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Srinagar News: एनआईए, लश्कर आतंकी माॅड्यूल की जांच अपने हाथ में लेने को तैयार
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) श्रीनगर में अंतरराज्यीय लश्कर-ए-ताइबा आतंकी मॉड्यूल मामले की जांच अपने हाथ में ले सकती है। सूत्रों के अनुसार एजेंसी इस मामले में तीन स्थानीय आतंकी मददगारों के साथ गिरफ्तार किए दो पाकिस्तानी आतंकियों की कस्टडी भी मांग सकती है।
पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए आतंकियों में दो पाकिस्तानी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा और उस्मान उर्फ खुबैब के साथ तीन स्थानीय मददगार शामिल हैं। मामले के अंतराज्यीय जुड़ाव और व्यापक आतंकी प्रभावों को देखते हुए इसे विस्तृत जांच के लिए एनआईए को सौंपे जाने की उम्मीद है।
फिलहाल ये आतंकी श्रीनगर की एक विशेष अदालत के आदेश के बाद पुलिस की रिमांड पर हैं। इस आतंकी मॉड्यूल का नेतृत्व अबू हुरैरा कर रहा था जो लगभग 16 वर्षों से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय था। इस अभियान के तहत जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और हरियाणा समेत करीब 19 स्थानों पर दबिश दी गई थी।
सूत्रों के अनुसार जांच में पता चला है कि आरोपियों ने जाली पहचान और दस्तावेज का इस्तेमाल कर नेटवर्क बनाया था। यह नेटवर्क राज्यों के बीच आवाजाही में मदद करता था और विदेशी आतंकियों को शरण, फंडिंग व सुरक्षित ठिकाने जैसी लॉजिस्टिक सहायता मुहैया कराता था। पुलिस थाना जकूरा में एफआईआर दर्ज की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि जांच से लश्कर के वित्तीय और ऑपरेशनल नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। अब तक लगभग 40 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। जिन लोगों से पूछताछ की गई उनमें दुकानदार, निजी कर्मचारी और एक महिला शामिल थी जिसकी पहचान शाजिया के रूप में हुई है। शाजिया एक पूर्व आतंकी की बेटी है और उसे भी हिरासत में लिया गया था। वह आतंकी अबू हुरैरा के संपर्क में थी। तीन मोबाइल भी जब्त किए गए।
दो अप्रैल को नवाकदल, रैनावारी और जकुरा में और भी लोगों को हिरासत में लिया गया जिनमें एक ही परिवार के सदस्य भी शामिल थे। पूछताछ के बाद उनमें से कुछ को बाद में रिहा कर दिया गया। हथियारों की बरामदगी के साथ-साथ गिरफ्तारियां भी हुई हैं। एनआईए के इस मामले को अपने हाथ में लेने से जांच का दायरा बढ़ने की उम्मीद है।
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श्रीनगर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) श्रीनगर में अंतरराज्यीय लश्कर-ए-ताइबा आतंकी मॉड्यूल मामले की जांच अपने हाथ में ले सकती है। सूत्रों के अनुसार एजेंसी इस मामले में तीन स्थानीय आतंकी मददगारों के साथ गिरफ्तार किए दो पाकिस्तानी आतंकियों की कस्टडी भी मांग सकती है।
पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए आतंकियों में दो पाकिस्तानी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा और उस्मान उर्फ खुबैब के साथ तीन स्थानीय मददगार शामिल हैं। मामले के अंतराज्यीय जुड़ाव और व्यापक आतंकी प्रभावों को देखते हुए इसे विस्तृत जांच के लिए एनआईए को सौंपे जाने की उम्मीद है।
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फिलहाल ये आतंकी श्रीनगर की एक विशेष अदालत के आदेश के बाद पुलिस की रिमांड पर हैं। इस आतंकी मॉड्यूल का नेतृत्व अबू हुरैरा कर रहा था जो लगभग 16 वर्षों से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय था। इस अभियान के तहत जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और हरियाणा समेत करीब 19 स्थानों पर दबिश दी गई थी।
सूत्रों के अनुसार जांच में पता चला है कि आरोपियों ने जाली पहचान और दस्तावेज का इस्तेमाल कर नेटवर्क बनाया था। यह नेटवर्क राज्यों के बीच आवाजाही में मदद करता था और विदेशी आतंकियों को शरण, फंडिंग व सुरक्षित ठिकाने जैसी लॉजिस्टिक सहायता मुहैया कराता था। पुलिस थाना जकूरा में एफआईआर दर्ज की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि जांच से लश्कर के वित्तीय और ऑपरेशनल नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। अब तक लगभग 40 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। जिन लोगों से पूछताछ की गई उनमें दुकानदार, निजी कर्मचारी और एक महिला शामिल थी जिसकी पहचान शाजिया के रूप में हुई है। शाजिया एक पूर्व आतंकी की बेटी है और उसे भी हिरासत में लिया गया था। वह आतंकी अबू हुरैरा के संपर्क में थी। तीन मोबाइल भी जब्त किए गए।
दो अप्रैल को नवाकदल, रैनावारी और जकुरा में और भी लोगों को हिरासत में लिया गया जिनमें एक ही परिवार के सदस्य भी शामिल थे। पूछताछ के बाद उनमें से कुछ को बाद में रिहा कर दिया गया। हथियारों की बरामदगी के साथ-साथ गिरफ्तारियां भी हुई हैं। एनआईए के इस मामले को अपने हाथ में लेने से जांच का दायरा बढ़ने की उम्मीद है।