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SSC: एसएससी ने योग्यता के लिए लागू किया ‘स्लाइडिंग मैकेनिज्म’, फिक्स और फ्लोट विकल्पों से भरे जाएंगे ज्यादा पद

जॉब्स डेस्क, अमर उजाला Published by: Shahin Praveen Updated Tue, 03 Mar 2026 04:28 PM IST
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सार

SSC Fix and Float Option: एसएससी ने उम्मीदवारों की योग्यता के आधार पर रिक्त पदों को भरने के लिए नया ‘स्लाइडिंग मैकेनिज्म’ लागू किया है। इस व्यवस्था में फिक्स और फ्लोट विकल्प के माध्यम से अधिक से अधिक पदों का आवंटन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि खाली रह जाने वाली रिक्तियों को कम किया जा सके।

Staff Selection Commission Introduces Sliding Mechanism to Fill Maximum Vacancies
SSC - फोटो : ssc.gov.in.
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विस्तार

SSC Sliding Mechanism: कर्मचारी चयन आयोग ने सभी विभागों में योग्य उम्मीदवारों को रिक्त पदों के आवंटन के लिए स्लाइडिंग मैकेनिज्म लागू करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत "फिक्स" और "फ्लोट" विकल्पों के माध्यम से घोषित रिक्तियों को अधिक से अधिक भरने का प्रयास किया जाएगा।

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इस नीति के अनुसार, एसएससी भर्ती परीक्षा 2026 का अंतिम परिणाम चौथे चरण में विकल्प चयन के दौरान अनुपस्थित रहने वाले उम्मीदवारों के कारण खाली रह गई रिक्तियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा। इससे रिक्त पदों को बेहतर तरीके से भरने में मदद मिलेगी।

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स्लाइडिंग सिस्टम क्यों शुरू किया गया?

एसएससी ने यह नया सिस्टम इसलिए प्रस्तावित किया है ताकि परीक्षा के हर चक्र में अधिक से अधिक रिक्त पद भरे जा सकें। इससे योग्य उम्मीदवारों को उनके चयन के अनुसार बेहतर अवसर मिलेगा और अनुपस्थिति के कारण पद खाली नहीं रहेंगे।

पहला आवंटन कैसे होगा?

उम्मीदवारों द्वारा भरी गई वरीयताओं के आधार पर पहला अस्थायी आवंटन किया जाएगा। चयन की पुष्टि के लिए उम्मीदवारों को अपने क्षेत्रीय निदेशक (RD) कार्यालय में जाकर आधार के माध्यम से पहचान सत्यापन पूरा करना होगा।

फिक्स और फ्लोट विकल्प क्या है?

फिक्स (Fix) का मतलब है कि उम्मीदवार को जो पद मिला है, वह उसे स्थायी रूप से स्वीकार है। इसमें आगे कोई अपग्रेड नहीं मिलेगा। फ्लोट (Float) का मतलब है कि यदि भविष्य में उच्च वरीयता का पद खाली होता है, तो उम्मीदवार को अपग्रेड के लिए विचार किया जाएगा। हर परीक्षा चक्र में केवल एक बार ही स्लाइडिंग प्रक्रिया होगी, और कोई प्रतीक्षा सूची नहीं होगी।

अनुपस्थित उम्मीदवारों से खाली पदों की पहचान

चौथे चरण में यदि कुछ उम्मीदवार अनुपस्थित रहते हैं, तो उनकी वजह से खाली पदों की पहचान की जाएगी। इसके बाद फ्लोट विकल्प वाले उम्मीदवारों को योग्यता और वरीयता के आधार पर नए पद दिए जाएंगे और संशोधित अंतिम परिणाम जारी किया जाएगा।

पहले चरण में चयनित उम्मीदवारों को लगभग 10 दिनों का समय मिलेगा आधार सत्यापन और फिक्स/फ्लोट चुनने के लिए। निर्धारित समय में उपस्थित न होने पर उन्हें अनुपस्थित माना जाएगा और आगे कोई अपील स्वीकार नहीं होगी। यह पूरी व्यवस्था अधिक से अधिक रिक्तियां भरने के लिए एक उम्मीदवार-हितैषी पहल है।
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