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Lucknow News: कथक के मंच पर दिखा लय और ताल का संगम
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कथक के मंच पर दिखा लय और ताल का संगम
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लखनऊ। लय स्पंदन में ढली कथक की प्रस्तुतियों ने शनिवार को आयोजित परंपरा-2026 समारोह को जीवंत कर दिया। पद्मजा कला संस्थान की ओर से कैसरबाग स्थित कलामंडपम प्रेक्षागृह में संगीत और नृत्य से सजी शाम में कथक नृत्यांगना आकांक्षा श्रीवास्तव के 80 से अधिक शिष्यों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पद्मश्री मालिनी अवस्थी और विशिष्ट अतिथि पद्मश्री विद्या विंदु सिंह रहीं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत प्रेरक रचना रिदम ऑफ करेज से हुई। इसमें लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती... पर आधारित अभिनय और कथक नृत्य प्रस्तुत किया गया। आकांक्षा श्रीवास्तव की परिकल्पना और निर्देशन में दूसरी प्रस्तुति कथक नृत्य नाटिका जननी की रही। बृजेंद्र नाथ श्रीवास्तव के संगीत निर्देशन में कलाकारों ने एक वही शक्ति ऐसी मां जो कहलाती है, ईश बनकर इस धरा पर सृष्टि को बचाती है... पर नृत्य संयोजन पेश किया। इस प्रस्तुति में मां और बेटे के मार्मिक संबंध को मंच पर साकार किया गया, जिसमें आकांक्षा श्रीवास्तव ने भी नृत्य प्रदर्शन किया। तबले पर पंडित विकास मिश्रा ने साथ दिया, जबकि प्रियंका सिंह और आकांक्षा श्रीवास्तव ने नाट्य संवाद उच्चारित किए।
इन विभूतियों को मिला पद्मजा सम्मान
इस अवसर पर गायिका पद्मा गिडवानी, तबला वादक पंडित रविनाथ मिश्रा, कथक कलाकार मीरा दीक्षित और मंजुला पंत सहित कवयित्री ज्योति सिन्हा को पद्मजा सम्मान से नवाजा गया। समारोह में प्रकाश संचालन मनीष सैनी का रहा, जबकि कार्यक्रम का संचालन अलका निवेदन ने किया। संस्था के अध्यक्ष सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया।
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सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत प्रेरक रचना रिदम ऑफ करेज से हुई। इसमें लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती... पर आधारित अभिनय और कथक नृत्य प्रस्तुत किया गया। आकांक्षा श्रीवास्तव की परिकल्पना और निर्देशन में दूसरी प्रस्तुति कथक नृत्य नाटिका जननी की रही। बृजेंद्र नाथ श्रीवास्तव के संगीत निर्देशन में कलाकारों ने एक वही शक्ति ऐसी मां जो कहलाती है, ईश बनकर इस धरा पर सृष्टि को बचाती है... पर नृत्य संयोजन पेश किया। इस प्रस्तुति में मां और बेटे के मार्मिक संबंध को मंच पर साकार किया गया, जिसमें आकांक्षा श्रीवास्तव ने भी नृत्य प्रदर्शन किया। तबले पर पंडित विकास मिश्रा ने साथ दिया, जबकि प्रियंका सिंह और आकांक्षा श्रीवास्तव ने नाट्य संवाद उच्चारित किए।
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इस अवसर पर गायिका पद्मा गिडवानी, तबला वादक पंडित रविनाथ मिश्रा, कथक कलाकार मीरा दीक्षित और मंजुला पंत सहित कवयित्री ज्योति सिन्हा को पद्मजा सम्मान से नवाजा गया। समारोह में प्रकाश संचालन मनीष सैनी का रहा, जबकि कार्यक्रम का संचालन अलका निवेदन ने किया। संस्था के अध्यक्ष सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया।

कथक के मंच पर दिखा लय और ताल का संगम

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