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Rajouri News: गलत इंजेक्शन लगाने से प्रसव के बाद बिगड़ी महिला की हालत
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
Updated Sun, 07 Jun 2026 02:23 AM IST
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गलत इंजेक्शन लगाने से परस्व के बाद बिगड़ी माँ की हालत, गंभीर हालत मे वेंटिलेटर पर भर्ती; परिजन
- फोटो : samvad
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गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर भर्ती, परिजन ने की एफआईआर और कार्रवाई की मांग
प्रिंसिपल ने कमेटी गठित कर दिए जांच के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। जिले के कोटरंका क्षेत्र की निवासी गर्भवती महिला नुसरत जहां को सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में गलत इंजेक्शन लगाने के बाद गंभीर रूप से बीमार होने पर वर्तमान में वेंटिलेटर सपोर्ट पर उपचाराधीन रखा गया है। घटना के बाद परिजन ने अस्पताल प्रशासन और ड्यूटी पर तैनात स्टाफ की लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उन्हें तत्काल निलंबित करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार कोटरंका निवासी नुसरत जहां को प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार सुबह जीएमसी राजोेरी में भर्ती कराया गया था। उसी दिन अस्पताल में उनका ऑपरेशन किया गया जिसके बाद उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया। परिजन का कहना है कि ऑपरेशन के बाद नुसरत जहां की हालत सामान्य थी। उसके भाई आसिफ अली चौधरी ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक ने मरीज की फाइल में स्पष्ट रूप से उन दवाओं का उल्लेख किया था जिनसे मरीज को एलर्जिक प्रतिक्रिया हो सकती है। स्टाफ को ऐसी दवाएं न देने की सलाह दी थी। इसके बावजूद शाम के समय ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने मरीज की फाइल को ठीक से देखे बिना वही इंजेक्शन लगा दिया।
आसिफ अली चौधरी के अनुसार इंजेक्शन लगते ही नुसरत जहां को एलर्जिक रिएक्शन हुआ। इसके बाद वह बेहोश हो गईं। चिकित्सकों ने उन्हें तत्काल वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ की लापरवाही का परिणाम है। घटना के बाद परिजन और स्थानीय लोगों में रोष है। परिवार ने मांग की है कि मामले में जिम्मेदार स्टाफ सदस्यों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए, उन्हें निलंबित किया जाए और जीएमसी राजोेरी में लंबे समय से कार्यरत संबंधित कर्मचारियों का अन्य स्थानों पर तबादला किया जाए।
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वर्जन
आरोपों की जांच के लिए वरिष्ठ चिकित्सकों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी है। गठित समिति को तत्काल अस्पताल पहुंचकर गायनी वार्ड में भर्ती मरीज नुसरत जहां की चिकित्सीय स्थिति का परीक्षण करने, पूरे मामले की समीक्षा करने, आगे के उपचार संबंधी सुझाव देने और विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र प्रिंसिपल कार्यालय को सौंपने के निर्देश दिए हैं। डॉ. चंद्र शेखर विभागाध्यक्ष स्त्री रोग विभाग, डॉ. जमील-उल-हुसैन विभागाध्यक्ष जनरल मेडिसिन विभाग, डॉ जाकिर हुसैन विभागाध्यक्ष जनरल सर्जरी विभाग और डॉ. सुहैल बांडे विभागाध्यक्ष एनेस्थीसियोलॉजी को कमेटी में शामिल किया है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की परिस्थितियां स्पष्ट हो पाएंगी।
- डॉ. एएस भाटिया, प्रिंसिपल जीएमसी राजोरी
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प्रिंसिपल ने कमेटी गठित कर दिए जांच के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। जिले के कोटरंका क्षेत्र की निवासी गर्भवती महिला नुसरत जहां को सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में गलत इंजेक्शन लगाने के बाद गंभीर रूप से बीमार होने पर वर्तमान में वेंटिलेटर सपोर्ट पर उपचाराधीन रखा गया है। घटना के बाद परिजन ने अस्पताल प्रशासन और ड्यूटी पर तैनात स्टाफ की लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उन्हें तत्काल निलंबित करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार कोटरंका निवासी नुसरत जहां को प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार सुबह जीएमसी राजोेरी में भर्ती कराया गया था। उसी दिन अस्पताल में उनका ऑपरेशन किया गया जिसके बाद उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया। परिजन का कहना है कि ऑपरेशन के बाद नुसरत जहां की हालत सामान्य थी। उसके भाई आसिफ अली चौधरी ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक ने मरीज की फाइल में स्पष्ट रूप से उन दवाओं का उल्लेख किया था जिनसे मरीज को एलर्जिक प्रतिक्रिया हो सकती है। स्टाफ को ऐसी दवाएं न देने की सलाह दी थी। इसके बावजूद शाम के समय ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने मरीज की फाइल को ठीक से देखे बिना वही इंजेक्शन लगा दिया।
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आसिफ अली चौधरी के अनुसार इंजेक्शन लगते ही नुसरत जहां को एलर्जिक रिएक्शन हुआ। इसके बाद वह बेहोश हो गईं। चिकित्सकों ने उन्हें तत्काल वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ की लापरवाही का परिणाम है। घटना के बाद परिजन और स्थानीय लोगों में रोष है। परिवार ने मांग की है कि मामले में जिम्मेदार स्टाफ सदस्यों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए, उन्हें निलंबित किया जाए और जीएमसी राजोेरी में लंबे समय से कार्यरत संबंधित कर्मचारियों का अन्य स्थानों पर तबादला किया जाए।
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आरोपों की जांच के लिए वरिष्ठ चिकित्सकों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी है। गठित समिति को तत्काल अस्पताल पहुंचकर गायनी वार्ड में भर्ती मरीज नुसरत जहां की चिकित्सीय स्थिति का परीक्षण करने, पूरे मामले की समीक्षा करने, आगे के उपचार संबंधी सुझाव देने और विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र प्रिंसिपल कार्यालय को सौंपने के निर्देश दिए हैं। डॉ. चंद्र शेखर विभागाध्यक्ष स्त्री रोग विभाग, डॉ. जमील-उल-हुसैन विभागाध्यक्ष जनरल मेडिसिन विभाग, डॉ जाकिर हुसैन विभागाध्यक्ष जनरल सर्जरी विभाग और डॉ. सुहैल बांडे विभागाध्यक्ष एनेस्थीसियोलॉजी को कमेटी में शामिल किया है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की परिस्थितियां स्पष्ट हो पाएंगी।
- डॉ. एएस भाटिया, प्रिंसिपल जीएमसी राजोरी