Herbal Vs Chemical Holi Colors: कहीं मिलावटी रंग तो नहीं खरीद रहे आप? ऐसे करें असली-नकली हर्बल रंगों की पहचान
Safe Holi Colors Tips: होली खुशियों का त्योहार है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही इसे परेशानी में बदल सकती है। सिर्फ हर्बल लिखा देखकर भरोसा न करें। खुशबू, बनावट, पैकेजिंग का ध्यान रखते हुए मिलावटी रंगों की पहचान करें।
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Milawati Holi Rang Ki Pehchan: होली पर रंगों से खेला जाता है और ये रंग अब बाजारों में सज चुके हैं। सुरक्षित होली के लिए हर्बल रंगों या केमिकल फ्री रंग गुलाल लगाने की सलाह दी जाती है। त्वचा की देखभाल की गंभीरता को समझते हुए लोग स्किन फ्रेंडली रंगों से ही होली खेलना चाहते हैं। हर दुकान पर 100 फीसदी हर्बल, स्किन फ्रेंडली औऱ केमिकल फ्री जैसे बड़े बड़े बोर्ड लगे होते हैं जो दावा करते है कि उनका रंग गुलाल सुरक्षित है। लेकिन क्या वाकई हर्बल कहकर बेचा जा रहा रंग सुरक्षित है?
सच्चाई यह है कि मिलावट का दौर है। मिलावटी चीजों के कारण दावे झूठे बन जाते हैं। होली में भी कई बार केमिकल या मिलावटी रंगों को भी हर्बल रंग बताकर बेचा जाता है। ये रंग त्वचा, आंखों और बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातें जानना बेहद जरूरी है।
अगर आप भी होली के लिए रंग गुलाल खरीदने जा रहे हैं तो दुकानदार के दावों पर विश्वास न करें, बल्कि खुद जांच करें कि रंग हर्बल है या मिलावटी।
सवाल 1: हर्बल रंग आखिर होते क्या हैं?
जवाब: हर्बल रंग प्राकृतिक स्रोतों से बनाए जाते हैं। जैसे फूल, हल्दी, चंदन, मेहंदी, चुकंदर या अन्य पौधों से। इनमें सिंथेटिक डाई, हैवी मेटल या इंडस्ट्रियल केमिकल नहीं होते।
अगर पैकेट पर सिर्फ Herbal लिखा है लेकिन सामग्री नहीं दी गई, तो सतर्क हो जाएं।
सवाल 2: असली हर्बल रंग की खुशबू कैसी होती है?
जवाब: असली हर्बल रंग में हल्की प्राकृतिक खुशबू होती है, जैसे फूलों या हल्दी की।
अगर रंग से तेज, तीखी या केमिकल जैसी गंध आ रही है, तो वह मिलावटी हो सकता है।
सवाल 3: रंग की बनावट से पहचान कैसे करें?
जवाब: हर्बल गुलाल मुलायम और हल्का होता है।
- हाथ में लेने पर पाउडर स्मूद महसूस होता है।
- अगर रंग में दानेदारपन, खुरदरापन या चमक यानी ग्लिटर जैसा असर दिखे तो सावधान रहें।
बहुत ज्यादा चटक और चमकीले रंग अक्सर सिंथेटिक डाई से बने होते हैं।
सवाल 4: क्या पैकेजिंग देखकर भी पहचान हो सकती है?
जवाब: जी हां।
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पैकेट पर सामग्री स्पष्ट लिखी होनी चाहिए।
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नाॅन टाॅक्सिक, Natural Extract Based जैसे शब्दों के साथ प्रमाणन जरूर देखें।
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बिना ब्रांड या ढीले खुले रंग खरीदने से बचें।
सस्ते और बिना लेबल वाले रंग सबसे ज्यादा नुकसानदेह हो सकते हैं।
सवाल 5: घर पर छोटा टेस्ट कैसे करें?
जवाब: थोड़ा सा रंग पानी में मिलाएं। अगर पानी तुरंत गहरा और असामान्य रूप से चटक हो जाए, तो उसमें केमिकल हो सकता है।
हाथ पर थोड़ा लगाकर रगड़े। असली हर्बल रंग आसानी से हट जाता है।
केमिकल रंग चिपक जाते हैं और जल्दी नहीं छूटते।
सवाल 6: केमिकल रंगों से क्या नुकसान हो सकता है?
जवाब:
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स्किन एलर्जी
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खुजली और रैशेज
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आंखों में जलन
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बालों का रूखापन
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सांस की समस्या
कुछ सस्ते रंगों में लेड ऑक्साइड, मर्करी सल्फाइट या क्रोमियम आयोडाइड जैसे हानिकारक तत्व पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए खतरनाक हो सकते हैं।
सवाल 7: सुरक्षित खरीदारी के लिए क्या करें?
जवाब: विश्वसनीय ब्रांड से खरीदें।
- ऑर्गेनिक स्टोर या भरोसेमंद दुकानदार चुनें
- बहुत सस्ते ऑफर से बचें
- बच्चों के लिए खास तौर पर स्किन-फ्रेंडली रंग लें
- चाहें तो घर पर ही हर्बल रंग तैयार करें