सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Fight between tribals and Kurmi again in Jharkhand, Kurmi rights mega rally in Ranchi on March 1

Jharkhand: झारखंड में फिर से आदिवासी और कुड़मी की लड़ाई,एक मार्च को रांची में कुड़मी अधिकार महारैली

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: राँची ब्यूरो Updated Fri, 27 Feb 2026 10:31 PM IST
विज्ञापन
सार

झारखंड में कुड़मी समाज अपने अधिकारों के लिए 1 मार्च को रांची के प्रभाततारा मैदान में महारैली आयोजित करने जा रहा है। समाज के सभी लोग रैली में शामिल होने के लिए सक्रिय हैं।

Fight between tribals and Kurmi again in Jharkhand, Kurmi rights mega rally in Ranchi on March 1
झारखंड में कुड़मी और आदिवासी विवाद तेज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

झारखंड में एक बार फिर आदिवासी और कुड़मी समाज के बीच अधिकार को लेकर संघर्ष तेज हो गया है। इसी कड़ी में एक मार्च 2026 को रांची के प्रभाततारा मैदान, धुर्वा में कुड़मी अधिकार रैली का आयोजन किया जाएगा। इस रैली की तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं और समाज के सभी वर्गों को इसमें शामिल होने के लिए सूचित किया जा चुका है।
Trending Videos


कुड़मी अधिकार महारैली की तैयारी

झारखंड कुड़मी समन्वय समिति के मुख्य संयोजक शीतल ओहदार ने बताया कि प्रभाततारा मैदान में आयोजित होने वाली कुड़मी अधिकार महारैली ऐतिहासिक होगी। उन्होंने कहा कि झारखंड के सभी कुड़मी बहुल क्षेत्रों और गांव-गांव में बैठकें कर प्रचार-प्रसार किया जा चुका है, और घर-घर से समाज के लोगों को रैली में आने की व्यवस्था भी की गई है। समाज के युवा इस मुहिम में युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं। ज्ञात हो कि इस रैली का आयोजन झारखंड के 18 कुड़मी नामधारी संगठनों द्वारा किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रैली में सुविधा और सुरक्षा के इंतजाम

रैली में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए कई स्थानों पर वालंटियर तैनात किए गए हैं। इनमें प्रमुख स्थान हैं विकास चौक, नया साराय मोड़, टुंढुल (महतो चौक), सीटीओ मोड़, रिंग रोड, तुपुदाना चौक और रामपुर चौक। रांची रिंग रोड से सभा स्थल तक पहुंचाने के लिए रूट मैप भी जारी किया गया है। साथ ही, समाज के लोगों को रैली तक पहुंचने में किसी भी तरह का व्यवधान न हो, इसके लिए संबंधित थाना और टोल टैक्स प्राधिकरणों को भी लिखित रूप से जानकारी दी गई है।  ओहदार ने समाज के लोगों से अपील की कि वे पारंपरिक वेशभूषा में रैली में शामिल हों और अपने आगंतुक वाहनों में पीला झंडा जरूर लगाएँ। उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने साथ पीला गमछा, पीने का पानी और हल्का नाश्ता रखें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ विरोधी लोग रैली के बारे में नकारात्मक प्रचार कर सकते हैं, इसलिए समाज के लोग अनावश्यक बयानबाजी से दूर रहें।

ओहदार ने यह भी कहा कि यह आंदोलन केवल केंद्र सरकार से अधिकार की मांग के लिए है और झारखंड के किसी अन्य समुदाय, जाति या धर्म से इसका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने मीडिया से अनुरोध किया कि आंदोलन का नकारात्मक प्रचार न किया जाए।

निगरानी और स्थल निरीक्षण

महारैली के आयोजन से पहले निगरानी टीम प्रभाततारा मैदान पहुंची और रैली स्थल का मुआयना किया। इसमें मुख्य रूप से शामिल थे सखीचंद महतो, अधि० मिथलेश कुमार महतो, संदीप महतो और समाजसेवी धर्म दयाल साहू। कुड़मी समाज की यह महारैली न केवल उनके अधिकार की मांग को रेखांकित करेगी, बल्कि झारखंड के इतिहास में एक ऐतिहासिक आयोजन के रूप में दर्ज होगी। समाज के सभी लोग इस रैली में बड़ी संख्या में हिस्सा लेने के लिए तैयार हैं और युवा इसके लिए पूरी तरह से सक्रिय हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed