{"_id":"6a44279c6ad20c1e2d007b29","slug":"jammu-kashmir-news-kathua-news-c-201-1-knt1006-133686-2026-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: परशुराम चौक से ड्रीमलैंड पार्क तक बारिश से 24 घंटे बाद भी जलभराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: परशुराम चौक से ड्रीमलैंड पार्क तक बारिश से 24 घंटे बाद भी जलभराव
Wed, 01 Jul 2026 02:01 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 01 Jul 2026 02:01 AM IST
विज्ञापन
शहर के ड्रीमलैंड पार्क पर हुए जलभराव के बीच से गुजरते वाहन। संवाद
- फोटो : samvad
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- बारिश ने खोली प्रशासनिक दावों की पोल
- जल निकासी नहीं होने से सड़क बनी तालाब, गड्ढों से बढ़ा हादसों का खतरा, समाधान की उठी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर के परशुराम चौक से ड्रीमलैंड पार्क तक जाने वाली सड़क पर जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से बारिश के बाद गंभीर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। रविवार रात हुई बारिश के बाद सड़क पर जमा पानी सोमवार देर रात तक पूरी तरह नहीं निकल पाया। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी बारिश के मौसम की शुरुआत है और यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और भी बदतर हो सकते हैं। जानकारी के अनुसार पहले पानी डिग्री कॉलेज की दीवार के साथ स्थित खाली जगह में निकल जाता था। पिछले एक वर्ष के दौरान आसपास हुए निर्माण कार्यों का मलबा सड़क किनारे डाल दिए जाने से निकासी का प्राकृतिक मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। इसके चलते अब हर बारिश के बाद सड़क पर लंबे समय तक पानी जमा रहता है।
पहले से ही गड्ढों से बदहाल इस सड़क पर लगातार जलभराव के कारण करीब एक किलोमीटर सड़क के और अधिक क्षतिग्रस्त होने की आशंका बढ़ गई है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे पानी में छिप जाने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी मुकुल शर्मा ने बताया कि इस सड़क पर गड्ढों के कारण पहले भी कई लोग गिरकर घायल हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि शिवानगर की एक वृद्ध महिला की भी इसी सड़क पर बने गड्ढे में गिरने से मौत हो चुकी है। इसके बावजूद संबंधित विभाग ने न तो सड़क की मरम्मत कराई और न ही जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था की।
उन्होंने कहा कि कई बार प्रशासन और लोक निर्माण विभाग का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित किया गया। इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर सामाजिक कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने स्वयं आगे आकर कई बार सड़क के गड्ढे भरने का प्रयास किया। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
वहीं, पूर्व पार्षद रविंद्र सिंह पठानिया का कहना है कि शहर को हाइवे और जीएमसी कठुआ से जोड़ने वाले इस प्रमुख मार्ग पर हजारों की संख्या में लोगों का दिन रात आवागमन जारी रहता है। इसके बाद उक्त महत्वपूर्ण सड़क भी संबंधित विभागों की अनदेखी का शिकार है। सड़क पर बने गड्ढे और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट का प्रबंध न होना इसे और ज्यादा खतरनाक बनाता है। अब जलभराव इस समस्या का और ज्यादा बढ़ा सकता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की तत्काल मरम्मत कर जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि यदि इस बरसात में भी लापरवाही जारी रही तो सड़क पूरी तरह गड्ढे में तब्दील हो जाएगी और इसका खामियाजा हजारों लोगों को भुगतना पड़ेगा।
-- -- -- -- -- -- -- कोट-- -- -- -- -- -- --
समस्या संज्ञान में आई है। एक से दो दिनों में पानी की निकासी का प्रबंध कर दिया जाएगा।
-अभिषेक जंडयाल, सहायक कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
विज्ञापन
- जल निकासी नहीं होने से सड़क बनी तालाब, गड्ढों से बढ़ा हादसों का खतरा, समाधान की उठी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर के परशुराम चौक से ड्रीमलैंड पार्क तक जाने वाली सड़क पर जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से बारिश के बाद गंभीर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। रविवार रात हुई बारिश के बाद सड़क पर जमा पानी सोमवार देर रात तक पूरी तरह नहीं निकल पाया। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी बारिश के मौसम की शुरुआत है और यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और भी बदतर हो सकते हैं। जानकारी के अनुसार पहले पानी डिग्री कॉलेज की दीवार के साथ स्थित खाली जगह में निकल जाता था। पिछले एक वर्ष के दौरान आसपास हुए निर्माण कार्यों का मलबा सड़क किनारे डाल दिए जाने से निकासी का प्राकृतिक मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। इसके चलते अब हर बारिश के बाद सड़क पर लंबे समय तक पानी जमा रहता है।
विज्ञापन
पहले से ही गड्ढों से बदहाल इस सड़क पर लगातार जलभराव के कारण करीब एक किलोमीटर सड़क के और अधिक क्षतिग्रस्त होने की आशंका बढ़ गई है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे पानी में छिप जाने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी मुकुल शर्मा ने बताया कि इस सड़क पर गड्ढों के कारण पहले भी कई लोग गिरकर घायल हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि शिवानगर की एक वृद्ध महिला की भी इसी सड़क पर बने गड्ढे में गिरने से मौत हो चुकी है। इसके बावजूद संबंधित विभाग ने न तो सड़क की मरम्मत कराई और न ही जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था की।
उन्होंने कहा कि कई बार प्रशासन और लोक निर्माण विभाग का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित किया गया। इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर सामाजिक कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने स्वयं आगे आकर कई बार सड़क के गड्ढे भरने का प्रयास किया। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
वहीं, पूर्व पार्षद रविंद्र सिंह पठानिया का कहना है कि शहर को हाइवे और जीएमसी कठुआ से जोड़ने वाले इस प्रमुख मार्ग पर हजारों की संख्या में लोगों का दिन रात आवागमन जारी रहता है। इसके बाद उक्त महत्वपूर्ण सड़क भी संबंधित विभागों की अनदेखी का शिकार है। सड़क पर बने गड्ढे और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट का प्रबंध न होना इसे और ज्यादा खतरनाक बनाता है। अब जलभराव इस समस्या का और ज्यादा बढ़ा सकता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की तत्काल मरम्मत कर जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि यदि इस बरसात में भी लापरवाही जारी रही तो सड़क पूरी तरह गड्ढे में तब्दील हो जाएगी और इसका खामियाजा हजारों लोगों को भुगतना पड़ेगा।
समस्या संज्ञान में आई है। एक से दो दिनों में पानी की निकासी का प्रबंध कर दिया जाएगा।
-अभिषेक जंडयाल, सहायक कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग