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Arthritis: युवाओं में बढ़ते आर्थराइटिस को लेकर अब तक का सबसे बड़ा खुलासा, हेल्दी आदत ही साबित हो रही विलेन

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Mon, 16 Mar 2026 01:05 PM IST
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सार

ऑस्टियोआर्थराइटिस ऐसी समस्या है जिसमें जोड़ों में दर्द और अकड़न हो जाती है। इसके खिलाफ नियमित व्यायाम सबसे असरदार उपायों में से एक है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि आज की युवा पीढ़ी में तीव्र गति वाले व्यायाम की बढ़ती आदत हड्डियों पर दबाव बढ़ाती जा रही है जिसके कारण ये समस्या बढ़ती जा रही है।

why osteoarthritis increasing in young population high-intensity exercise may be the causes
युवाओं में आर्थराइटिस की बढ़ती समस्या - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार

स्वस्थ रहने के लिए हेल्दी डाइड और नियमित व्यायाम की आदत को स्वास्थ्य विशेषज्ञ सबसे महत्वपूर्ण मानते हैं। शारीरिक रूप से सक्रिय रहना यानी व्यायाम करते रहने और रनिंग-वॉकिंग की आदत आपको क्रॉनिक बीमारियों से बचाए रखने के साथ, हड्डियों और मांसपेशियों से संबंधित समस्याओं को कम करने में मदद करती है। मेंटल हेल्थ को ठीक रखने में भी नियमित व्यायाम की आदत को विशेषज्ञ फायदेमंद मानते हैं। 

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हालांकि आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि युवाओं में डायबिटीज-हृदय रोग जैसी क्रॉनिक बीमारियों के साथ हड्डियों की समस्याएं जैसे आर्थराइटिस और ऑस्टियोपोरोसिस के केस तेजी से बढ़ रही है। इसके लिए शारीरिक निष्क्रियता तो एक कारण है ही, पर अध्ययनकर्ताओं की टीम ने जिस वजह को जिम्मेदार पाया है वह आपको भी चौंका देगी। 
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ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी हड्डियों की समस्याओं से बचने के लिए नियमित व्यायाम को सबसे असरदार उपायों में से एक माना जाता है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि आज की युवा पीढ़ी में व्यायाम को लेकर जुनून उनपर ही भारी पड़ रही है। फिट रहने के लिए लोग जिम में हैवी या लंबे समय तक व्यायाम करते रहते हैं, पर ये आदत असल में उनपर उल्टा भारी ही पड़ रही है।  

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ज्यादा तीव्रता वाले व्यायाम बढ़ा रहे हैं मुश्किलें - फोटो : Adobe Stock photo

ज्यादा तीव्रता वाला व्यायाम हो सकता है खतरनाक

स्वस्थ रहने के लिए नियमित व्यायाम की आदत जरूरी है और फायदेमंद भी, पर जरूरत से ज्यादा व्यायाम या गलत तरीके से व्यायाम आपको फायदे की जगह नुकसान पहुंचाने वाली हो सकती है।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि युवा पीढ़ी में फिटनेस और व्यायाम को लेकर अनावश्यक जुनून उन्हें फ्रैक्चर और जोड़ों की समस्याओं जैसे ऑस्टियोआर्थराइटिस का शिकार बनाता जा रहा है। 
 

  • प्रमुख ऑर्थोपेडिक सर्जनों के शोध से पता चला है कि हाई इंटेंसिटी वाले व्यायाम के कारण घुटने, कूल्हे, पैर और पीठ की चोट औ युवा में हड्डियों से संबंधित समस्याओं में वृद्धि देखी जा रही है।
  • क्रॉसफिट और हायरोक्स जैसी कठिन फिटनेस चैलेंज युवा को अनजाने में ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी दिक्कतों को शिकार बनाता जा रहा है।

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कार्टिलेज घिस जाने की समस्या - फोटो : Freepik.com

