मरीजों में खून का थक्का बनने की समस्या पहले से मिल रही थी। अब वैज्ञानिकों का कहना है कि खून के थक्के के कारण शरीर के अहम अंग अचानक काम करना बंद कर सकते हैं। कोरोना के तीन गंभीर मरीजों में से एक में ऐसा होने की संभावना रहती है। खून का थक्का जमने और रक्त प्रवाह बंद होने से अचानक दिल का दौरा दौड़ सकता है। स्ट्रोक, किडनी, फेफड़े और दूसरे अंग काम करना बंद कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में मरीज की सडेन डेथ (अचानक मौत) भी हो सकती है।
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गंभीर कोरोना रोगियों के अंग अचानक बंद कर सकते हैं काम करना, वैज्ञानिक बोले- खून का थक्का जानलेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन।
Published by: योगेश साहू
Updated Wed, 12 Aug 2020 10:12 AM IST
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हार्ट अटैक से हो सकती है मौत
- जब इम्युनिटी ही शरीर के खिलाफ हो तो खून का थक्का बनने की संभावना बढ़ जाती है। किंग्स कॉलेज लंदन की थ्रॉम्बोसिस एक्सपर्ट डॉ. हंट बेवर्ले जे का कहना है कि गंभीर मरीजों में ऐसे मामले मिल रहे हैं। इसी कारण मरीज संक्रमण के दौरान या ठीक होने के बाद अचानक हार्ट अटैक से मर जाता है।
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सांकेतिक तस्वीर
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खांसना-छींकना होता है खतरनाक
- खून का थक्का शरीर के निचले हिस्से में बनना शुरू होता है। खांसते-छींकते वक्त ये थक्का फेफड़ों या दूसरे अंगों तक पहुंचता है। वायरस के स्पाइक पर प्रोटीन कोशिकाओं पर मौजूद रिसेप्टर्स पर चिपककर रक्त प्रवाह के जरिए शरीर में घुस संक्रमण फैलाता है। रक्त वाहिकाओं में इससे थक्का बनता है।
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वायरस शरीर में कब तक ये अहम
- वैज्ञानिकों का कहना है कि वायरस जितने लंबे समय तक शरीर में रहता है खून का थक्का बनने का खतरा उतना अधिक है। खून का थक्का जब दूसरे अंगों में पहुंचता है तो अचानक से रक्त प्रवाह बंद होने से रोगी की मौत हो सकती है।

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