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Kathua News: मधुमक्खी पालकों को आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों से अवगत करवाया
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 17 Mar 2026 01:26 AM IST
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कृषि विभाग की ओर से मधुमक्खी पालन पर आयोजित कार्यक्रम में जानकारी देते हुए वक्तासंवाद
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मधुमक्खी पालकों के लिए सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन 2025–26 के तहत कठुआ में आज से सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कृषि उत्पादन एवं किसान कल्याण विभाग कठुआ ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्थानीय मधुमक्खी पालकों को तकनीकी जानकारी और आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों से प्रशिक्षित किया जा रहा है।
सोमवार को कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्य कृषि अधिकारी कठुआ और जितेंद्र कुमार खजूरिया ने मधुमक्खी पालन को लाभकारी सहायक कृषि गतिविधि बताते हुए प्रतिभागियों को वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जिले में मधुमक्खी पालन की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी भी दी।
प्रशिक्षण के तकनीकी सत्र में क्षेत्रीय विकास अधिकारी विजय अबरोल ने मधुमक्खियों की जीवविज्ञान और जीवन चक्र पर प्रकाश डाला। इस मौके पर एपीकल्चर विकास सहायक पंकज जसरोटिया ने आधुनिक उपकरणों और तकनीकों के उपयोग की जानकारी दी। इस अवसर पर विभाग के अन्य अधिकारी मशरूम विकास अधिकारी अशोक सरमाल, सहायक मृदा रसायनज्ञ दलबीर सिंह, एसएमएस सतवीर सिंह और संजय गुप्ता भी उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों को आय के विविध स्रोत अपनाने और मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने की सलाह दी।
आगामी सात दिनों तक चलने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में एपीकल्चर विकास सहायक पंकज जसरोटिया ने बताया कि यह उनके विभाग की ओर से चलाया जाने वाला वार्षिक कार्यक्रम है। इसमें मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में नए आए वाले किसानों को वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन, कॉलोनी प्रबंधन, मौसमी देखभाल, रोग एवं कीट नियंत्रण, शहद निष्कर्षण और मूल्य संवर्धन पर विस्तार से जानकारी दी जाती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन 2025–26 के तहत कठुआ में आज से सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कृषि उत्पादन एवं किसान कल्याण विभाग कठुआ ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्थानीय मधुमक्खी पालकों को तकनीकी जानकारी और आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों से प्रशिक्षित किया जा रहा है।
सोमवार को कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्य कृषि अधिकारी कठुआ और जितेंद्र कुमार खजूरिया ने मधुमक्खी पालन को लाभकारी सहायक कृषि गतिविधि बताते हुए प्रतिभागियों को वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जिले में मधुमक्खी पालन की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी भी दी।
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प्रशिक्षण के तकनीकी सत्र में क्षेत्रीय विकास अधिकारी विजय अबरोल ने मधुमक्खियों की जीवविज्ञान और जीवन चक्र पर प्रकाश डाला। इस मौके पर एपीकल्चर विकास सहायक पंकज जसरोटिया ने आधुनिक उपकरणों और तकनीकों के उपयोग की जानकारी दी। इस अवसर पर विभाग के अन्य अधिकारी मशरूम विकास अधिकारी अशोक सरमाल, सहायक मृदा रसायनज्ञ दलबीर सिंह, एसएमएस सतवीर सिंह और संजय गुप्ता भी उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों को आय के विविध स्रोत अपनाने और मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने की सलाह दी।
आगामी सात दिनों तक चलने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में एपीकल्चर विकास सहायक पंकज जसरोटिया ने बताया कि यह उनके विभाग की ओर से चलाया जाने वाला वार्षिक कार्यक्रम है। इसमें मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में नए आए वाले किसानों को वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन, कॉलोनी प्रबंधन, मौसमी देखभाल, रोग एवं कीट नियंत्रण, शहद निष्कर्षण और मूल्य संवर्धन पर विस्तार से जानकारी दी जाती है।