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Udhampur News: बारिश न होने से फसलों पर संकट, किसानों ने की तालाब बनाने की मांग
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जमीन में नमी की कमी के कारण नई फसल लगाना असंभव हो रहा
बारिश न होने से प्राकृतिक जल स्रोत दम तोड़ रहे, बढ़ रही चिंता
चिनैनी। चिनैनी क्षेत्र में लंबे समय से बारिश न होने के कारण सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। इससे किसानों की चिंता गहराती जा रही है। बारिश न होने से खेती-किसानी पर बुरा असर पड़ रहा है। किसानों ने बारिश के पानी का संग्रह करने के लिए गांवों में तालाब बनाने की मांग की है।
स्थानीय किसान प्रदीप सिंह, पवन सिंह, नरेश शर्मा और तारिक खान ने बताया कि उन्होंने नवंबर में सरसों और जनवरी में कनक (गेहूं) की बुवाई की थी। अब सब्जियों का सीजन शुरू हो चुका है लेकिन जमीन में नमी की कमी के कारण नई फसल लगाना असंभव हो गया है। बारिश न होने से न केवल फसलें सूख रही हैं बल्कि प्राकृतिक जल स्रोत भी दम तोड़ रहे हैं।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए गांवों में बड़े तालाबों का निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर बारिश का पानी जमा करने की व्यवस्था होगी तो सूखे के समय तालाबों के पानी का उपयोग सिंचाई के लिए किया जा सकता है। किसानों को उम्मीद है कि यदि बारिश हो जाती है तो उन्हें कुछ हद तक राहत मिलेगी और पैदावार भी अच्छी होगी।
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बारिश न होने से प्राकृतिक जल स्रोत दम तोड़ रहे, बढ़ रही चिंता
चिनैनी। चिनैनी क्षेत्र में लंबे समय से बारिश न होने के कारण सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। इससे किसानों की चिंता गहराती जा रही है। बारिश न होने से खेती-किसानी पर बुरा असर पड़ रहा है। किसानों ने बारिश के पानी का संग्रह करने के लिए गांवों में तालाब बनाने की मांग की है।
स्थानीय किसान प्रदीप सिंह, पवन सिंह, नरेश शर्मा और तारिक खान ने बताया कि उन्होंने नवंबर में सरसों और जनवरी में कनक (गेहूं) की बुवाई की थी। अब सब्जियों का सीजन शुरू हो चुका है लेकिन जमीन में नमी की कमी के कारण नई फसल लगाना असंभव हो गया है। बारिश न होने से न केवल फसलें सूख रही हैं बल्कि प्राकृतिक जल स्रोत भी दम तोड़ रहे हैं।
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किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए गांवों में बड़े तालाबों का निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर बारिश का पानी जमा करने की व्यवस्था होगी तो सूखे के समय तालाबों के पानी का उपयोग सिंचाई के लिए किया जा सकता है। किसानों को उम्मीद है कि यदि बारिश हो जाती है तो उन्हें कुछ हद तक राहत मिलेगी और पैदावार भी अच्छी होगी।