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Udhampur News: साख विसर्जन और कंजक पूजन के साथ नवरात्र संपन्न, देविका घाट पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
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उधमपुर। कंजक पूजन और साख विसर्जन के साथ नवरात्र शुक्रवार को संपन्न हो गए। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवरों और बहती जलधाराओं में साख का विसर्जन किया और फिर कंजक पूजन किया। प्राचीन बावलियों, सरोवरों और देविका घाट पर सुबह से ही साख का विसर्जन करने वालों का तांता लगा रहा। देविका स्थित मंदिरों में श्रद्धालुओं ने माथा टेक कर परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
विभिन्न मंदिरों में विशेष कार्यक्रम हुए। पुजारियों ने हवन, कीर्तन किया। भक्ति गीतों और मंत्रोच्चारण से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। कई स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया गया जहां श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने मिलकर आयोजनों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं ने भंडारों में सेवा कर पुण्य अर्जित किया और जरूरतमंदों को भोजन कराया। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
अव्यवस्था से आहत हुई आस्था
साख विसर्जन के दौरान देविका घाट पर सफाई व्यवस्था की कमी ने श्रद्धालुओं को निराश किया। नदी पूरी तरह से कचरे और गंदगी से पटी नजर आई। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे थे और श्रद्धालुओं को साख विसर्जन के लिए साफ स्थान नहीं मिल पा रहा था, जिससे धार्मिक अनुष्ठान में विघ्न पड़ा। कई स्थानों पर पानी में भी कचरा दिखाई दिया। यह दृश्य न केवल भक्तों के लिए असुविधाजनक था बल्कि उनकी आस्था भी आहत हुई।
निकिता, वनिता, राधिका, सुनील और अन्य श्रद्धालुओं ने कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों में स्वच्छता और पवित्रता का विशेष महत्व है। आस्था के साथ नौ दिन तक माता रानी की साख का रोपण किया लेकिन आज इसे प्रवाहित करने के दौरान देविका की बदहाली से मन को ठेस पहुंची है। शहरवासी पवित्र देविका नदी के किनारे ही धार्मिक अनुष्ठान करते हैं लेकिन बीते कुछ साल से प्रशासन सफाई पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है। महाशिवरात्रि के बाद अब रामनवमी पर भी अव्यवस्था के बीच धार्मिक अनुष्ठान करने पड़े हैं।
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विभिन्न मंदिरों में विशेष कार्यक्रम हुए। पुजारियों ने हवन, कीर्तन किया। भक्ति गीतों और मंत्रोच्चारण से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। कई स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया गया जहां श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने मिलकर आयोजनों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं ने भंडारों में सेवा कर पुण्य अर्जित किया और जरूरतमंदों को भोजन कराया। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
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अव्यवस्था से आहत हुई आस्था
साख विसर्जन के दौरान देविका घाट पर सफाई व्यवस्था की कमी ने श्रद्धालुओं को निराश किया। नदी पूरी तरह से कचरे और गंदगी से पटी नजर आई। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे थे और श्रद्धालुओं को साख विसर्जन के लिए साफ स्थान नहीं मिल पा रहा था, जिससे धार्मिक अनुष्ठान में विघ्न पड़ा। कई स्थानों पर पानी में भी कचरा दिखाई दिया। यह दृश्य न केवल भक्तों के लिए असुविधाजनक था बल्कि उनकी आस्था भी आहत हुई।
निकिता, वनिता, राधिका, सुनील और अन्य श्रद्धालुओं ने कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों में स्वच्छता और पवित्रता का विशेष महत्व है। आस्था के साथ नौ दिन तक माता रानी की साख का रोपण किया लेकिन आज इसे प्रवाहित करने के दौरान देविका की बदहाली से मन को ठेस पहुंची है। शहरवासी पवित्र देविका नदी के किनारे ही धार्मिक अनुष्ठान करते हैं लेकिन बीते कुछ साल से प्रशासन सफाई पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है। महाशिवरात्रि के बाद अब रामनवमी पर भी अव्यवस्था के बीच धार्मिक अनुष्ठान करने पड़े हैं।