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Kathua News: जीएमसी के आरएचटीसी में स्थापित होगी अग्नि सुरक्षा प्रणाली, खर्च होंगे 54 लाख
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अस्पताल में आने वाले मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की बढ़ेगी सुरक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के रूरल हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर (आरएचटीसी) बुद्धि में अत्याधुनिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने की कवायद शुरू हो गई है। इस प्रणाली को स्थापित करने के लिए 54 लाख से अधिक की धनराशि खर्च की जाएगी, जिसे अगले एक वर्ष में पूरा किया जाएगा।
अधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, परियोजना के तहत अत्याधुनिक अग्निशमन एवं आग का शीघ्र पता लगाने वाली प्रणाली स्थापित की जाएगी। इससे किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मददगार होगी। इस पूरी प्रणाली को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में प्रणाली स्थापित करने से पहले आरएचटीसी परिसर में ढांचागत विकास विकसित किया जाएगा, जिसमें अंडरग्राउंड टैंक से लेकर पंपिंग स्टेशन, ऑपरेटर रूम का निर्माण किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी गई है और इस पर 26 लाख से अधिक राशि खर्च की जाएगी।
वहीं, दूसरे चरण की जिम्मेदारी मैकेनिकल विभाग को सौंपी गई है। इसमें फायर डिटेक्शन एवं फायर फाइटिंग सिस्टम की डिजाइन, आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग का कार्य कराया जाएगा। इस पूरे सिस्टम को एक साल के भीतर पूरा किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, सेंटर के भवन में फायर अलार्म सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर, हीट डिटेक्टर, फायर हाइड्रेंट नेटवर्क, पाइपिंग सिस्टम, कंट्रोल पैनल तथा अन्य आवश्यक अग्निशमन उपकरण स्थापित किए जाएंगे।
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इसके अलावा, आग लगने की स्थिति में तुरंत चेतावनी देने वाले संयंत्र भी स्थापित होंगे। अग्नि सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने के लिए सरकार से गत वित्तीय वर्ष में मंजूरी मिली थी। वहीं, अग्निशमन संयंत्र स्थापित करने की टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है, जबकि ढांचागत विकास के लिए परियोजना में बदलाव के चलते छह महीने की देरी हो गई है।
मरीजों और स्टाफ को मिलेगा सुरक्षित वातावरण
इस परियोजना के पूरा होने के बाद केंद्र में उपचार के लिए आने वाले मरीजों, प्रशिक्षु चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को अधिक सुरक्षित वातावरण मिलेगा। इसके साथ ही यह स्वास्थ्य संस्थानों में राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जीएमसी कठुआ में ज्यादातर इमारतों में अग्निशमन संयंत्र या तो स्थापित हो चुके हैं या तेजी से कार्य चल रहा है।
वर्जन
मैकेनिकल कार्य की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अग्निशमन संयंत्र स्थापित करने पर 27 लाख से अधिक की राशि खर्च होगी। वहीं, ढांचागत निर्माण की भी प्रक्रिया लोक निर्माण विभाग ने शुरू कर दी है। ढांचागत विकास पूरा होने पर अत्याधुनिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - इशांत जसरोटिया, जूनियर अभियंता, मैकेनिकल डिवीजन, जीएमसी
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के रूरल हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर (आरएचटीसी) बुद्धि में अत्याधुनिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने की कवायद शुरू हो गई है। इस प्रणाली को स्थापित करने के लिए 54 लाख से अधिक की धनराशि खर्च की जाएगी, जिसे अगले एक वर्ष में पूरा किया जाएगा।
अधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, परियोजना के तहत अत्याधुनिक अग्निशमन एवं आग का शीघ्र पता लगाने वाली प्रणाली स्थापित की जाएगी। इससे किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मददगार होगी। इस पूरी प्रणाली को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में प्रणाली स्थापित करने से पहले आरएचटीसी परिसर में ढांचागत विकास विकसित किया जाएगा, जिसमें अंडरग्राउंड टैंक से लेकर पंपिंग स्टेशन, ऑपरेटर रूम का निर्माण किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी गई है और इस पर 26 लाख से अधिक राशि खर्च की जाएगी।
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वहीं, दूसरे चरण की जिम्मेदारी मैकेनिकल विभाग को सौंपी गई है। इसमें फायर डिटेक्शन एवं फायर फाइटिंग सिस्टम की डिजाइन, आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग का कार्य कराया जाएगा। इस पूरे सिस्टम को एक साल के भीतर पूरा किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, सेंटर के भवन में फायर अलार्म सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर, हीट डिटेक्टर, फायर हाइड्रेंट नेटवर्क, पाइपिंग सिस्टम, कंट्रोल पैनल तथा अन्य आवश्यक अग्निशमन उपकरण स्थापित किए जाएंगे।
इसके अलावा, आग लगने की स्थिति में तुरंत चेतावनी देने वाले संयंत्र भी स्थापित होंगे। अग्नि सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने के लिए सरकार से गत वित्तीय वर्ष में मंजूरी मिली थी। वहीं, अग्निशमन संयंत्र स्थापित करने की टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है, जबकि ढांचागत विकास के लिए परियोजना में बदलाव के चलते छह महीने की देरी हो गई है।
मरीजों और स्टाफ को मिलेगा सुरक्षित वातावरण
इस परियोजना के पूरा होने के बाद केंद्र में उपचार के लिए आने वाले मरीजों, प्रशिक्षु चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को अधिक सुरक्षित वातावरण मिलेगा। इसके साथ ही यह स्वास्थ्य संस्थानों में राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जीएमसी कठुआ में ज्यादातर इमारतों में अग्निशमन संयंत्र या तो स्थापित हो चुके हैं या तेजी से कार्य चल रहा है।
वर्जन
मैकेनिकल कार्य की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अग्निशमन संयंत्र स्थापित करने पर 27 लाख से अधिक की राशि खर्च होगी। वहीं, ढांचागत निर्माण की भी प्रक्रिया लोक निर्माण विभाग ने शुरू कर दी है। ढांचागत विकास पूरा होने पर अत्याधुनिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - इशांत जसरोटिया, जूनियर अभियंता, मैकेनिकल डिवीजन, जीएमसी