ऑस्टियोआर्थराइटिस और इसका बढ़ता खतरा

ऑस्टियोआर्थराइटिस जोड़ों की एक ऐसी बीमारी है जो समय के साथ बढ़ती जाती है और इसे ठीक नहीं किया जा सकता। यह जोड़ों की सुरक्षा करने वाली कार्टिलेज के घिस जाने के कारण होती है।
 

  • ऑस्टियोआर्थराइटिस इसके कारण जोड़ों में दर्द, अकड़न, जोड़ों की हिला पाने में भी कठिनाई और सूजन जैसी समस्या हो सकती है।
  • यह अक्सर हाथों, घुटनों, कूल्हों और रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करती है। 
  • आमतौर पर उम्र बढ़ने, जोड़ों में चोट या इसके ज्यादा इस्तेमाल, मोटापा को प्रमुख कारण माना जाता रहा है। 


लेकिन अब विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि फिट रहने के चक्कर में 'एक्सरसाइज को लेकर युवाओं का जुनून' उनके शरीर पर जोर डाल रहा है'। हैवी व्यायाम के कारण युवा अपनी हड्डियों पर बहुत ज्यादा दबाव डाल रहे हैं, जिसके कारण दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं।

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बहुत जोरदार एक्सरसाइज सेहत के लिए ठीक नहीं - फोटो : Freepik.com

कम उम्र में बढ़ रही है  कार्टिलेज का खराब

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, 70 साल की उम्र तक लगभग आधे से ज्यादा लोगों को गठिया हो जाता है। ये समस्या अब कम उम्र वालों को भी प्रभावित कर रही हैं। कार्टिलेज के खराब होने में इस बढ़ोतरी के कई कारण हो सकते हैं जिनमें जेनेटिक्स, मोटापा, जोड़ों पर बार-बार पड़ने वाला दबाव,  धूम्रपान और चोट शामिल हैं। 
 

  • ट्रॉमा और ऑर्थोपेडिक के जाने-माने कंसल्टेंट टिम सिनेट कहते हैं, 'हम देख रहे हैं कि कम उम्र के मरीजों में भी टेस्ट में कार्टिलेज में गंभीर क्षति देखी जा रही है। 
  • हमारा मानना है कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि वे बहुत ज्यादा और बहुत जोरदार एक्सरसाइज कर रहे हैं। 
  • इससे जाने-अनजाने जोड़ों के आस-पास के सॉफ्ट टिशू में गहरी चोटें लग रही है। 
  • इसका असर तुरंत तो नहीं दिखता है पर लंबे समय में ये आपको जीवनभर रहने वाली गंभीर समस्या देने वाली हो सकती है।

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हड्डियों की बीमारी को कैसे कम करें? - फोटो : Freepik.com

ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या से बचने के लिए क्या करें?

डॉक्टर कहते हैं वैसे को एक उम्र के बाद हड्डियों की समस्या और ऑस्टियोआर्थराइटिस होने का खतरा तो बढ़ ही जाता है, पर कम उम्र में इस तरह की दिक्कतों से बचे रहने के लिए कुछ सावधानियां जरूरी हैं।
 

  • बहुत अधिक तीव्रता वाले व्यायाम बिल्कुल न करें। जिम को कोई भी एक्सरसाइज हमेशा ट्रेनर की निगरानी में ही किया जाना चाहिए।
  • कैल्शियम से भरपूर डेयरी उत्पादों और सूजन कम करने वाले (एंटी-इंफ्लेमेटरी) खाद्य पदार्थों को डाइट का हिस्सा जरूर बनाएं। 


रॉयल ऑस्टियोपोरोसिस सोसाइटी की क्लिनिकल सलाहकार, प्रोफेसर लैनहम-न्यू ने चेतावनी दी: अगर युवाओं ने अपनी डाइट में प्रोसेस्ड चीजों को कम नहीं की और व्यायाम को लेकर सावधानी नहीं बरती तो ये बड़ी समस्याओं का कारण बन सकती है।


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स्रोत:
worrying cause behind the surge of osteoarthritis in younger people


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 

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