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सोशल मीडिया पर आतंक का गुणगान: CIK के रडार पर आया बडगाम का युवक, कट्टरपंथी कंटेंट फैलाने का आरोप; भेजा गया जेल
Sat, 08 Aug 2026 10:16 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Sat, 08 Aug 2026 10:16 PM IST
सार
काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर ने सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच के दौरान बडगाम निवासी सिराज नबी पर्रे को हिरासत में लिया। सीआईके के अनुसार, उसके अकाउंट से कट्टरपंथी सामग्री प्रसारित की जा रही थी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : AI
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विस्तार
श्रीनगर में काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच के दौरान एक संदिग्ध को पकड़ा है। उसकी पहचान बडगाम के अर्चंदरहामा, मागाम निवासी सिराज नबी पर्रे के रूप में हुई है। सीआईके के अनुसार, संदिग्ध एक सोशल मीडिया अकाउंट संचालित कर रहा था, जिसके जरिए संभावित रूप से चरमपंथी प्रकृति की कट्टरपंथी सामग्री प्रसारित की जा रही थी।
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अकाउंट की जांच के दौरान विभिन्न पोस्ट, तस्वीरें और अन्य डिजिटल सामग्री मिली। सीआईके के मुताबिक, इन सामग्रियों में कट्टरपंथी और राष्ट्र-विरोधी रुझान दिखाई दिए। इनमें कट्टरपंथी विचारधाराओं से जुड़ी सामग्री, आतंकवाद से जुड़े व्यक्तियों का महिमामंडन और प्रचार तथा चरमपंथी विचारों का प्रसार शामिल था। जांच एजेंसी के अनुसार, अकाउंट पर ऐसी स्टोरी भी मिलीं, जो आसानी से प्रभावित होने वाले लोगों को प्रभावित करने या उन्हें कट्टरपंथ की ओर ले जाने में सक्षम हो सकती हैं।
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इसके बाद संदिग्ध को प्रथम श्रेणी के कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। उसके खिलाफ बीएनएसएस की धारा 126/170 के तहत कार्रवाई शुरू की गई। कार्यकारी मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद संदिग्ध को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और श्रीनगर की सेंट्रल जेल में रखा गया। उसकी न्यायिक हिरासत आठ अगस्त 2026 से 17 अगस्त 2026 तक रहेगी।
सीआईके की ओर से डिजिटल डिवाइस और उससे जुड़ी सोशल मीडिया गतिविधियों की आगे जांच की जा रही है। इसका उद्देश्य ऑनलाइन गतिविधि की प्रकृति और दायरे, कट्टरपंथी सामग्री के स्रोत और उसके प्रसार, संबंधित अकाउंट और संपर्कों तथा आगे की जांच के लिए जरूरी संभावित संबंधों का पता लगाना है।
आम जनता, खासकर माता-पिता और युवा सोशल मीडिया यूजर्स को सतर्क रहने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। लोगों से आतंकवाद का महिमामंडन करने, चरमपंथी विचारों को बढ़ावा देने, हिंसा या नफरत के लिए उकसाने या कट्टरपंथ की ओर ले जाने वाली सामग्री को साझा या फॉरवर्ड नहीं करने को कहा गया है।