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Kathua News: मानव जीवन का असली लक्ष्य प्रभु भजन
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Mon, 09 Mar 2026 02:10 AM IST
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बन्नू चक में श्रीमद् भगवत कथा में भाग लेने पहुंचे विधायक हीरानगर। स्रोत आयोजक
- फोटो : samvad
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छठे दिन कथा उमड़ा जनसैलाब संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। दियालाचक से सटे गांव बन्नू चक में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन जारी है। कथा को सुनने के लिए वहां बड़ी संख्या में भक्त उमड़ रहे हैं। कथा के छठे दिन कथाव्यास संत सुभाष शास्त्री ने श्रद्धालुओं को जीवन के वास्तविक उद्देश्य की ओर प्रेरित किया। कथा में आने वाले भक्तों को आत्मिक शांति और मार्गदर्शन का ज्ञान प्रदान किया।
कथा के दौरान संत सुभाष शास्त्री ने प्रवचन में मानव जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मानव जन्म बार-बार नहीं मिलता। यह केवल जीवन के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए होता है। संत ने कबीर के दोहे और श्रीमद् भागवत गीता के अध्याय 7 से श्लोक 13 का उल्लेख करते हुए समझाया कि मनुष्य अक्सर मोह और भोग-विलास में जीवन को नष्ट कर देता है। उन्होंने बताया कि स्थूल देह छोड़ने के समय ही आत्मा की योग्यता प्रकट होती है इसलिए जीवन में प्रभु भजन और सेवाकार्यों में रुचि लेना आवश्यक है। इस माैके पर विधायक हीरानगर विजय शर्मा और जिला विकास परिषद के पूर्व सदस्य नारायण दत्त त्रिपाठी भी मौजूद रहे।
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कठुआ। दियालाचक से सटे गांव बन्नू चक में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन जारी है। कथा को सुनने के लिए वहां बड़ी संख्या में भक्त उमड़ रहे हैं। कथा के छठे दिन कथाव्यास संत सुभाष शास्त्री ने श्रद्धालुओं को जीवन के वास्तविक उद्देश्य की ओर प्रेरित किया। कथा में आने वाले भक्तों को आत्मिक शांति और मार्गदर्शन का ज्ञान प्रदान किया।
कथा के दौरान संत सुभाष शास्त्री ने प्रवचन में मानव जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मानव जन्म बार-बार नहीं मिलता। यह केवल जीवन के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए होता है। संत ने कबीर के दोहे और श्रीमद् भागवत गीता के अध्याय 7 से श्लोक 13 का उल्लेख करते हुए समझाया कि मनुष्य अक्सर मोह और भोग-विलास में जीवन को नष्ट कर देता है। उन्होंने बताया कि स्थूल देह छोड़ने के समय ही आत्मा की योग्यता प्रकट होती है इसलिए जीवन में प्रभु भजन और सेवाकार्यों में रुचि लेना आवश्यक है। इस माैके पर विधायक हीरानगर विजय शर्मा और जिला विकास परिषद के पूर्व सदस्य नारायण दत्त त्रिपाठी भी मौजूद रहे।
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