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Kathua News: केंद्रीय मंत्री ने कठुआ में 600 करोड़ की फार्मा यूनिट की नींव रखी
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sun, 15 Mar 2026 01:17 AM IST
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चक गदाधर में फार्मा कंपनी की आधारशिला रखते केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कठुआ जिले के गांव गदाधर में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी की फार्मास्यूटिकल निर्माण इकाई का शिलान्यास किया। यह परियोजना ऑर्किड फार्मा की ओर से लगभग 600 से 700 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित किया जा रहा है जिसे बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (बीराक) के सहयोग से आगे बढ़ाया गया है।
डॉ. सिंह ने कहा कि यह निवेश भारत सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम के तहत हो रहा है और इससे लगभग 400 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा जबकि सप्लाई लॉजिस्टिक्स और अन्य सहयोगी क्षेत्रों में उतने ही अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कठुआ को भारत के फार्मा निर्यात मानचित्र पर उभरते केंद्र के रूप में वर्णित किया।
इस इकाई में अमीनो सेफालोस्पोरैनिक एसिड (एसीए) का उत्पादन होगा जो सेफालोस्पोरिन एंटीबायोटिक्स बनाने में अहम कच्चा माल है। वर्तमान में भारत इस सामग्री के लिए लगभग पूरी तरह चीन पर निर्भर है। डॉ. सिंह ने कहा कि कठुआ की यह परियोजना भारत की रणनीतिक क्षमता को मजबूत करेगी और आयात पर निर्भरता घटाएगी।
उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन से जोड़ते हुए कहा कि यह पहल भारत को महत्वपूर्ण स्वास्थ्य तकनीकों और फार्मा सप्लाई चेन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने हाल ही में घोषित ₹10,000 करोड़ की बायोफार्मा शक्ति पहल का भी उल्लेख किया।
डॉ. सिंह ने कहा कि भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में तीसरे स्थान पर और वैश्विक स्तर पर 30वें स्थान पर बायोमैन्युफैक्चरिंग में है।कठुआ में इस तरह की उन्नत फार्मा इकाई स्थापित होने से भारत की वैश्विक फार्मा आपूर्ति श्रृंखला में भूमिका और मजबूत होगी। उन्होंने खाड़ी देशों से भारत पहुंच रहे टैंकर पर कहा कि यह प्रधानमंत्री के वैश्विक रुतबे के कारण ही संभव हुआ है और इससे पहले यूक्रेन में भी उन्होंने बच्चों को सुरक्षित लाने का काम किया था। इस अवसर पर बायोटेक्नोलॉजी विभाग के सचिव डॉ. राजेश गोखले, बीराक के प्रबंध निदेशक डॉ. जितेंद्र कुमार भी मौजूद रहे।
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कठुआ। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कठुआ जिले के गांव गदाधर में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी की फार्मास्यूटिकल निर्माण इकाई का शिलान्यास किया। यह परियोजना ऑर्किड फार्मा की ओर से लगभग 600 से 700 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित किया जा रहा है जिसे बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (बीराक) के सहयोग से आगे बढ़ाया गया है।
डॉ. सिंह ने कहा कि यह निवेश भारत सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम के तहत हो रहा है और इससे लगभग 400 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा जबकि सप्लाई लॉजिस्टिक्स और अन्य सहयोगी क्षेत्रों में उतने ही अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कठुआ को भारत के फार्मा निर्यात मानचित्र पर उभरते केंद्र के रूप में वर्णित किया।
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इस इकाई में अमीनो सेफालोस्पोरैनिक एसिड (एसीए) का उत्पादन होगा जो सेफालोस्पोरिन एंटीबायोटिक्स बनाने में अहम कच्चा माल है। वर्तमान में भारत इस सामग्री के लिए लगभग पूरी तरह चीन पर निर्भर है। डॉ. सिंह ने कहा कि कठुआ की यह परियोजना भारत की रणनीतिक क्षमता को मजबूत करेगी और आयात पर निर्भरता घटाएगी।
उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन से जोड़ते हुए कहा कि यह पहल भारत को महत्वपूर्ण स्वास्थ्य तकनीकों और फार्मा सप्लाई चेन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने हाल ही में घोषित ₹10,000 करोड़ की बायोफार्मा शक्ति पहल का भी उल्लेख किया।
डॉ. सिंह ने कहा कि भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में तीसरे स्थान पर और वैश्विक स्तर पर 30वें स्थान पर बायोमैन्युफैक्चरिंग में है।कठुआ में इस तरह की उन्नत फार्मा इकाई स्थापित होने से भारत की वैश्विक फार्मा आपूर्ति श्रृंखला में भूमिका और मजबूत होगी। उन्होंने खाड़ी देशों से भारत पहुंच रहे टैंकर पर कहा कि यह प्रधानमंत्री के वैश्विक रुतबे के कारण ही संभव हुआ है और इससे पहले यूक्रेन में भी उन्होंने बच्चों को सुरक्षित लाने का काम किया था। इस अवसर पर बायोटेक्नोलॉजी विभाग के सचिव डॉ. राजेश गोखले, बीराक के प्रबंध निदेशक डॉ. जितेंद्र कुमार भी मौजूद रहे।

चक गदाधर में फार्मा कंपनी की आधारशिला रखते केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह। संवाद