मरीजों में खून का थक्का बनने की समस्या पहले से मिल रही थी। अब वैज्ञानिकों का कहना है कि खून के थक्के के कारण शरीर के अहम अंग अचानक काम करना बंद कर सकते हैं। कोरोना के तीन गंभीर मरीजों में से एक में ऐसा होने की संभावना रहती है। खून का थक्का जमने और रक्त प्रवाह बंद होने से अचानक दिल का दौरा दौड़ सकता है। स्ट्रोक, किडनी, फेफड़े और दूसरे अंग काम करना बंद कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में मरीज की सडेन डेथ (अचानक मौत) भी हो सकती है।
{"_id":"5f33380649b2c30a7804dc57","slug":"scientists-said-blood-clot-fatal-coronavirus-patients-organs-can-stop-working-suddenly","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"गंभीर कोरोना रोगियों के अंग अचानक बंद कर सकते हैं काम करना, वैज्ञानिक बोले- खून का थक्का जानलेवा","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
गंभीर कोरोना रोगियों के अंग अचानक बंद कर सकते हैं काम करना, वैज्ञानिक बोले- खून का थक्का जानलेवा
Wed, 12 Aug 2020 10:12 AM IST
योगेश साहू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन।
Published by: योगेश साहू
Updated Wed, 12 Aug 2020 10:12 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
हार्ट अटैक से हो सकती है मौत
- जब इम्युनिटी ही शरीर के खिलाफ हो तो खून का थक्का बनने की संभावना बढ़ जाती है। किंग्स कॉलेज लंदन की थ्रॉम्बोसिस एक्सपर्ट डॉ. हंट बेवर्ले जे का कहना है कि गंभीर मरीजों में ऐसे मामले मिल रहे हैं। इसी कारण मरीज संक्रमण के दौरान या ठीक होने के बाद अचानक हार्ट अटैक से मर जाता है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
खांसना-छींकना होता है खतरनाक
- खून का थक्का शरीर के निचले हिस्से में बनना शुरू होता है। खांसते-छींकते वक्त ये थक्का फेफड़ों या दूसरे अंगों तक पहुंचता है। वायरस के स्पाइक पर प्रोटीन कोशिकाओं पर मौजूद रिसेप्टर्स पर चिपककर रक्त प्रवाह के जरिए शरीर में घुस संक्रमण फैलाता है। रक्त वाहिकाओं में इससे थक्का बनता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
वायरस शरीर में कब तक ये अहम
- वैज्ञानिकों का कहना है कि वायरस जितने लंबे समय तक शरीर में रहता है खून का थक्का बनने का खतरा उतना अधिक है। खून का थक्का जब दूसरे अंगों में पहुंचता है तो अचानक से रक्त प्रवाह बंद होने से रोगी की मौत हो सकती है।