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Srinagar News: उड़ी के सीमावर्ती गांव में 15 साल बाद भी स्कूल की इमारत अधूरी
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बारामुला। उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के उड़ी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास स्थित बटग्रां गांव में सरकारी प्राइमरी स्कूल की इमारत पिछले 15 सालों से अधूरी पड़ी है। लोगों ने कहा, इससे छात्रों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और उनकी पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है।
एक स्थानीय निवासी गुलाम मोहम्मद ने कहा कि स्कूल की इमारत का काम 2012 में सड़क और भवन विभाग ने अपने हाथ में लिया था। निर्माण कार्य लेंटर (छत के नीचे की बीम) स्तर तक किया गया था। उन्होंने बताया कि उस समय दरवाजे और खिड़कियां भी लगा दी गई थीं लेकिन उसके बाद अचानक काम रोक दिया गया।
एक अन्य निवासी रफीक अहमद ने कहा कि पिछले कई वर्षों से यह इमारत वीरान और लावारिस पड़ी है जबकि रखरखाव की कमी के कारण इतने सालों में इसके दरवाजे और खिड़कियां सड़-गल गए हैं। उन्होंने कहा कि इस अधूरी इमारत के कारण छात्रों को उचित शैक्षणिक सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है, जिससे बच्चों को ''''सद्भावना कार्यक्रम'''' के तहत बनाए गए एक अस्थायी शेड में अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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गांव वालों ने बताया कि सरकार ने इस दूरदराज के सीमावर्ती इलाके में शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के उद्देश्य से स्कूल की इमारत के निर्माण के लिए फंड मंजूर किया था। एक दशक से भी ज़्यादा समय बीत जाने के बाद भी यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया है। इस लंबी देरी पर निराशा व्यक्त करते हुए निवासियों ने कहा कि इलाके की ओर से बार-बार मांग किए जाने के बावजूद यह मुद्दा अभी भी अनसुलझा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों ने उड़ी के विधायक, स्कूल शिक्षा निदेशक कश्मीर और बारामुला जिले के उपायुक्त से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें। स्थानीय छात्रों के हित में स्कूल की इमारत का काम जल्द से जल्द पूरा करवाना सुनिश्चित करें।
एक स्थानीय निवासी गुलाम मोहम्मद ने कहा कि स्कूल की इमारत का काम 2012 में सड़क और भवन विभाग ने अपने हाथ में लिया था। निर्माण कार्य लेंटर (छत के नीचे की बीम) स्तर तक किया गया था। उन्होंने बताया कि उस समय दरवाजे और खिड़कियां भी लगा दी गई थीं लेकिन उसके बाद अचानक काम रोक दिया गया।
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एक अन्य निवासी रफीक अहमद ने कहा कि पिछले कई वर्षों से यह इमारत वीरान और लावारिस पड़ी है जबकि रखरखाव की कमी के कारण इतने सालों में इसके दरवाजे और खिड़कियां सड़-गल गए हैं। उन्होंने कहा कि इस अधूरी इमारत के कारण छात्रों को उचित शैक्षणिक सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है, जिससे बच्चों को ''''सद्भावना कार्यक्रम'''' के तहत बनाए गए एक अस्थायी शेड में अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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स्थानीय लोगों ने उड़ी के विधायक, स्कूल शिक्षा निदेशक कश्मीर और बारामुला जिले के उपायुक्त से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें। स्थानीय छात्रों के हित में स्कूल की इमारत का काम जल्द से जल्द पूरा करवाना सुनिश्चित करें।