National Tourism Day 2026: 25 जनवरी को क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय पर्यटन दिवस? जानिए जरूरी तथ्य
National Tourism Day 2026 Theme: पर्यटन किसी भी देश की अर्थव्यवस्था, उसकी विरासत और पहचान को बढ़ाना देने का काम करता है। पर्यटन के महत्व को समझाने और बढ़ावा देने के उद्देश्य से हर साल 25 जनवरी को पर्यटन दिवस मनाया जाता है।
विस्तार
National Tourism Day 2026 Kab Hai: पर्यटन घूमने के शौक से बढ़कर राष्ट्र निर्माण की रीढ़ है। पर्यटन से रोजगार बढ़ता है, विराजसत सहेजी जाती है और पहचान संरक्षित रहती है। भारत की अर्थव्यवस्था पर पर्यटन काफी असर होता है। पर्यटन के इसी महत्व को समझते हुए हर साल पर्यटन को समर्पित किया जाता है।
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस कब मनाया जाता है, क्यों मनाया जाता है? इस दिन का इतिहास, उद्देश्य, महत्व और 2026 पर्यटन दिवस की थीम क्या है? इन सवालों के जवाब जानकर इस दिन को अपनाना और मनाना आसान हो जाएगा। आइए जानते हैं राष्ट्रीय पर्यटन दिवस से जुड़ी जरूरी बातें।
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
पर्यटन दिवस साल में दो बार मनाया जाता है, एक राष्ट्रीय स्तर पर और एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन दिवस। हालांकि भारत में राष्ट्रीय पर्यटन दिवस हर साल 25 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन सिर्फ़ यात्राओं का उत्सव नहीं, बल्कि उस आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक ताक़त का सम्मान है, जो पर्यटन देश को देता है। वहीं विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर को मनाया जाता है।
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 2026 की थीम
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस की आधिकारिक थीम हर साल भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय (Ministry of Tourism) द्वारा घोषित की जाती है। पर्यटन दिवस 2026 की थीम है 'ग्रामीण और समुदाय केंद्रित पर्यटन (Rural and Community Centric Tourism)'
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस का इतिहास
- देश में पर्यटन दिवस की नींव 1948 में रख दी गई थी, जब पर्यटन यातायात समिति का गठन हुआ।
- समिति के गठन के तीन साल बाद 1951 में कोलकाता और चेन्नई में पर्यटन दिवस के क्षेत्रीय कार्यालय शुरू किए गए।
- बाद में दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में भी पर्यटन कार्यालय बनें।
- भारत में पर्यटन को संगठित रूप से बढ़ावा देने के लिए 1966 में भारतीय पर्यटन विकास निगम और 1967 में पर्यटन मंत्रालय की स्थापना हुई।
- बाद में वर्ष 1998 में पर्यटन और संचार मंत्री के नेतृत्व में पर्यटन विभाग की स्थापना हुई।
- 25 जनवरी को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के रूप में चुना गया, ताकि गणतंत्र दिवस से ठीक पहले देश अपनी सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधता पर गर्व कर सके।
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस का महत्व
- अर्थ व्यवस्था
पर्यटन भारत के GDP में बड़ा योगदान देता है। होटल, ट्रांसपोर्ट, गाइड, हस्तशिल्प हर कड़ी रोज़गार से जुड़ी है।
- संस्कृति और विरासत का संरक्षण
जब लोग काशी, हम्पी या कोणार्क देखने जाते हैं, तो सिर्फ़ तस्वीरें नहीं लेते, इतिहास को ज़िंदा रखते हैं।
- ग्रामीण भारत को ताक़त
होम-स्टे, इको-टूरिज्म और लोकल गाइड्स ने गांवों में पलायन की रफ़्तार कम की है। यह विकास ज़मीन से जुड़ा है।
- भारत की वैश्विक छवि
Incredible India एक पहचान है, जो योग, आयुर्वेद, अध्यात्म और विविधता को दुनिया तक पहुंचाती है।
भारत में पर्यटन के प्रमुख रूप
- धार्मिक पर्यटन- काशी, केदारनाथ, वैष्णो देवी
- ऐतिहासिक पर्यटन- ताजमहल, क़ुतुब मीनार, किले
- प्राकृतिक पर्यटन- हिमालय, केरल बैकवॉटर, नॉर्थ-ईस्ट
- हेल्थ और वेलनेस टूरिज्म- योग, आयुर्वेद, पंचकर्म
- एडवेंचर टूरिज्म- ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, स्कूबा