पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल ऊना से प्राप्त की और वर्ष 2019 में 82 प्रतिशत अंकों के साथ दसवीं पास की। इसके बाद हिम अकादमी हमीरपुर से 2021 में नॉन मेडिकल में 85 प्रतिशत अंक हासिल किए।
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परिवार से मिली सेना की प्रेरणा
नितिन के परदादा दिवंगत नसीब सिंह भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं। उनके पिता सुनील ठाकुर भी सेना में 20 वर्ष सेवाएं देने के बाद हवलदार पद से सेवानिवृत्त हुए। वर्तमान में वह हिमाचल सरकार के राजस्व विभाग में हरोली में ग्रामीण राजस्व अधिकारी के पद पर तैनात हैं। मां रेणु ठाकुर गृहिणी हैं। परिवार से मिली सैन्य पृष्ठभूमि ने नितिन के सेना में अफसर बनने के सपने को और मजबूत किया।
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नितिन ने भारतीय सेना के एसएससी टेक्निकल-67 कोर्स की मेरिट में कंप्यूटर साइंस ट्रेड में देशभर में 44वां स्थान हासिल किया है। अब ओटीए गया में एक वर्ष का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वह अगले वर्ष लेफ्टिनेंट के पद पर सेना में सेवाएं देंगे।
नितिन ने सिलेक्शन सेंटर नॉर्थ जालंधर में एसएसबी इंटरव्यू भी सफलतापूर्वक पास किया। उन्होंने चितकारा विश्वविद्यालय राजपुरा से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है। वर्ष 2025 में डिग्री पूरी करने के बाद उन्हें एलजी ग्रुप में बंगलूरू में आकर्षक पैकेज पर नौकरी मिली लेकिन सेना में अधिकारी बनने का बचपन का सपना उन्हें नौकरी से अलग रास्ते पर ले गया।
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नितिन ने प्रारंभिक शिक्षा डीएवी सेंटेनरी पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल ऊना से प्राप्त की और वर्ष 2019 में 82 प्रतिशत अंकों के साथ दसवीं पास की। इसके बाद हिम अकादमी हमीरपुर से 2021 में नॉन मेडिकल में 85 प्रतिशत अंक हासिल किए।
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परिवार से मिली सेना की प्रेरणा
नितिन के परदादा दिवंगत नसीब सिंह भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं। उनके पिता सुनील ठाकुर भी सेना में 20 वर्ष सेवाएं देने के बाद हवलदार पद से सेवानिवृत्त हुए। वर्तमान में वह हिमाचल सरकार के राजस्व विभाग में हरोली में ग्रामीण राजस्व अधिकारी के पद पर तैनात हैं। मां रेणु ठाकुर गृहिणी हैं। परिवार से मिली सैन्य पृष्ठभूमि ने नितिन के सेना में अफसर बनने के सपने को और मजबूत किया।