{"_id":"69b860332f9e2139ef088d31","slug":"jammu-kashmir-news-kathua-news-c-201-1-knt1008-130045-2026-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: बिलावर को जिला बनाने की मांग तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: बिलावर को जिला बनाने की मांग तेज
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 17 Mar 2026 01:25 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला आंदोलन कमेटी ने धर्मकोट, भड्डू और डडवाड़ा पंचायतों में लोगों से बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलावर। जिला आंदोलन कमेटी ने धर्मकोट, भड्डू और डडवाड़ा पंचायतों में लोगों से बैठक कर बिलावर को जिला बनाने की मांग की है। जिला आंदोलन कमेटी के संयोजक एडवोकेट हरि चंद जलमेरिया ने कहा कि बिलावर को जिला बनाने की मांग पिछले कई वर्षों से की जा रही है लेकिन सरकार ने आज तक बिलावर को जिले का दर्जा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि साल 1978 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शेख मोहम्मद अब्दुल्ला ने तीन जिले बनाए थे और उस समय भी बिलावर को जिला बनाने के लिए नजरंदाज कर दिया था।
उन्होंने कहा कि साल 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद की सरकार ने जम्मू कश्मीर में आठ नए जिले बनाए थे उसे समय भी बिलावर को जिले का दर्जा नहीं दिया गया और मौजूदा सरकार बिलावर को जिले का दर्जा देने की मांग को नजरंदाज कर रही है जबकि लद्दाख में पांच नए जिले बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिलावर, रामकोट, लोहाई मल्हार, बनी, महानपुर और बसोहली सहित छह तहसीलों वाले इस क्षेत्र को जल्द से जल्द जिला बनाया जाए। इस मौके पर लोगों ने बिलावर जिला आंदोलन की ओर से शुरू किए गए इस आंदोलन के प्रति अपना पूर्ण संकल्प और समर्थन दिया। संयोजक ने कहा कि प्रस्तावित जिले के पूरे क्षेत्र में जिला आंदोलन कमेटी का यह अभियान जारी रहेगा जब तक बिलावर को जिला नहीं बनाया जाता। इस मौके पर वक्ताओं ने विचार प्रकट किए और सरकार के नकारात्मक और टालमटोल वाले रवैये को लेकर रोष जताया। इस अवसर पर पूर्व सरपंच सुदेश सपोलिया, एडवोकेट जितेंद्र सिंह, दुनी चंद भट्टी, राजकुमार, रुमाल सिंह, जोगेंद्र सिंह, सुरजीत सिंह, नरेंद्र शर्मा, यश शर्मा, संसार सिंह, गोविंद शर्मा, संजीव शर्मा, बुआ दीत्ता मस्की और बिशन दास मौजूद रहे।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलावर। जिला आंदोलन कमेटी ने धर्मकोट, भड्डू और डडवाड़ा पंचायतों में लोगों से बैठक कर बिलावर को जिला बनाने की मांग की है। जिला आंदोलन कमेटी के संयोजक एडवोकेट हरि चंद जलमेरिया ने कहा कि बिलावर को जिला बनाने की मांग पिछले कई वर्षों से की जा रही है लेकिन सरकार ने आज तक बिलावर को जिले का दर्जा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि साल 1978 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शेख मोहम्मद अब्दुल्ला ने तीन जिले बनाए थे और उस समय भी बिलावर को जिला बनाने के लिए नजरंदाज कर दिया था।
उन्होंने कहा कि साल 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद की सरकार ने जम्मू कश्मीर में आठ नए जिले बनाए थे उसे समय भी बिलावर को जिले का दर्जा नहीं दिया गया और मौजूदा सरकार बिलावर को जिले का दर्जा देने की मांग को नजरंदाज कर रही है जबकि लद्दाख में पांच नए जिले बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिलावर, रामकोट, लोहाई मल्हार, बनी, महानपुर और बसोहली सहित छह तहसीलों वाले इस क्षेत्र को जल्द से जल्द जिला बनाया जाए। इस मौके पर लोगों ने बिलावर जिला आंदोलन की ओर से शुरू किए गए इस आंदोलन के प्रति अपना पूर्ण संकल्प और समर्थन दिया। संयोजक ने कहा कि प्रस्तावित जिले के पूरे क्षेत्र में जिला आंदोलन कमेटी का यह अभियान जारी रहेगा जब तक बिलावर को जिला नहीं बनाया जाता। इस मौके पर वक्ताओं ने विचार प्रकट किए और सरकार के नकारात्मक और टालमटोल वाले रवैये को लेकर रोष जताया। इस अवसर पर पूर्व सरपंच सुदेश सपोलिया, एडवोकेट जितेंद्र सिंह, दुनी चंद भट्टी, राजकुमार, रुमाल सिंह, जोगेंद्र सिंह, सुरजीत सिंह, नरेंद्र शर्मा, यश शर्मा, संसार सिंह, गोविंद शर्मा, संजीव शर्मा, बुआ दीत्ता मस्की और बिशन दास मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन