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Rajouri News: राजोेरी के 35 निजी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
Updated Sat, 06 Jun 2026 03:46 AM IST
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बैठक में अनुपस्थित रहने पर मांगा जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। जोनल शिक्षा अधिकारी (जेडईओ) ने बैठक में अनुपस्थित रहने वाले 35 निजी शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों (एचओआई) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारी ने संस्थानों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है।
नोटिस के अनुसार 4 और 5 जून 2026 को आयोजित बैठक में निजी हायर सेकेंडरी, हाई, मिडिल और प्राइमरी स्कूलों के प्रमुखों को आमंत्रित किया गया था। बैठक का आयोजन सरकारी बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल राजोेरी में किया गया। इसमें समर वेकेशन के दौरान उच्च अधिकारियों की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी), दिशा-निर्देशों और अन्य महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं प्रशासनिक विषयों पर चर्चा की जानी थी।
नोटिस में कहा गया है कि सूचना दिए जाने के बावजूद संबंधित संस्थानों के प्रमुख बैठक में उपस्थित नहीं हुए और न ही अपनी अनुपस्थिति के संबंध में कोई पूर्व सूचना या उचित कारण प्रस्तुत किया।
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इन स्कूलों को दिया नोटिस
दिल्ली पब्लिक स्कूल, लाइट हाउस पब्लिक स्कूल, राजोेरी पब्लिक स्कूल, सनराइजिंग पब्लिक स्कूल, तालीम गर्ल्स स्कूल, आर्मी गुडविल पब्लिक स्कूल, क्राइस्ट स्कूल, क्रिसेंट पब्लिक हाई स्कूल, दून इंटरनेशनल स्कूल, ड्रीम लैंड पब्लिक स्कूल, गरीब नवाज पब्लिक स्कूल, मॉडर्न पब्लिक स्कूल, मॉडर्न एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, नेशनल एकेडमी, शांति निकेतन पब्लिक हाई स्कूल, तालिब-उल-उलूम, आनंद भारती विद्यालय, गुरु हरगोविंद पब्लिक स्कूल, गुरुकुल पब्लिक स्कूल, इंशा एजुकेशन मिशन, आईपीएस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, पैराडाइज एजुकेशन मिशन, सेहर एजुकेशन मिशन, टाइनी टॉट्स मॉडल एकेडमी, एंटीक एजुकेशन मिशन स्कूल, ब्लेसिंग एजुकेशन मिशन, ब्राइट लाइफ पब्लिक स्कूल, ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, ग्रेफ एकेडमी, गुलशन काज़मी पब्लिक स्कूल, हमदर्द एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, इसरार पब्लिक स्कूल, माउंट लिटेरा जी स्कूल, वैली व्यू आर्मी पब्लिक स्कूल।
तीन दिन में देना होगा जवाब
जोनल शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि संबंधित स्कूल प्रमुखों को नोटिस जारी होने की तिथि से तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब देना होगा। यदि निर्धारित अवधि के भीतर संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होता है तो यह माना जाएगा कि संबंधित संस्थानों के पास अपने बचाव में कुछ कहने के लिए नहीं है और उनके विरुद्ध नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
शिक्षा विभाग के इस कदम को प्रशासनिक अनुशासन और शैक्षणिक गतिविधियों के प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि विभागीय बैठकों में भागीदारी सभी शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। जोनल शिक्षा अधिकारी (जेडईओ) ने बैठक में अनुपस्थित रहने वाले 35 निजी शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों (एचओआई) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारी ने संस्थानों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है।
नोटिस के अनुसार 4 और 5 जून 2026 को आयोजित बैठक में निजी हायर सेकेंडरी, हाई, मिडिल और प्राइमरी स्कूलों के प्रमुखों को आमंत्रित किया गया था। बैठक का आयोजन सरकारी बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल राजोेरी में किया गया। इसमें समर वेकेशन के दौरान उच्च अधिकारियों की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी), दिशा-निर्देशों और अन्य महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं प्रशासनिक विषयों पर चर्चा की जानी थी।
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नोटिस में कहा गया है कि सूचना दिए जाने के बावजूद संबंधित संस्थानों के प्रमुख बैठक में उपस्थित नहीं हुए और न ही अपनी अनुपस्थिति के संबंध में कोई पूर्व सूचना या उचित कारण प्रस्तुत किया।
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इन स्कूलों को दिया नोटिस
दिल्ली पब्लिक स्कूल, लाइट हाउस पब्लिक स्कूल, राजोेरी पब्लिक स्कूल, सनराइजिंग पब्लिक स्कूल, तालीम गर्ल्स स्कूल, आर्मी गुडविल पब्लिक स्कूल, क्राइस्ट स्कूल, क्रिसेंट पब्लिक हाई स्कूल, दून इंटरनेशनल स्कूल, ड्रीम लैंड पब्लिक स्कूल, गरीब नवाज पब्लिक स्कूल, मॉडर्न पब्लिक स्कूल, मॉडर्न एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, नेशनल एकेडमी, शांति निकेतन पब्लिक हाई स्कूल, तालिब-उल-उलूम, आनंद भारती विद्यालय, गुरु हरगोविंद पब्लिक स्कूल, गुरुकुल पब्लिक स्कूल, इंशा एजुकेशन मिशन, आईपीएस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, पैराडाइज एजुकेशन मिशन, सेहर एजुकेशन मिशन, टाइनी टॉट्स मॉडल एकेडमी, एंटीक एजुकेशन मिशन स्कूल, ब्लेसिंग एजुकेशन मिशन, ब्राइट लाइफ पब्लिक स्कूल, ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, ग्रेफ एकेडमी, गुलशन काज़मी पब्लिक स्कूल, हमदर्द एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, इसरार पब्लिक स्कूल, माउंट लिटेरा जी स्कूल, वैली व्यू आर्मी पब्लिक स्कूल।
तीन दिन में देना होगा जवाब
जोनल शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि संबंधित स्कूल प्रमुखों को नोटिस जारी होने की तिथि से तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब देना होगा। यदि निर्धारित अवधि के भीतर संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होता है तो यह माना जाएगा कि संबंधित संस्थानों के पास अपने बचाव में कुछ कहने के लिए नहीं है और उनके विरुद्ध नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
शिक्षा विभाग के इस कदम को प्रशासनिक अनुशासन और शैक्षणिक गतिविधियों के प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि विभागीय बैठकों में भागीदारी सभी शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है।